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माधव शर्मा

मकराना की मार्बल खानों में लो​हे की ट्राली से उतरते मज़दूर. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

मकराना के मार्बल की चमक के बीच तबाह होती मज़दूरों की ज़िंदगी

ग्राउंड रिपोर्ट: राजस्थान में नागौर ज़िले के मकराना की मार्बल खदानों में काम करने वाले मज़दूरों की स्थिति बहुत दयनीय है. हर दिन हज़ारों मज़दूर अपनी जान जोखिम में डालकर 250-400 फीट नीचे मार्बल की खदानों में उतरने को मजबूर हैं.

जयपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई से प्रभावित घुमंतू समुदाय के लोग. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

राजस्थान: सरकार ने घुमंतुओं को ज़मीन तो दी नहीं, उल्टा उनकी बस्ती उजाड़ दी

जयपुर विकास प्राधिकरण ने बीते 16 फरवरी को जयपुर के रावण गेट के पास रह रहे घुमंतू समुदाय के 200 से ज़्यादा परिवारों की झोपड़ियां अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ दीं. अब ये परिवार ठंड के दिनों में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.

राजस्थान में बाड़मेर ज़िले के दूधियाकलां गांव में दो साल पहले स्कूल बंद हो जाने से अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

राजस्थान: समायोजन के नाम पर प्राथमिक स्कूल बंद, दो साल से बिना शिक्षा घर बैठे हैं बच्चे

राजस्थान में पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने क़रीब 20,000 प्राथमिक सरकारी स्कूलों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मर्ज कर दिया था. इस फैसले का लगभग 10 लाख बच्चों पर असर हुआ.

राजस्थान में बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

राजस्थान: बालश्रम से छुड़ाए गए 152 बच्चे महीनों से घर लौटने का कर रहे इंतज़ार

राजस्थान के चूड़ी कारख़ानों से दिसंबर 2017 से नवंबर 2018 के बीच में मुक्त कराए गए ये सभी बच्चे बिहार से हैं.

डूंगरपुर ज़िले की सागवाड़ा और चौरासी सीट से भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक रामप्रसाद (बाएं) और राजकुमार रोट (दाएं).

क्यों भाजपा-कांग्रेस को राजस्थान में भारतीय ट्राइबल पार्टी को गंभीरता से लेना चाहिए

राजस्थान विधानसभा चुनाव में डूंगरपुर ज़िले की चार में से दो सीटों पर भारतीय ट्राइबल पार्टी ने जीत हासिल की, वहीं भाजपा और कांग्रेस को सिर्फ़ एक-एक सीट मिल सकी.

सिलिकोसिस से पीड़ित पोसराम. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

क्यों राजस्थान में सिलिकोसिस के मरीज़ राजनीतिक दलों की प्राथमिकता में नहीं हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: राजस्थान के खदानों में काम करने वाले मज़दूर मुख्य रूप से सिलिकोसिस की चपेट में आते हैं, हर साल इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है लेकिन इसके मरीज़ों को लेकर भाजपा और कांग्रेस चिंतित नहीं दिखतीं.

घुमंतू समुदाय की एक महिला. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

क्यों राजस्थान में घुमंतू समुदाय भाजपा और कांग्रेस की चुनावी चर्चा से बाहर है

ग्राउंड रिपोर्ट: राजस्थान की आबादी में क़रीब 55 लाख लोग घुमंतू समुदाय से आते हैं लेकिन भाजपा और कांग्रेस के पास इन्हें लेकर न कोई नीति दिखाई देती है और न ही नीयत.

(फोटो साभार: Flipkart Stories)

क्यों राजस्थान के पोकरण का चुनावी माहौल सांप्रदायिक होता जा रहा है

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा ने बाड़मेर ज़िले में पड़ने वाले नाथ संप्रदाय के तारतरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज को पोकरण से टिकट दिया है तो कांग्रेस ने क्षेत्र के प्रसिद्ध सिंधी-मुस्लिम धर्मगुरु ग़ाज़ी फ़कीर के बेटे सालेह मोहम्मद को चुनाव मैदान में उतारा है.