ADR

A woman casts her vote at a polling station during the sixth phase of the general election, in New Delhi, India, May 12, 2019. REUTERS/Anushree Fadnavis - RC1C65C4F5F0

दिल्ली ने बेदाग छवि वालों के मुक़ाबले आपराधिक मामलों के 26 आरोपियों को विधायक चुना: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और दिल्ली इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में केवल आठ विधायक हैं, जिनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं है और उन्होंने उन प्रत्याशियों को हराया, जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

(फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव में प्रचार पर भाजपा ने किया सर्वाधिक ख़र्च: एडीआर

चुनाव सुधार से संबंधित शोध संस्था एसोसिएशन फॉर डे​मोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने चुनाव में 1141.72 करोड़ रुपये ख़र्च किए, वहीं कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 626.36 करोड़ रुपये व्यय किया है.

New Delhi: An Aam Aadmi Party worker, dressed as party chief Arvind Kejriwal, celebrates along with others the party's success in the Delhi Assembly polls, at party headquarters in New Delhi, Tuesday, Feb. 11, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)   (PTI2_11_2020_000086B)

दिल्ली विधानसभा चुनाव: आप को लगातार दूसरी बार पचास फ़ीसदी से ज़्यादा मत मिले

देश के चुनावी इतिहास में किसी क्षेत्रीय दल के लगातार दो बार पचास फ़ीसदी से अधिक मत प्रतिशत के साथ सत्ता में वापसी का उदाहरण नहीं है. जहां 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 67 सीटें और 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं इस बार पार्टी ने 53.54 मत प्रतिशत के साथ 62 सीटें जीती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अब तक 6000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे जा चुके हैं: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपने विश्लेषण में बताया है कि 12 चरणों के दौरान बेचे गए 12,313 बॉन्ड्स में से 6524 बॉन्ड्स (45.68 फीसदी) एक करोड़ की कीमत के थे जबकि 4877 बॉन्ड्स (39.61 फीसदी) 10 लाख रुपये की कीमत के थे.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट का चुनावी बॉन्ड योजना पर तत्काल रोक से इनकार, केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

चुनावी बॉन्ड योजना को लागू करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2017 में विभिन्न कानूनों में संशोधन किया था. इसके बाद एडीआर ने याचिका दायर कर इन संशोधनों को चुनौती दी थी.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लोकसभा चुनाव: आंकड़ों में विसंगति की जांच की याचिका पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गैर सरकारी संगठन एडीआर और कॉमन कॉज ने निर्वाचन आयोग को भविष्य के सभी चुनावों में आंकड़ों की विसंगति की जांच के लिए पुख्ता प्रक्रिया तैयार करने का निदेश देने का अनुरोध किया है.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड: चुनाव आयोग ने क़ानून मंत्रालय के अलावा संसदीय समिति को भी पत्र लिख जताई थी चिंता

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की संसदीय समिति को बताया था कि यह समय में पीछे जाने वाला क़दम है और इसकी वजह से राजनीतिक दलों की फंडिंग से जुड़ी पारदर्शिता पर प्रभाव पड़ेगा.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जनवरी में सुनवाई होगी

चुनावी बॉन्ड योजना को लागू करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2017 में विभिन्न कानूनों में संशोधन किया था. एडीआर ने साल 2017 में याचिका दायर कर इन्हीं संशोधनों को चुनौती दी है.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने के लिए एडीआर ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया

हाल ही में चुनावी बॉन्ड के संबंध में हुए कई खुलासे को आधार बनाकर एडीआर ने अपनी याचिका में ये नया आवेदन दायर किया है. आवेदन में कहा गया है कि इससे राजनीतिक दलों को असीमित कॉरपोरेट चंदा प्राप्त करने के दरवाजे खुल गए हैं, जिसका देश के लोकतंत्र पर गंभीर परिणाम पड़ सकता है.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड योजना का ड्राफ्ट बनने से पहले ही भाजपा को इसके बारे में जानकारी थी: आरटीआई

पार्टी ने तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर कहा था कि चुनावी बॉन्ड को बिना किसी सीरियल नंबर या किसी पहचान के निशान के जारी किया जाना चाहिए, ताकि बाद में दानकर्ता का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल न किया जा सके.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures during a sideline event ahead of the Group 20 summit called "Yoga por la paz" (Peace through Yoga) in Buenos Aires, Argentina, November 29, 2018. REUTERS/Andres Martinez Casares/Files

मोदी के साथ बैठक के बाद चुनावी बॉन्ड पर पार्टियों और जनता की सलाह लेने का प्रावधान हटाया गया

आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि जब चुनावी बॉन्ड योजना का ड्राफ्ट तैयार किया गया था तो उसमें राजनीति दलों एवं आम जनता के साथ विचार-विमर्श का प्रावधान रखा गया था. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद इसे हटा दिया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

आरटीआई के तहत खुलासा, 91 फीसदी से ज्यादा चुनावी बॉन्ड एक करोड़ रुपये के खरीदे गए

इसके अलावा एक मार्च 2018 से 24 जुलाई 2019 के बीच खरीदे गए कुल चुनावी बॉन्ड में से 99.7 फीसदी बॉन्ड 10 लाख और एक करोड़ रुपये के थे. करीब 80 फीसदी चुनावी बॉन्ड नई दिल्ली में भुनाए गए हैं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi and the Union Minister for Finance, Corporate Affairs and Information & Broadcasting, Shri Arun Jaitley at the inauguration of the 10th Annual Convention of Central Information Commission, in New Delhi on October 16, 2015.

चुनावी बॉन्ड: कानून मंत्रालय, मुख्य चुनाव आयुक्त ने 1% वोट शेयर की शर्त पर आपत्ति जताई थी

हालांकि वित्त मंत्रालय ने इन आपत्तियों को दरकिनार किया और ये प्रावधान रखा कि वो रजिस्टर्ड राजनीतिक दल ही चुनावी बॉन्ड के जरिए चंदा ले सकने योग्य होंगे जिन्होंने पिछले लोकसभा या राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान एक फीसदी वोट प्राप्त किया हो.

Mumbai: Arun Jaitley, Union Minister of Finance and Corporate Affairs and Urjit Patel, RBI Deputy Governor during the launch of Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana, Atal Pension Yojana and Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana in Mumbai on Saturday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad(PTI5_9_2015_000161B)

मोदी सरकार ने चुनावी बॉन्ड पर आरबीआई की सभी आपत्तियों को ख़ारिज कर दिया था: रिपोर्ट

आरबीआई ने कहा था कि चुनावी बