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उन्नाव में रेप आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के समर्थन में शांति मार्च

बांगरमऊ, सफीपुर, बीघापुर समेत अन्य इलाकों में निकाले गए जुलूस में लोगों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिसमें लिखा था, ‘हमारा विधायक निर्दोष है.’

उन्नाव के विभिन्न हिस्सों में नाबालिग से बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में रैलियां निकाली गईं. (फोटो साभार: ट्विटर/@qanuj)

उन्नाव के विभिन्न हिस्सों में नाबालिग से बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में रैलियां निकाली गईं. (फोटो साभार: ट्विटर/@qanuj)

लखनऊ: सीबीआई की गिरफ्त में आए उन्नाव गैंगरेप के आरोपी और भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पक्ष में जिले में कई जगहों पर उनके समर्थक शांति मार्च निकाल रहे हैं. शांति मार्च में शामिल लोग विधायक के ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश करार दे रहे हैं. लोगों को कहना है कि राजनैतिक द्वेष व पारिवारिक रंजिश की वजह से विधायक को फंसाया जा रहा है.

न्यूज 18 के मुताबिक, गत सोमवार को विधायक के समर्थन में जिले के कई इलाकों में लोगों ने शांति मार्च निकाला. इस जुलूस में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं. बांगरमऊ, सफीपुर, बीघापुर समेत अन्य इलाकों में निकाले गए जुलूस में लोगों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिसमें लिखा था, ‘हमारा विधायक निर्दोष है.’ बांगरमऊ में जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में गंज मुरादाबाद में एक जुलूस निकला गया. इसमें जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

पायनियर के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह ने दावा किया, ‘विधायक के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं. इनका मकसद कुलदीप सिंह सेंगर को बदनाम करना है.’

पत्रिका के मुताबिक बांगरमऊ केे गंज मुरादाबाद में निकाली गई रैली में जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह, संदीप बाजपेई, अरविंद सिंह के अलावा प्रधान राम प्रकाश शर्मा, प्रधान कृष्णपाल, बाबू लाल सहित पंचायत स्तर से जुड़े तमाम जनप्रतिनिधि शामिल हुए. वहीं, सफीपुर में निकाली गई रैली में नगर पंचायत अध्यक्ष अनुज कुमार दीक्षित, अवधेश दीक्षित, संजय सिंह, अवधेश लोनी प्रधान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए.

गौरतलब है कि इससे पहले किशोरी से रेप और उसके पिता की हत्या के आरोप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया था. पुलिस-प्रशासन पर विधायक के प्रभाव में काम करने को लेकर अदालत ने कड़ी फटकार लगाई थी.

इस मामले में विधायक का भाई अतुल सिंह और सहयोगी शशि सिंह भी जेल में हैं. गत रविवार को सीबीआई ने पांच आरोपिताें रिमांड अवधि खत्म होने पर सीबीआई कोर्ट के समक्ष पेश किया. सीबीआई ने इन पांचों हत्यारोपियों की और रिमांड नहीं मांगी है. अब सीबीआई सिर्फ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से ही पूछताछ कर रही है.

इससे पहले शुक्रवार को कुलदीप सिंह सेंगर की वाई कैटेगरी की सुरक्षा हटा ली गई थी. उत्तर प्रदेश के गृह सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि सेंगर के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के मामले में 12 अप्रैल को दर्ज हुई एफआईआर के बाद उनकी सुरक्षा हटाने का फैसला किया गया.

सूत्रों के अनुसार, गैंगरेप के आरोपी विधायक के माखी स्थित घर पर तैनात 4 पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है. साथ ही, विधायक के साथ रहने वाले हथियारबंद तीन पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया है.

गौरतलब है कि इससे पहले कठुआ गैंगरेप में भी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हिंदू एकता मोर्चा ने उनके समर्थन में रैली का आयोजन किया था. उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर आरोपी की रिहाई की मांग की थी.

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