अयोध्या

Ayodhya: UP Chief Minister Yogi Adityanath, accompanied by District Magistrate Anuj Jha and priests, shifts the idol of Ramlala from the makeshift temple to a new structure near Manas Bhawan, in Ayodhya, early Wednesday, March 25, 2020. Social distancing was observed, and there was no participation of the public due to the complete lockdown imposed to contain the spread of the novel coronavirus. (PTI Photo) (PTI25-03-2020 000027B)

यूपी पुलिस द्वारा ‘द वायर’ के ख़िलाफ़ की गई एफआईआर प्रेस की आज़ादी पर हमला है

द वायर के संस्थापक संपादकों ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर जायज़ अभिव्यक्ति और तथ्यात्मक जानकारी पर हमला करने की कोशिश है.

Ayodhya: UP Chief Minister Yogi Adityanath, accompanied by District Magistrate Anuj Jha and priests, shifts the idol of Ramlala from the makeshift temple to a new structure near Manas Bhawan, in Ayodhya, early Wednesday, March 25, 2020. Social distancing was observed, and there was no participation of the public due to the complete lockdown imposed to contain the spread of the novel coronavirus. (PTI Photo) (PTI25-03-2020 000027B)

कोरोना: देशव्यापी लॉकडाउन के बीच अयोध्या के मंदिर पहुंचे योगी आदित्यनाथ, हुई आलोचना

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 21 दिनों के देशव्यापी बंद शुरू होने के चंद घंटों बाद ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दर्जनों अधिकारियों के साथ अयोध्या में रामलला की मूर्ति को एक अस्थायी मंदिर में रखने के कार्यक्रम में पहुंचे थे, जिस कारण विपक्ष ने उन पर निशाना साधा है.

Ghazipur Station IndiaRail Info Photo 2

उत्तर प्रदेश: भाजपा नेता ने की गाज़ीपुर का नाम बदलने की मांग

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने गाज़ीपुर का प्राचीन गौरव लौटाने के लिए इसका नाम बदलकर गाधीपुरी करने की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को पत्र भेजा है.

(फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने स्वीकारी पांच एकड़ ज़मीन, कहा- मस्जिद के साथ अस्पताल भी बनेगा

उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड ने राज्य सरकार द्वारा अयोध्या में दी गई ज़मीन स्वीकार करते हुए कहा कि यहां मस्जिद निर्माण के साथ भारतीय व इस्लामिक सभ्यता के अध्ययन के लिए एक केंद्र, एक चैरिटेबल अस्पताल, पब्लिक लाइब्रेरी और समाज के हर वर्ग की उपयोगिता की अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी.

‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के सदस्य बुधवार को नई दिल्ली में पहली बैठक करते हुए. (फोटो: पीटीआई)

राम मंदिर ट्रस्ट का नेतृत्व करेंगे बाबरी मामले के आरोपी न्यास अध्यक्ष और वीएचपी उपाध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर के पक्ष में निर्णय देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या में 66.7 एकड़ जमीन पर मंदिर निर्माण और प्रबंधन के लिए गठित समिति का नेतृत्व करेंगे.

Bhopal: Former Union minister and senior BJP leader Uma Bharti reacts as she addresses a press conference in connection with the formation of a Ram Janmabhoomi trust, in Bhopal, Wednesday, Feb. 5, 2020. (PTI Photo)

अगर बाबरी मस्जिद का ढांचा नहीं हटाया जाता, तो सच लोगों के सामने न आता: उमा भारती

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के ऐलान के बाद भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा कि 9 नवंबर 2019 के फ़ैसले का श्रेय माननीय सुप्रीम कोर्ट को जाता है, लेकिन जिन साक्ष्यों ने वास्तव में इस निर्णय का आधार बनाया, वे अयोध्या में 6 दिसंबर, 1992 को अपनी जान गंवाने वालों के परिणाम थे.

