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चुनाव अभियान में सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीरों का इस्तेमाल ना करें राजनीतिक दल: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने एक राजनीतिक दल के पोस्टर में वायु सेना विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर के कथित इस्तेमाल पर संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों को ऐसा करने से बचने का परामर्श दिया है.

(फोटो साभार: ट्विटर/योगेंद्र यादव)

(फोटो साभार: ट्विटर/योगेंद्र यादव)

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपने चुनाव अभियान में सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने को कहा है.

आयोग ने शनिवार को 2013 में जारी परामर्श का हवाला देते हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने पार्टी प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से इसका सख़्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा.

आयोग ने एक राजनीतिक दल के पोस्टर में वायु सेना विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर के कथित इस्तेमाल पर संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों को ऐसा करने से बचने का परामर्श दिया है.

उल्लेखनीय है कि आयोग ने दिसंबर 2013 में रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर यह परामर्श जारी किया था. इसमें मंत्रालय ने विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों द्वारा चुनाव अभियान में सैन्यकर्मियों की तस्वीर का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित करते हुए इसे रोकने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था.

आयोग ने अपने परामर्श में कहा कि सुरक्षा बल देश की सीमाओं और राजनीतिक तंत्र की सुरक्षा के तटस्थ पहरेदार हैं. ऐसे में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने चुनावी अभियान में सैन्य बलों के संदर्भ का किसी भी रूप में सहारा लेते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की ज़रूरत है.

इसके मद्देनज़र राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को चुनाव अभियान में सैन्य बलों के जवानो और सैन्य अभियानों की तस्वीर आदि का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए .

आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने नेताओं एवं उम्मीदवारों को सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने का निर्देश जारी करने को कहा है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने शनिवार को स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए एक पोस्टर को ट्वीट किया था जिसमें विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. अपने ट्वीट में यादव ने सवाल उठाया था कि क्या चुनाव आयोग राजनीतिक दल को पोस्टर में एक सेवारत सैनिक के इस्तेमाल की इजाजत देता है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग की प्रवक्ता शैफाली शरन ने कहा, ‘इस संबंध में आयोग पहले ही दिशानिर्देश जारी कर चुका है. आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग ऐसे मामलों पर कार्रवाई भी करेगा.’

इसके साथ हाल ही में भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी को तब विपक्षी पार्टियों की आलोचना का शिकार होना पड़ा था जब पिछले हफ्ते एक राजनीतिक रैली में उन्होंने सेना की वर्दी जैसा कपड़ा पहन लिया था.

इसके साथ 26 फरवरी को राजस्थान के चुरु में एक रैली को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीछे पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों की तस्वीरें लगी थीं.

वहीं सैन्य बलों का राजनीतिकरण किए जाने के प्रयास का उल्लेख करते हुए नैसेना के पूर्व प्रमुख ने इस हफ्ते चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी.

इसके साथ ही उन्होंने उन खबरों पर ध्यान नहीं देने की आयोग की मंशा पर सवाल उठाया था जिनमें यह सामने आ रहा था कि भाजपा अपने राजनीतिक पोस्टरों में विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी का इस्तेमाल कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)