बॉलीवुड

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राजनीति में आपकी बातें ब्यूटीफुल होनी चाहिए, कला में ट्रुथफुल होना ज़रूरी: पंकज त्रिपाठी

पंकज त्रिपाठी जब बिहार के छोटे से गांव से पटना पहुंचे तो उन्हें डॉक्टर बनना था, लेकिन वह छात्र राजनीति में कूद पड़े. राजनीति से रंगमंच के रास्ते उनका सफर मुंबई तक पहुंच गया है.

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‘ये महसूस कराने के लिए धन्यवाद कि मुझे गोरे लोगों के साथ नहीं लिया जा सकता’

अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने एक ट्वीट कर कहा, मुझे गोरे और सुंदर लोगों के साथ फिल्म में नहीं लिया जा सकता क्योंकि मैं सांवला हूं और सुंदर नहीं दिखता.

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‘हमारा देश इतना महान है कि हैदर जैसी भारत-विरोधी फिल्म को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिल जाता है’

साक्षात्कार: सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में पहलाज निहलानी का ढाई साल का कार्यकाल कई तरह के विवादों में रहा. उनसे बातचीत.

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गुरुदत्त एक अनसुलझा क्रॉसवर्ड है, जिसमें कोई न कोई शब्द पूरा होने से रह ही जाता है

जन्मदिन विशेष: गुरुदत्त फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा सूरज थे, जो बहुत कम वक़्त के लिए अपनी रौशनी लुटाकर बुझ गया पर सिल्वर स्क्रीन को कुछ यूं छू कर गया कि सब सुनहरा हो गया.

Konkana Sen Sharma Arre

महिला केंद्रित फिल्मों के लिए पैसा जुटाना अब भी मुश्किल: कोंकणा सेन शर्मा

अभिनेत्री और फिल्मकार कोंकणा सेन ने कहा, मुझे और कल्कि कोचलिन को एक फिल्म करनी थी लेकिन पैसे की कमी की वजह से यह रुक गई है. अगर हम पुरुष होते तो यह नहीं रुकी होती.

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ट्रेलर में ‘इंटरकोर्स’ सुनकर भड़के निहलानी, उठाएंगे कड़े कदम

इम्तियाज़ अली की आने वाली फिल्म जब हैरी मेट सेजल के डायलॉग प्रोमो में ‘इंटरकोर्स’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड अध्यक्ष ने ट्रेलर टीवी पर दिखाए जाने पर क़ानूनी कदम उठाने की बात कही है.

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जो जंग की बात करे उसे बंदूक देकर मोर्चे पर भेज दो, जंग ख़त्म हो जाएगी: सलमान

युद्ध पर आधारित अपनी आने वाली फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ की प्रेस वार्ता के दौरान सलमान ने कहा जंग में कोई अपना बेटा खोता है तो कोई अपना पिता.

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‘अगर मकान मालिक बनें तो भूलिएगा नहीं कि आप भी कभी किरायेदार थे’

फिल्मीस्तान और एयरलिफ्ट जैसी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता इनामुल हक़ ने मुंबई में किराये का मकान लेने के संघर्ष को लेकर अपनी आपबीती साझा की है.

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अभिनेत्री रीमा लागू का निधन

फिल्मों में मां के रूप में निभाए गए उनके किरदारों के लिए जाना जाता है. फिल्म मैंने प्यार किया में सलमान ख़ान और वास्तव में संजय दत्त की मां का किरदार निभा चुकी थीं.

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क्या अभिनेताओं ने छत्तीसगढ़ में बलात्कार पीड़ित आदिवासी महिलाओं के दर्द को महसूस किया है?

अक्षय कुमार और विवेक ओबरॉय छत्तीसगढ़ में सैनिकों के परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं, उम्मीद है कि वे आदिवासी महिलाओं से होने वाली ज़्यादती से भी वाकिफ़ होंगे.

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बीफ वीडियो पर काजोल का सफाई देना इस डरावने दौर का सबूत है

हिंदुस्तान में जो व्यक्ति जितना ज़्यादा ताकतवर और प्रसिद्ध है, उसके सत्ता के पक्ष में बयान देने की संभावना उतनी ज़्यादा रहती है. चाहे वे फिल्म स्टार हों या बिज़नेसमैन, सभी ने सत्तारूढ़ दल के साथ खड़े होने की अपनी वजहें तलाश ली हैं.

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विनोद खन्ना: मुहब्बत अदावत वफ़ा बेरुखी, किराये के घर थे बदलते रहे

विनोद खन्ना के हिस्से में ज़्यादातर इल्ज़ाम ही आए पर जो ज़िंदगी उन्होंने गुज़ारी, फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच उसे चुन पाना बेहद मुश्किल होता है.

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दिग्गज अभिनेता और राजनेता विनोद खन्ना नहीं रहे

अपने ज़माने के दिग्गज फिल्म अभिनेता और सांसद विनोद खन्ना का बृहस्पतिवार सुबह मुंबई के एक अस्पताल में कैंसर से निधन हो गया. वह 70 साल के थे.

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पद्म भूषण के लिए पीछे पड़ने वाले गडकरी के बयान ने मुझे दुख पहुंचाया: आशा पारेख

बीते ज़माने की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान कि पद्मभूषण पुरस्कार पाने के लिए मैं उनके पीछे पड़ी थी, काफी दुखद था.

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‘एबीवीपी को ताकतवर लोगों का समर्थन है, पर वो प्रतिरोध के सामने टिक नहीं पाएंगे’

संघ ब्रिगेड द्वारा उनकी विचारधारा के ख़िलाफ़ उठने वाली हर आवाज़ को दबाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है.

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फिल्म इंडस्ट्री ने धमकी और ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने की आदत बना ली है

आज ये फिल्मों और किताबों के बारे में है, कल ये पत्रकारिता या किसी और बारे में होगा. आज़ादी में हो रही इस दख़लअंदाज़ी के ख़िलाफ़ खड़ा होना अब ज़रूरी हो गया है.

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भोजपुरी फिल्म फेस्टिवल : अपने ही जाल में उलझा भोजपुरी सिनेमा

बदलते दौर के भौतिक चमक-दमक को तो भोजपुरी सिनेमा खूब दिखाता है, पर सामाजिक -सांस्कृतिक मूल्यों की जड़ता से नहीं भिड़ता. वह एक बड़े विभ्रम का शिकार है.

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‘भंसाली के साथ वही हुआ जो सत्रह साल पहले मेरे साथ हुआ था’

मैं इस सिस्टम से नाराज हूं. मुझे इस पर गुस्सा है क्योंकि ये सिर्फ दिखावा करता है कि इसे हमारी फिक्र है पर असलियत इसके उलट है.