*EDS: TV GRAB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi rises to make a statement in the Lok Sabha, during the ongoing Budget Session of Parliament in New Delhi, Wednesday, Feb. 5, 2020. PM Modi announced the formation of a trust for the construction of a Ram Temple in Ayodhya as directed by the Supreme Court in its verdict in the Ram Janmabhoomi-Babri Masjid case in November last year. (LSTV/PTI Photo) (PTI2 5 2020 000026B)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में की राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में घोषणा करने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि ट्रस्ट में 15 न्यासी होंगे, जिनमें से एक हमेशा दलित होगा. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या से 22 किलोमीटर दूर रौनाही में ज़मीन देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है.

(फोटो: रॉयटर्स)​​​

गुजरात दंगा: सरदारपुरा नरसंहार मामले में दोषी क़रार 14 लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दी

गोधरा ट्रेन नरसंहार के अगले दिन 28 फरवरी 2002 की रात को सरदारपुरा गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के 33 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार ने अयोध्या मामलों के लिए एक अलग विशेष डेस्क बनाई

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में अयोध्या और इससे जुड़े अदालती फैसलों से संबंधित मामलों पर गौर करने के लिए विशेष डेस्क बनाई गई है. ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में जम्मू कश्मीर और लद्दाख मामलों के विभाग के भी प्रमुख हैं.

अशफ़ाक़ उल्लाह खान. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

यूपी: अयोध्या प्रशासन ने अशफ़ाक़उल्ला ख़ां की पुण्यतिथि पर सभी श्रद्धांजलि समारोह रोके

19 दिसंबर 1927 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अशफ़ाक़उल्ला ख़ां को फ़ैज़ाबाद जेल में फांसी दी गई थी. अयोध्या में उनके शहादत स्थल पर हर साल आयोजित होने वाले सभी श्रद्धांजलि कार्यक्रमों व समारोहों पर नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर प्रदर्शन की आशंका के चलते रोक लगा दी गई है.

Karnataka-Babri-Re Enactment Twitter

कर्नाटक: स्कूल में बाबरी विध्वंस के नाट्य रूपांतरण पर संघ नेता सहित पांच लोगों पर मामला दर्ज

मामला दक्षिण कन्नड़ ज़िले का है, जहां आरएसएस नेता द्वारा संचालित एक स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में बच्चों ने बाबरी विध्वंस का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया था. पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थीं, जिसके लिए माकपा ने उनके इस्तीफ़े की मांग की है.

(फोटो: विकिपीडिया/रॉयटर्स)

आयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया

कोर्ट ने कहा कि इन याचिकाओं में कोई मेरिट नहीं है. कई मुस्लिम पक्ष, 40 कार्यकर्ता, हिंदू महासभा और निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

अयोध्या मामला: मस्जिद के लिए पांच एकड़ ज़मीन देने के निर्देश के ख़िलाफ़ याचिका दायर

अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि विवादित ढांचे पर मुसलमानों का कोई अधिकार या मालिकाना हक़ नहीं है और इसलिए उन्हें पांच एकड़ ज़मीन आवंटित नहीं की जा सकती तथा किसी भी पक्षकार ने इस तरह की कोई ज़मीन मुसलमानों को आवंटित करने के लिए कोई अनुरोध या कोई दलील नहीं दी थी.

HBB 5 Dec 2019.00_38_57_00.Still002

हम भी भारत: एक थी बाबरी मस्जिद

वीडियो: 6 दिसंबर 2019 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के 27 साल पूरे हो गए. हम भी भारत की इस कड़ी में द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की इस बारे में सामजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर और वरिष्ठ पत्रकार कुर्बान अली से बातचीत कर रही हैं.

