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कठुआ मामलाः जम्मू कश्मीर सरकार ने तीन दोषियों के लिए फांसी की मांग की

राज्य सरकार ने मामले में तीन पुलिसकर्मियों को मिली कम सजा और एक आरोपी की रिहाई को भी चुनौती दी है.

Jammu: **COMBO** Prime accused Sanji Ram (R) and other accused of Kathua rape and murder case, being produced in District Court in Kathua, about 85km from Jammu on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000037B)

कठुआ बलात्कार मामले में मुख्य आरोपी सांझी राम (दाएं) एवं अन्य आरोपी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़ः जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में जम्मू कश्मीर सरकार ने तीन दोषियों के लिए फांसी की मांग करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू कश्मीर सरकार ने से पठानकोट की अदालत से आजीवन कारावास की सजा पाने वाले तीन दोषियों की सजा बढ़ाकर उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला है और दोषी मृत्युदंड के हकदार हैं.

इसके अलावा राज्य सरकार ने बरी किए गए एक आरोपी विशाल जंगोत्रा की रिहाई और तीन पुलिसकर्मियों को साजिश रचने के मामले में में कम सजा दिए जाने को भी कश्मीर सरकार ने चुनौती दी है.

सरकार की तरफ से दाखिल कुल तीन अपील याचिकाओं पर सात अगस्त को सुनवाई की जाएगी.

अपील याचिका में कहा गया, ‘यह कोई ऐसा मामला नहीं है कि जहां आरोपियों ने अचानक हिंसक होकर या फिर बहककर इस वारदात को अंजाम दिया हो. यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया अपराध है. पीड़िता को साजिश के तहत निशाना बनाया गया और रंजिश के चलते आठ साल की मासूम लड़की से रेप कर उसकी हत्या की गई.’

पठानकोट के विशाल अदालत ने 10 जून को छह दोषियों में से तीन को बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराया गया था जबकि तीन को सबूत मिटाने का दोषी माना गया.

सरकार की अपील इस लिहाज से भी खास है कि सजा को बढ़ाए जाने की मांग उनकी तरफ से ही की जा सकती है. शिकायतकर्ता आरोपी की रिहाई को चुनौती दे सकता है.

बता दें कि पीड़ित के पिता की तरफ से पहले ही विशाल जंगोत्रा की रिहाई को चुनौती दे दी गई है और बेंच को सजा बढ़ाए जाने के लिए संज्ञान लेने की मांग की जा चुकी है.

सांझी राम, प्रवेश कुमार, दीपक खजुरिया को 302, 376, 120बी, 363 के तहत दोषी करार देकर आजवीन कारावास की सजा सुनाई गई थी जबकि पुलिसकर्मी आनंद दत्ता, सुरेंद्र कुमार, तिलक राज को 201 के तहत दोषी मानते हुए पांच साल के कारावास  की सजा सुनाई गई थी.

गौरतलब है कि इन तीनों दोषियों ने सजा सस्पेंड करने की मांग भी की है.

आरोपपत्र के अनुसार, पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ बलात्कार किया गया. उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई.