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भारत में करणी सेना का बंद बेअसर, ​पाकिस्तान ने बिना कट पद्मावत को दी मंज़ूरी

विरोध के बीच फिल्म पद्मावत रिलीज़. सिनेमाघरों में उमड़े दर्शक. कई राज्यों में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स वालों ने फिल्म की रिलीज़ करने से मना किया. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों में भाजपा के लोग शामिल.

Coimbatore: Activists of Rashtriya Rajput Karni Sena holding banners and raising slogans during a protest against the release of the film "Padmaavat" in Coimbatore on Thursday. PTI Photo (PTI1_25_2018_000088B)

बृहस्पतिवार को कोयंबटूर में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फिल्म पद्मावत के विरोध में प्रदर्शन किया. (फोटो: पीटीआई)

अहमदाबाद/इंदौर/इस्लामाबाद: भारी विरोध के बाद भारत में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत रिलीज़ हो चुकी है. फिल्म के विरोध में खड़ी करणी सेना ने गुजरात और मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बंद का आह्वान किया था, जो कि बेअसर साबित हुआ. इस बीच ख़बर है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में बिना किसी कट के फिल्म के प्रदर्शन को मंज़ूरी दे दी गई है.

फिल्म के ख़िलाफ़ करणी सेना के राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान का बृहस्पतिवार को गुजरात के किसी भी प्रमुख शहर में विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिला. राज्य के अधिकांश हिस्सों में शैक्षणिक प्रतिष्ठान, कार्यालय और बाज़ार खुले रहे.

हालांकि, एक अधिकारी ने बताया कि एहतियाती उपाय के तहत गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने अहमदाबाद से मेहसाणा और बनासकांठा के बीच अपनी बस सेवा बंद कर दी है.

अहमदाबाद संभागीय क्लेक्टर एके परमार ने बताया, ‘पिछले कुछ दिनों से इन मार्गों पर कई बसों को निशाना बनाया जा रहा है ऐसे में हमने अहमदाबाद से मेहसाणा और उत्तर गुजरात के बनासकांठा के बीच बस सेवा बंद कर दी है.’

उन्होंने बताया, ‘स्थिति की समीक्षा के बाद हम इन मार्गों पर सेवा शुरू कर देंगे. अन्य सभी मार्गों पर बसें निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं.’

राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बंद के आह्वान के बीच बृहस्पतिवार सुबह से राज्य के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

प्रमुख शहरों में जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है. सभी शिक्षण और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले हुए हैं. पुलिस ने बताया कि राजकोट शहर में सामान्य जीवन अप्रभावित रहा.

इंदौर में करणी सेना का बंद लगभग बेअसर

फिल्म के ख़िलाफ़ करणी सेना और अन्य संगठनों का बृहस्पतिवार को आहूत बंद इंदौर में लगभग बेअसर नज़र आया. लेकिन किसी भी स्थानीय टाकीज़ में इस बॉलीवुड शाहकार का प्रदर्शन नहीं होने के चलते हजारों सिनेमाप्रेमियों को निराश होना पड़ा.

शहर के अधिकांश कारोबारी प्रतिष्ठान और दफ्तर बृहस्पतिवार को खुले रहे. सड़कों पर भी आम दिनों की तरह यातायात नज़र आया.

चश्मदीदों ने बताया कि फिल्म का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने जब राजबाड़ा इलाके में कुछ दुकानों को जबरन बंद कराने की कोशिश की, तब पुलिस अफसरों ने उन्हें फटकार लगाई.

इस क्षेत्र में कुछ दुकानदारों ने प्रदर्शनकारियों के जुलूस को देखकर अपनी दुकानों के दरवाज़े ख़ुद ही बंद कर लिए. हालांकि, प्रदर्शनकारियों के जाते ही ये दुकानें फिर खोल दी गई.

इस बीच, करणी सेना की धमकियों के बाद शहर के किसी भी सिनेमाघर में पद्मावत का प्रदर्शन नहीं किया गया. अधिकांश मल्टीप्लेक्स की टिकट खिड़कियों पर इस सूचना की पर्ची चिपका दी गई कि यहां पद्मावत नहीं दिखायी जा रही है.

