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पूर्व जजों ने लिखा चीफ जस्टिस को ख़त, कहा सुप्रीम कोर्ट के काम में लाएं पारदर्शिता

ख़त में पूर्व जजों ने चीफ जस्टिस से गुज़ारिश की है कि जनता का न्यायपालिका में भरोसा बनाए रखने के लिए मामले बेंच में भेजने संबंधी समस्या का जल्द से जल्द हल निकाला जाए.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों के शीर्ष अदालत की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाने के बाद अब चार सेवानिवृत्त न्यायाधीशों में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को एक खुला पत्र लिखा है.

इन जजों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीबी सावंत, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एपी शाह, मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस चंद्रू और बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एच सुरेश शामिल हैं.

इन जजों ने चीफ जस्टिस से गुजारिश की है कि जजों द्वारा उठाई गयी परेशानियों का जल्द से जल्द हल निकाला जाए, जिससे जनता का न्यायपालिका में विश्वास बना रहे.

इस पत्र में कहा गया है कि जजों द्वारा केस बांटने को लेकर उठाए गए सवाल गंभीर हैं. इसका न्यायिक प्रशासन और कानून पर बुरा असर होगा.

जजों ने यह माना है कि मुख्य न्यायाधीश किसी भी बेंच को मामला भेज सकते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इसे मनमाने तरीके से किया जाए यानी चीफ जस्टिस द्वारा संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले किसी विशेष जूनियर जज की बेंच को दे दिए जायें.

ख़त में यह भी कहा गया है, ‘इस मामले का हल तलाशना जरूरी है और मामले बेंचों भेजने के लिए नियम बनाने की आवश्यकता है. ये नियम तर्कपूर्ण और पारदर्शी होने चाहिए. लोगों का न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट में भरोसा वापस लाने के लिए ऐसा फौरन किया जाना चाहिए. जब तक ऐसा नहीं होता तब तक सभी लंबित संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों की संवैधानिक पीठ को देखने चाहिए.’