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भैंसरक्षा पर उतरे कथित गोरक्षक, अलीगढ़ में 5 लोगों को बुरी तरह पीटा

इस बार अलीगढ़ में कथित गोरक्षकों ने हाथ में लिया क़ानून. डेयरी में भैंस काटे जाने को लेकर पांच लोगों की बुरी तरह पिटाई की.

buffalo PTI

पीटीआई

देश में कथित गोरक्षकों का आतंक ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे कई राज्यों में क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं. ताज़ा मामला अलीगढ़ का है, जहां पर एक डेयरी में भैंस काटे जाने को लेकर कथित गोरक्षकों ने पांच लोगों की बुरी तरह पिटाई की है.

एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अलीगढ़ के गांधी पार्क इलाक़े में एक डेयरी में कथित रूप से भैंस काटे जाने को लेकर कुछ लोग एकत्र हो गए और डेयरी में मौजूद 5—6 लोगों को खींचकर बुरी तरह पिटाई की.

हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति की पिटाई की है और इस घटना से जुड़े पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

समाचार एजेंसी एएनआई का एक वीडियोे कई मीडिया संस्थानों ने प्रसारित किया है जिसमें एक व्यक्ति को कुछ लोग बुरी तरह पीट रहे हैं. उसे सड़क पर लिटा कर उस पर लात-घूंसे चला रहे हैं और पुलिस वाले उस युवक को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

पीटीआई का कहना है, ‘यहां के निवासी कालू बघेल की एक भैंस ने दूध देना बंद कर दिया. कालू ने अपनी भैंस बेचने का निर्णय लिया. एक पशु व्यापारी इमरान भैंस ख़रीदने पर राज़ी हुआ लेकिन उसकी शर्त थी कि वह भैंस को उसकी डेयरी में ही काटने देगा.’

इमरान और चार अन्य लोग डेयरी में ही भैंस काट रहे थे, तभी डेयरी के अंदर से ख़ून बहता देख मौक़े पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. इसके बाद डेयरी के अंदर मौजूद लोगों को खींचकर बाहर निकाला गया और उनकी सरेआम पिटाई की गई.’

दैनिक भास्कर लिखता है, ‘गुरुवार को भैंस ले जाने के लिए आए कसाई ने भैंस को काली के घर में ही काटना शुरू कर दिया. भैंस का ख़ून नाली से बहता देख मोहल्ले के लोगों ने शोर मचा दिया और फिर कसाई व दो अन्य पर आसपास के लोगों ने हमला कर दिया. हंगामे की ख़बर सुनकर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन लोगों को बचाया.’

पीटीआई की रिपोर्ट है कि पुलिस ने कालू बघेल और इमरान के अलावा चार अन्य लोगों को अवैध रूप से पशु काटने के आरोप में हिरासत में ले लिया है. हालांकि, कसाई और डेयरी मालिक की पिटाई करने वालों पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया है. गांधी पार्क पुलिस थाना इंचार्ज ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है.

हाल के दिनों में स्वघोषित गोरक्षक सक्रिय हो गए हैं जो कहीं भी क़ानून हाथ में लेकर ख़ुद ही सज़ा दे रहे हैं. हाल ही में राजस्थान में कथित गोरक्षकों की पिटाई से पहलू ख़ान नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

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उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की थी, जिससे फुटकर और छोटे मांस व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं, जिनके पास लाइसेंस नहीं हैं.

हाल ही में गुजरात सरकार ने गोरक्षा क़ानून में संशोधन कर उसे सख़्त बनाया था. इस क़ानून के तहत गोहत्‍या के दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा होगी. वहीं यदि किसी के पास गोमांस मिलता है तो उसे 7 से 10 साल की सज़ा होगी. मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा था कि हम चाहते हैं कि गुजरात शाकाहारी राज्य हो.

इस बीच कई राज्यों में कथित गोरक्षकों द्वारा क़ानून अपने हाथ में लेते हुए लोगों की पिटाई करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.