विजय नगर क्षेत्र के एक मल्टीप्लेक्स के बाहर कॉलेज छात्रा तनया जोशी ने कहा, ‘मुझे पद्मावत को लेकर काफी उत्सुकता है. यह बात मायूस करने वाली है कि शहर के किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्म नहीं दिखायी जा रही है.’

उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे मौका मिलेगा तो मैं यह फिल्म ज़रूर देखूंगी.’

पाकिस्तान में पद्मावत को बिना कट मिली रिलीज़ की मंजूरी

पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने विवादित भारतीय फिल्म पद्मावत के किसी भी दृश्य पर बिना कैंची चलाए देश में स्क्रीनिंग के लिए मंज़ूरी दे दी है.

इस्लामाबाद स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर्स (सीबीएफसी) के अध्यक्ष मोबशीर हसन ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि बोर्ड ने फिल्म को पास कर दिया है.

उन्होंने टि्वटर पर लिखा, ‘सीबीएफसी ने भारतीय कलाकारों वाली फीचर फिल्म पद्मावत के किसी भी दृश्य पर बिना कैंची चलाए यू सर्टिफिकेट के साथ सिनेमाघरों में दिखाने की घोषणा की है.’

इस मंज़ूरी के साथ ही संजय लीला भंसाली की पीरियड फिल्म पाकिस्तान में रिलीज़ होने के लिए तैयार है. पहले ऐसा कहा जा रहा था कि दिल्ली सल्तनत के मुस्लिम शासक अलाउद्दीन ख़िलजी की नकारात्मक छवि पेश करने के कारण इस फिल्म पर कैंची चलाई जा सकती है.

हसन ने कहा, ‘सीबीएफसी कला, रचनात्मकता और स्वस्थ मनोरंजन में लेकर पक्षपात नहीं करता.’

पद्मावत के प्रदर्शनकारियों में भाजपा के लोग शामिल: अखिलेश

लखनऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि बॉलीवुड फिल्म पद्मावत के विरोध में प्रदर्शन करने वालों में भाजपा के लोग शामिल हैं.

फिल्म को लेकर हो रहे विरोध पर अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, ‘विरोध प्रदर्शन में भाजपा के लोग शामिल हैं. एक ओर वे (भाजपा) विरोध कर रहे हैं तो दूसरी ओर ऐसा दिखा रहे हैं कि मानो वे हालात को नियंत्रित कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में हुए प्रदर्शनों की सीसीटीवी फुटेज देखी जाए तो पता चलेगा कि प्रदर्शन के पीछे कौन है. उन्होंने भाजपा पर देश का माहौल ख़राब करने का आरोप भी लगाया.

ग़ौरतलब है कि सपा नेता अहमद हसन ने बुधवार को कहा था कि योगी आदित्यनाथ सरकार क़ानून व्यवस्था क़ायम रखने में विफल है. उन्होंने राज्यपाल राम नाईक से हस्तक्षेप का अनुरोध किया.

उत्तर प्रदेश में सभी ज़िलों के पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी एहतियाती कदम उठाएं और पूरी सतर्कता बरतें.

पद्मावत की रिलीज़ के मद्देनज़र अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने सभी ज़िलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि वे माल और सिनेमाघरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें. अतिरिक्त चौकसी बरतें.

विरोध और तनाव के बीच संजय लीला भंसाली की फिल्म देशभर में रिलीज़, सिनेमाघरों में उमड़े दर्शक

मुंबई/नई दिल्ली: पद्मावत आख़िरकार कड़ी सुरक्षा और तनाव के बीच बृहस्पतिवार को रिलीज़ हो गई. देशभर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं. शुरुआती खबरों के अनुसार फिल्म अच्छा कारोबार कर रही है. हालांकि, फिल्म को विभिन्न राजपूत समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा है. इन समूहों का आरोप है कि फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है.

दिल्ली में फिल्म के सुबह नौ बजे के शो के लिए लगभग 60 से 70 प्रतिशत दर्शक आए, जबकि मुंबई में यह संख्या कुछ कम 40 से 50 प्रतिशत के बीच थी.