(फोटो साभार: विकिपीडिया/पीटीआई)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार के लिए छह याचिकाएं दायर

इससे पहले मूल वादकारियों में शामिल एम. सिद्दीक के वारिस और उत्तर प्रदेश जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने बीते दो दिसंबर को पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

बाबरी मस्जिद विध्वंस: साहित्य में दर्ज हुए कुछ अनकहे-अनसुने बयान

6 दिसंबर 1992 को सिर्फ एक मस्जिद नहीं गिरायी गई थी, उस दिन संविधान की बुनियाद पर खड़ी लोकतंत्र की इमारत पर भी चोट की गई थी. अतीत में जो कुछ हुआ उसे फिर से उलट-पलट कर देखने का मौका साहित्‍य देता है. हिंदी साहित्‍य में यह घटना भी कई रूपों में दर्ज है.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

Rajeev-Dhavan You Tube

राजीव धवन अब भी हमारे वकील, ग़लतफ़हमी के लिए माफ़ी मांगेंगे: जमीयत

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्हें जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के इशारे पर उनके वकील एजाज़ मकबूल द्वारा इस मामले से हटा दिया गया है.

Rajeev-Dhavan You Tube

अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन मामले से हटाए गए

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के इशारे पर उनके वकील एजाज़ मकबूल द्वारा इस मामले से हटा दिया गया. उन्हें ऐसा करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए बताई जा रही वजह दुर्भावना से भरी और झूठी है. अब वे इस मामले में दायर पुनर्विचार याचिका से किसी तरह से नहीं जुड़े हैं.

Ayodhya Babri Masjid PTI

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पहली पुनर्विचार याचिका दायर

उत्तर प्रदेश जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि यद्यपि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के गुंबदों को नुकसान पहुंचाने और उसे गिराने का संज्ञान लिया, फिर भी विवादित स्थल को उसी पक्ष को सौंप दिया, जिसने अनेक ग़ैरक़ानूनी कृत्यों के आधार पर अपना दावा किया था.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को चुनौती नहीं देगा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में प्रमुख मुस्लिम पक्षकार रहे उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि बोर्ड के आठ में से सात सदस्यों ने हिस्सा लिया. उनमें से एक सदस्य को छोड़कर बाकी छह सदस्यों ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को चुनौती न देने के प्रस्ताव का समर्थन किया.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या फैसला: पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलमा-ए-हिंद

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि अयोध्या जमीन विवाद मामले में जो फैसला आया उसने न्याय नहीं किया.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: इंसाफ के बजाय इंसाफ से फासला बढ़ाने वाला फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट भी विवादित भूमि रामलला को देते हुए यह नहीं सोचा कि उसका फ़ैसला न सिर्फ छह दिसंबर, 1992 के ध्वंस बल्कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात मस्जिद में मूर्तियां रखने वालों की भी जीत होगी. ऐसे में अदालत का इन दोनों कृत्यों को ग़ैर-क़ानूनी मानने का क्या हासिल है?

New Delhi: A group photo of the five-judge bench comprised of Chief Justice of India Ranjan Gogoi (C) flanked by (L-R) Justice Ashok Bhushan, Justice Sharad Arvind Bobde, Justice Dhananjaya Y Chandrachud, Justice S Abdul Nazeer after delivering the verdict on Ayodhya land case, at Supreme Court in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI11_9_2019_000298B)

क्या अयोध्या मामले में न्याय को तरजीह नहीं दी गई?

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद में ‘सार्वजनिक शांति और सौहार्द’ बनाए रखने के लिए विवादित ज़मीन को न बांटने का जजों का निर्णय बहुसंख्यक दबाव से प्रभावित लगता है, जिसमें मुस्लिम पक्षकारों के क़ानूनी दावे को नज़रअंदाज़ कर दिया गया.

