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रेयान मामला: बच्चे के पिता ने दावा किया मंत्री ने कहा था सीबीआई जांच की मांग मत करो

पिता ने किशोर न्याय बोर्ड से अनुरोध किया कि जांच के दौरान आरोपी छात्र के ख़िलाफ़ एक वयस्क की तरह केस चलाया जाए.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

गुड़गांव: गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में आठ सितंबर को मारे गए सात साल के बच्चे प्रद्युम्न के पिता बरुण चंद्र ठाकुर ने बुधवार को आरोप लगाया कि हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह ने उनसे कहा था कि सीबीबाई जांच की मांग पर जोर न दें.

मंत्री ने हालांकि इन दावों को निराधार बताकर खारिज किया है. ठाकुर ने कहा कि मंत्री ने उनसे कहा था कि सीबीआई जांच के खत्म होने में कम से कम एक साल का वक्त लगेगा और उन्हें राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा करना चाहिए.

ठाकुर ने पीटीआई को बताया, ‘पहले मुझे समझ नहीं आया कि मंत्री ने ऐसा क्यों कहा… लेकिन मीडिया में उनके बयान कि सीबीआई जांच की मांग करना फैशन बन गया है और वह सीबीआई द्वारा 11वीं के छात्र को आरोपी बनाए जाने पर विश्वास नहीं करते, से मुझे उन पर संदेह हुआ… वह हमें हतोत्साहित करना चाहते थे जिससे हमें सीबीआई जांच की मांग न करें.’

पिता ने कहा कि उन्होंने मंत्री को बताया कि अगर सीबीआई भी समान नतीजे पर पहुंचती है तब हम इसे मान लेंगे लेकिन हम पहले सीबीआई जांच चाहते हैं.

नरबीर सिंह, मनोहर लाल खट्टर सरकार में लोक निर्माण मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि वह बच्चे की हत्या के बाद यद्यपि ठाकुर के घर गए थे लेकिन उन्होंने कभी भी उनसे सीबीआई जांच की मांग नहीं करने की बात नहीं कही थी.

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, कोई भी सरकार घटना के दिन ही मामले की जांच को सीबीआई को नहीं सौंप देती. उसके पिता से पूछिये… मैंने उनसे कहा था कि सरकार को कम से कम 4-5 दिन जांच तो करने दीजिए और अगर वह उससे संतुष्ट न हों तब हम सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे.

गुड़गांव के बादशाहपुर से विधायक सिंह नरबीर सिंह ने कहा, अगर पहले दिन ही जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी तब इसका मतलब है कि हरियाणा पुलिस विफल हो गई. प्रदेश की एजेंसी पहले जांच करती है.

मंत्री ने कहा कि ठाकुर की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खुद मुख्यमंत्री से बात कर सीबीआई जांच पर जोर दिया जिसका आदेश कुछ ही दिनों में कर दिया गया था.

उन्होंने कहा, यह स्तब्ध करने वाला है कि निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं. इस बीच ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा, ‘बरुण ने मुझे बताया कि मंत्री और आरोपी छात्र के पिता के बीच बेहद नजदीकियां हैं.’

मंत्री ने हालांकि इस बात से इनकार किया है कि वह 11वीं के छात्र के परिवार को जानते हैं जिसे हत्या के संबंध में सीबीआई ने हाल ही में पकड़ा है.

सिंह ने कहा, मैं किशोर या उस जगह को नहीं जानता जहां से वह आता है. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार को फौरन सीबीआई को जांच सौंप देनी चाहिए थी.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इस मामले में खट्टर सरकार की भूमिका उजागर हो चुकी है.

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक प्रद्युम्न के पिता ने किशोर न्याय बोर्ड से इस गंभीर जुर्म को करने के लिए आरोपी छात्र पर जांच के दौरान एक वयस्क की तरह केस चलाए जाने का अनुरोध किया है. बोर्ड ने उनके आवेदन को मानते हुए मामले की सुनवाई की तारीख़ 22 नवंबर तय की है.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, सीबीआई ने अब तक कंडक्टर अशोक कुमार को क्लीन चिट नहीं दी है. प्रद्युम्न की हत्या के मामले में 11वीं के छात्र की गिरफ्तारी के बाद ऐसा माना जा रहा था कि सीबीआई की तरफ से शायद कंडक्टर अशोक कुमार को क्लीनचिट मिल जाए. अब कोर्ट ने कंडक्टर की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है.