देर शाम के शो समेत दिन के सभी शो की लगभग सभी टिकटों बिक चुकी हैं. फिल्म कारोबार से जुड़े विश्लेषकों को उम्मीद है कि लंबा सप्ताहांत होने के चलते फिल्म अच्छा कारोबार करेगी.

सिनेमा ओनर्स एंड एक्ज़िबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सदस्य नितिन दतार ने कहा, ‘अब तक फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. हमें उम्मीद है कि शाम में यह और बढ़ेगा.’

फिल्म को देख चुके ज़्यादातर लोगों ने पिछले कुछ सप्ताह में हुई हिंसा की निंदा की. इन लोगों ने विशेषकर बीते बुधवार को गुडगांव में स्कूल बस पर हुए पथराव की निंदा की और कहा कि फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है.

पश्चिमी दिल्ली के सत्यम सिनेप्लेक्स जैसे कुछ सिनेमाघरों में पूरी पहली पंक्ति में वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी नज़र आए. हॉल में बाउंसर भी थे.

ग़ौरतलब है कि फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका निभाई है, जबकि रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन ख़िलजी का किरदार निभाया है.

मुंबई के एक सिनेमाघर में फिल्म का पहला शो देखने वाले एक राजपूत दर्शक ने अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं करने के आग्रह पर बताया कि भंसाली ने ‘शानदार’ प्रयास किया है.

उन्होंने कहा कि फिल्म में या ‘घूमर’ गीत में कुछ भी ग़लत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं एक राजपूत हूं और मुझे यह देखकर दुख हुआ कि इस फिल्म को लेकर लोग इस तरह का बर्ताव क्यों कर रहे है. हिंसा और धमकियां सभी ग़ैर ज़रूरी और दुखद है. हम इसका कभी भी समर्थन नहीं कर सकते है.’

फिल्म देखने वाले एक अन्य दर्शक चंकी मेहता ने बताया कि फिल्म में राजपूत समुदाय को अच्छे ढंग से पेश किया गया है और यह ‘शर्मनाक’ है कि कुछ लोग असुरक्षित और भय का माहौल बना रहे है.

राजस्थान के रहने वाले एक दर्शक ध्रुव सिंह ने कहा, ‘फिल्म में एक भी ‘ड्रीम सीन’ नहीं है इसलिए मैं नहीं जानता कि यह हिंसा और उपद्रव किस चीज़ को लेकर है. बच्चों पर हमला, बसों को जलाए जाने का हम समर्थन नहीं करते है. जो भी कुछ घटित हो रहा है वह शर्मनाक है.

दिल्ली में पीवीआर प्लाजा के बाहर एक दर्शक वरुण ने कहा, ‘फिल्म को बेहतरीन ढंग से फिल्माया गया है. फिल्म में कोई ऐसा ‘ड्रीम सीन’ नहीं है, जिसे रणवीर और दीपिका पर फिल्माया गया हो. यह विरोध प्रदर्शन ग़लत है.’

एक कॉलेज छात्रा प्रिया ने कहा कि भंसाली ने अपनी इस नई फिल्म में ‘महिला शक्ति’ का सम्मान किया है.

उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से भंसाली ने पद्मावत बनाई है, वह बहुत सुंदर है. महिला किरदार वास्तव में काफी मज़बूत दिखाए गए हैं. फिल्म में मुझे वास्तव में दीपिका बहुत पसंद आई.’

बैंकर विनीत ने कहा कि उन्हें कोई डर नहीं है और वह केवल करणी सेना जैसे कुछ समूहों द्वारा पैदा की गई अशांत स्थिति के कारण फिल्म को देखने का मौका नहीं चूकेंगे.

उन्होंने कहा, ‘संविधान पर मेरा पूरा भरोसा है और मैं फिल्म देखने को लेकर भयभीत नहीं हूं. मुझे हमारी पुलिस पर भरोसा है. फिल्म देखने के बाद मैं अपने दोस्तों को भी जल्द से जल्द यह फिल्म देखने के लिए कहूंगा.’

राजस्थान के कई हिस्सों में फिल्म के विरोध में प्रदर्शन जारी

जयपुर: राजस्थान में तोड़-फोड़, आगजनी और हंगामों के डर से सिनेमाघरों, मल्टीपलेक्स मालिकों ने पद्मावत को रिलीज़ नहीं किया है, इसके बावजूद फिल्म के विरोध में प्रदेश के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन हो रहे हैं.