(फोटो: द वायर)

प्रधानमंत्री मोदी की अपील दरकिनार कर फ़ैसले का ‘जश्न’ मना रहे हैं अयोध्या के भाजपाई

अयोध्या में भाजपा के निर्वाचित सांसद, विधायक और पदाधिकारियों ने शनिवार को फ़ैसले के दिन दीप जलाए और मिठाइयां बांटी. सोमवार को पार्टी जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक रूप से रामायण पाठ आयोजित हुआ, जहां नेता व कार्यकर्ता बधाइयां देते और लेते रहे. मंगलवार को 1992 की कारसेवा के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

Ayodhya: FILE - In this Sunday, Nov. 25, 2018 photo, a man holds a brick reading "Jai Shree Ram" (Victory to Lord Ram) as bricks of the old Babri Mosque are piled up in Ayodhya, in the central Indian state of Uttar Pradesh. State-run broadcaster on Saturday, Nov. 9, 2019, said top court rules for disputed temple-mosque land for Hindus with alternate land to Muslims. Authorities increased security in Ayodhya, 550 kilometers (350 miles) east of New Delhi, and deployed more than 5,000 paramilitary forces to prevent any attacks by Hindu activists on Muslims, who comprise 6% of the town's more than 55,500 people. AP/PTI(AP11_9_2019_000038B)

…जब प्रधानमंत्री नेहरू के बार-बार कहने के बाद भी बाबरी मस्जिद में रखी मूर्तियां नहीं हटाई गईं

पुस्तक अंश: अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद में वर्ष 1949 में मूर्ति रखने के बाद की घटनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि कम-से-कम फ़ैज़ाबाद के तत्कालीन ज़िलाधीश केकेके नायर तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत यदि मूर्ति स्थापित करने के षड्यंत्र में शामिल न भी रहे हों, तब भी मूर्ति को हटाने में उनकी दिलचस्पी नहीं थी.

(फोटो साभार: India Rail Info)

अयोध्या: मुस्लिम धर्मगुरु और मुद्दई बोले- 67 एकड़ अधिग्रहीत भूमि में से ही दी जाए मस्जिद की ज़मीन

मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि से ज़मीन मिलती है तभी स्वीकार किया जाएगा. मुस्लिम समुदाय मस्जिद बनाने के लिए अपने पैसे से ज़मीन ख़रीद सकते हैं और वे इसके लिए केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं हैं. इधर, केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू की.

A statue of Hindu Lord Ram is seen after Supreme Court's verdict on a disputed religious site, in Ayodhya, India, November 10, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

1948 में जब समाजवादी नेता को हराने के लिए फ़ैज़ाबाद कांग्रेस ने राम जन्मभूमि का कार्ड खेला था

पुस्तक अंश: फ़ैज़ाबाद में 1948 में हुए उपचुनाव में समाजवादी नेता आचार्य नरेंद्र देव मैदान में थे. कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ देवरिया के बाबा राघव दास को अपना प्रत्याशी बनाया. चुनाव प्रचार में कांग्रेस ने कहा था कि आचार्य नरेंद्र की विद्वत्ता का लोहा भले दुनिया मानती है, लेकिन वे नास्तिक हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या ऐसे व्यक्ति को कैसे स्वीकार कर पाएगी?

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

‘इतनी निष्पक्ष है सशक्त सत्ता कि निष्पक्षता भी रख ले दो मिनट का मौन’

आज जब यह सच्चाई और कड़वी होकर हमारे सामने है कि उस दिन बाबरी मस्जिद को शहीद करने वालों ने न सिर्फ अयोध्या बल्कि शेष देश में भी बहुत कुछ ध्वस्त किया था, यह देखना संतोषप्रद है कि देश के कवियों ने इस सच्चाई को समय रहते पहचाना और उसे बयां करने में कोई कोताही नहीं बरती.

फाइल फोटो: रॉयटर्स

अयोध्या विवाद आस्था और तार्किकता के बीच की लड़ाई है: इतिहासकार डीएन झा

साक्षात्कार: प्रख्यात इतिहासकार डीएन झा से बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद, इससे जुड़े ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांप्रदायिक पहलुओं पर बातचीत.