श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल मकराना ने कहा कि फिल्म के विरोध में हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. संगठन ने फिल्म के विरोध में बृहस्पतिवार को जयपुर में एक बाइक रैली निकाली जबकि अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन हुए.

फिल्म के विरोध में करणी सेना के सदस्यों ने कड़ी सुरक्षा के बीच जयपुर में बाइक रैली निकाली.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एनआरके रेड्डी ने बताया कि चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में फिल्म के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं.

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कोटा-बूंदी राजमार्ग पर जाम लगाया जबकि उदयपुर में कुछ दुकानों पर पत्थरबाज़ी की. डूंगरपुर-अहमदाबाद मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है. उदयपुर में पत्थरबाज़ी से लगभग 24 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं. प्रदर्शनकारियों ने उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर भी जाम लगाया.

उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और हालात सामान्य हो गए हैं. छिट-पुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

फिल्म के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच शहर में बृहस्पतिवार से शुरू हुए पांच दिवसीय ‘जयपुर साहित्य उत्सव’ के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

राजस्थान में क़ानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सिनेमाघरों के मालिकों और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के सदस्यों ने फिल्म को प्रदर्शित नहीं करने का फैसला किया है. यह निर्णय संपत्ति और आगंतुकों के जोख़िम के दृष्टिगत लिया गया है.

एंटरटेनमेंट पैराडाइज़ के प्रबंधक गोविंद गुप्ता ने बताया कि हर व्यक्ति सुरक्षा को लेकर चिंतित है, इसलिए प्रदेश में फिल्म को परदे पर नहीं उतारा गया है.

उत्तर प्रदेश में सिनेमाघरों के बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विवादास्पद फिल्म पदमावत बृहस्पतिवार को तनाव भरे माहौल में रिलीज़ हो गई. सुरक्षा के लिहाज़ से सिनेमाघरों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल एवं दमकल की गाड़ियां तैनात की गई हैं.

राजधानी लखनऊ में फिल्म नॉवेल्टी, शुभम, सुदर्शन, प्रतिभा और आनंद सहित कुछ सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई, हालांकि सुबह कोई शो हाउसफुल नहीं रहा.

एक सिनेमाघर के प्रबंधक ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि हमें इसके बाद के शो में ज़्यादा दर्शकों के आने की उम्मीद है. मॉर्निंग शो में संभवत: लोग ठंड और सिनेमाघरों में तोड़-फोड़ की आशंका के कारण नहीं आए हैं.

लखनऊ के अलावा अन्य ज़िलों से आ रही ख़बरों के मुताबिक जिन सिनेमाघरों में संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म का प्रदर्शन हो रहा है, उनके बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है.

राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा शहर में एहतियात के तौर पर कई बड़े निजी स्कूलों ने आठवीं कक्षा के बच्चों को बृहस्पतिवार को छुट्टी दे दी है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिनेमाघरों के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. किसी को क़ानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है.

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने सभी ज़िलों के पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पुलिस बल चौकसी बरतें विशेषकर मॉल और सिनेमाघरों के आसपास पूरी सतर्कता बरती जाए.

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित दो मॉल के बाहर बीते बुधवार को प्रदर्शन हुए. पुलिस हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रही और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया.

मुंबई और गोवा में सिनेमाघरों के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

मुंबई: फिल्म के विरोध को देखते हुए मुंबई पुलिस ने शहर के सिनेमाघरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अधिकारियों ने बताया कि शहर पुलिस ने बुधवार को करणी सेना के 100 से अधिक समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया है.

उन्होंने बताया कि सिनेमाघरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के अलावा ज़रूरत पड़ने पर अंदर भी कुछ पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अनेक स्थानों से लोगों को हिरासत में लिया गया है.

दूसरी तरफ गोवा में भी इस फिल्म के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. गोवा के पुलिस महानिदेशक मुक्तेश चंदर ने बृहस्पतिवार को कहा कि फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए थियेटर के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई है.

उन्होंने कहा, ‘हम नज़र रख रहे हैं और पद्मावत दिखाने वाले सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.’ राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने पहले ही कहा था कि अगर इसे सेंसर बोर्ड से मंज़ूरी मिल जाती है तो इसे राज्य में प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा.

कोलकाता में सुरक्षा कड़ी

कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने शहर भर में ख़ासकर मॉल और मल्टीप्लेक्सों के आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं ताकि पद्मावत की रिलीज़ के बाद कोई हिंसा नहीं हो.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्सों के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. हम सिनेमाघरों के पास किसी समूह को एकत्रित नहीं होने दे रहे. सिनेमाघरों में भीड़ पर नज़र रखने के लिए सार्दी वर्दी में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फिल्म के समर्थन में सामने आईं. उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म के प्रदर्शन से उन्हें प्रसन्नता होगी क्योंकि उच्चतम न्यायालय का सम्मान किया जाना चाहिए.

कोलकाता में राज्य सचिवालय में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यह एक फिल्म है. इसका नाम भी बदल दिया गया. जिन राज्यों में समस्या आ रही है वहां भाजपा का शासन है.’

करणी सेना का पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी गिरफ्तार

नोएडा: फिल्म पद्मावत के विरोध में हिंसक घटना को अंजाम देने वाले करणी सेना के पश्चिमी उप्र के प्रभारी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है.

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुनीति सिंह ने बताया कि 21 जनवरी को फिल्म पद्मावत के विरोध में करणी सेना के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में लोगों ने परी चौक पर तोड़फोड़ की थी. ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों से भी भीड़ ने बदसलूकी की थी.

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को थाना कासना पुलिस ने करणी सेना के पश्चिमी उप्र के प्रभारी करण ठाकुर को गिरफ्तार किया. वह थाना रबूपुरा क्षेत्र के फलैदा गांव के रहने वाले हैं.

मालूम हो कि 21 जनवरी को फिल्म पद्मावत के विरोध में लोग काफिले के रूप में विभिन्न हिस्सों में तोड़फोड़ करते परी चौक पहुंचे. इस मामले में सैकड़ों लोगों के ख़िलाफ़ थाना सेक्टर 20, थाना कासना, थाना दादरी में मामला दर्ज किया गया था.

छत्तीसगढ़ में तकरीबन 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत अन्य शहरों में पद्मावत फिल्म का विरोध कर रहे बजरंग दल के 70 कार्यकर्ताओं समेत 100 लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि शहर के मैग्नेटो मॉल के करीब पद्मावत फिल्म का विरोध करने पहुंचे बजरंग दल के 70 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया. दल के कार्यकर्ता यहां मोटर साइकिल रैली लेकर पहुंचे थे. कार्यकर्ता जब फिल्म के विरोध में नारेबाज़ी करने लगे तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

अग्रवाल ने बताया कि रायपुर शहर के अन्य सिनेमाघरों जहां पद्मावत फिल्म लगी हैं वहां सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

शहर के श्याम सिनेमाघर के संचालक ललित तिवारी ने बताया कि सिनेमाघर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम है. हालांकि विवाद की आशंका के कारण सुबह के शो में कम दर्शक ही आए. उम्मीद है कि आने वाले समय में दर्शकों की संख्या बढ़ेगी.

बिलासपुर से मिली जानकारी के अनुसार शहर के तीन सिनेमाघरों में यह फिल्म लगाई गई है. राजपूत समाज के लोग जब फिल्म के विरोध के लिए अपने इमलीपारा स्थित कार्यालय में एकत्र हुए थे तब पुलिस ने लगभग 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

इधर, रायगढ़ जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ छत्रीय युवा महासभा के युवकों ने बृहस्पतिवार को शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली और यहां के रामनिवास टॉकिज़ चौक में फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला दहन किया. शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

बुधवार को जारी रहीं हिंसा की घटनाएं, गुड़गांव में बच्चों से भरी स्कूल बस पर हमला

जयपुर/मुंबई/अहमदाबाद/लखनऊ: संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की रिलीज़ से एक दिन पहले विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज़ हो गया, गुड़गांव में जहां एक स्कूल बस पर हमला किया गया तो वहीं उत्तर प्रदेश में एक संगठन ने दीपिका पादुकोण की नाक काटकर लाने वाले के लिए इनाम की घोषणा की.

इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क यातायात को बाधित किया. कई राज्यों में हिंसक घटनाएं भी हुईं.

जयपुर में कथित तौर पर करणी सेना के सदस्यों ने राज्य परिवहन की दो बसों को क्षतिग्रस्त किया और शहर के कलवर इलाके में एक मार्ग को अवरुद्ध किया. मुंबई और नासिक से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया.

हरियाणा के गुड़गांव में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने एक बस में आग लगा दी और राजमार्ग पर यातायात बाधित किया. इधर, लखनऊ में गुस्साई भीड़ को तितरबितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

इस बीच, अहमदाबाद में पुलिस ने कल रात मॉल के बाहर हुई तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं के संबंध में 50 लोगों को गिरफ्तार किया. प्रदर्शनकारियों ने शहर में तीन मल्टीप्लेक्स के बाहर खड़े 30 स्कूटरों और बाइक को आग लगा दी थी.

प्रभारी पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार ने बुधवार को कहा कि फिल्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कारण पूरे गुजरात से 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

उन्होंने बताया कि करीब 20,000 पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को गुजरात में तैनात किया गया है. केंद्र सरकार की तरफ से बीएसएफ और आरएएफ जैसे अर्धसैनिक बलों की 16 कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं.

विवादित फिल्म के लिए एक और बुरी ख़बर आई. लगभग 75 फीसदी मल्टीप्लेक्स मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा.

एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक अशर ने बताया, ‘हमने चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में फिल्म नहीं चलाने का फैसला किया है क्योंकि स्थानीय प्रबंधन ने हमें बताया कि कानून-व्यवस्था के हालात अच्छे नहीं हैं.’

इधर, गुजरात के सिनेमाघर मालिकों ने बुधवार को कहा कि फिल्म को लेकर पैदा विवाद सुलझने तक राज्य के किसी भी मल्टीप्लेक्स या सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर में इस फिल्म को नहीं दिखाया जाएगा.

पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश में करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक तीन को अवरुद्ध किया.

गुड़गांव में इस बीच स्तब्धकारी घटना हुई. यहां उन्मादी भीड़ ने एक स्कूल बस पर हमला कर दिया. बस में सवार जीडी गोयनका वर्ल्ड स्कूल के करीब 20-25 छात्र अपने घर जा रहे थे. तभी फिल्म का विरोध कर रहे एक समूह के करीब 60 कार्यकर्ताओं ने बस पर डंडों से हमला कर दिया और चालक से बस रोकने को कहने लगे.

गुड़गांव पुलिस के पीआरओ रविंद्र कुमार ने कहा कि जब चालक ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होंने वाहन पर पथराव किया. स्कूल बस में मौजूद स्कूल के स्टाफ के लोगों ने बच्चों को सीट के नीचे घुसने को कहा और चालक से कहा कि वह बस ना रोके.

कुमार ने कहा, ‘डरे हुए बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे. सौभाग्य से हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ.’

गुड़गांव पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन और हिंसा करने के आरोप में बुधवार को 20 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. शहर में एक स्कूली बस पर हमले समेत कई हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही भीड़ ने हरियाणा रोडवेज की एक बस को आग लगा दी.

पुलिस आयुक्त संदीप खैरवार ने कहा, ‘फिल्म का प्रीमियर शो शहर में 10 स्थानों पर दिखाया गया. पुलिस दलों ने वहां से संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया. अब तक गुड़गांव से 20 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया.’

उन्होंने स्कूली बस पर हुए हमले पर खेद जताया और पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए स्कूलों के नज़दीक पर्याप्त बल की तैनाती का निर्देश दिया.

खैरवार ने बताया, ‘गुड़गांव पुलिस हाई अलर्ट पर है और त्वरित कार्रवाई के लिए विभिन्न दल तैयार हैं. इन दलों में आंसू गैस दल, पानी की बौछार करने वाला दल, दमकल, एंबुलेंस, रिज़र्व बल, यातायात पुलिस और क्रेन आदि हैं.’

कानपुर क्षत्रिय महासभा ने घोषणा की कि जो भी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटेगा, उसे नकद पुरस्कर दिया जायेगा.

क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राजावत ने बुधवार को कहा, ‘हमने कानपुर वासियों से इनाम में देने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि एकत्र की है और जो भी दीपिका पादुकोण की नाक काट कर लाएगा उसे यह धनराशि दी जाएगी.’

वहीं मध्य प्रदेश के रतलाम में बुधवार को करणी सेना की महिला शाखा ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ज़िला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंप कर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से फिल्म पर रोक लगाने या उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की मांग की.

रतलाम ज़िला करणी सेना की महिला शाखा की उपाध्यक्ष मंगला देवड़ा ने बताया, ‘हमने राष्ट्रपति से मांग की है कि रानी पद्मावती के सम्मान की रक्षा नहीं कर पाने के कारण या तो वह हमें मौत को गले लगाने की अनुमति दें या फिर फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगा दें.’

इंदौर ज़िले में करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग तीन को अवरुद्ध किया और सड़क पर कांच की बोतलें फोड़ी.

जम्मू में एक थियेटर में तोड़फोड़ हुई जबकि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में भी प्रदर्शन हुए. गोरखपुर में अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज ने बुधवार को पद्मावत फिल्म के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया.

गोरखपुर में सिनेमा हाल और मल्टीप्लेक्स तोड़फोड़ और हंगामे के डर से पद्मावत फिल्म प्रदर्शित करने से हिचक रहे है. सहायक मनोरंजन कर आयुक्त केएन श्रीवास्तव ने कहा, ‘अभी तक गोरखपुर में कोई भी सिनेमाहॉल या मल्टीप्लेक्स पद्मावत को अपने हाल में प्रदर्शित करने को तैयार नहीं है.’

पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश में करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या तीन को अवरुद्ध किया.

करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा कि जिन थियेटरों में फिल्म दिखाई जाएगी वहां जनता कर्फ्यू लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि शिवसेना ने उन्हें इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में समर्थन का भरोसा दिया है. मुंबई, पुणे, नासिक और मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर फिल्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए.

करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि जिन थियेटरों में फिल्म दिखाई जाएगी वहां जनता कर्फ्यू लगाया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना नेताओं ने करणी सेना को इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में समर्थन देने का आश्वासन दिया है.

उन्होंने जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच सपने का एक दृश्य है जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

मुंबई पुलिस ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के आवास पर सुरक्षा कड़ी कर दी. एक अधिकारी ने बताया कि दीपिका को दिन-रात सुरक्षा दी जाएगी.

मल्टीप्लेक्स चेन आईनॉक्स के चीफ प्रोग्रामिंग अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा, ‘हम लगभग हर स्थान पर फिल्म को रिलीज़ कर रहे हैं, केवल उन स्थानों पर रिलीज़ नहीं की जा रही जहां गड़बड़ियां हैं. देशभर में हमारे पास 488 स्क्रीन हैं. कुछ स्थानों पर संभावित ख़तरे (हिंसा के) के मद्देनज़र फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा.’

उन्होंने बताया कि एडवांस बुकिंग उत्साहजनक है लेकिन यह कहना मुश्किल है कि फिल्म देखने कितने लोग आएंगे.

सिनेमा ओनर्स एंड एक्ज़िबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की एक्ज़िक्यूटिव कमेटी के सदस्य नितिन दातार ने कहा कि संगठन ने अपने सदस्यों से कहा है कि सुरक्षा के लिए वह पुलिस से संपर्क करें.

इस बीच पुलिस ने एहतियाती तौर पर मुंबई से करणी सेना के 100 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. कोलकाता पुलिस ने भी किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं.

पुणे पुलिस ने फिल्म का विरोध कर रहे 15 लोगों को गिरफ्तार किया. मनसे ने बुधवार को उन ख़बरों को ख़ारिज किया जिनमें कहा गया था कि पद्मावत की रिलीज़ के लिए वह सुरक्षा मुहैया करवाएगी.

एक दिन पहले पार्टी की वरिष्ठ नेता शालिनी ठाकरे ने कहा था कि मुंबई क्षेत्र में वह किसी को भी फिल्म के प्रदर्शन को बाधित नहीं करने देंगे. दिल्ली के रोहिणी इलाके से भी करणी सेना के कथित सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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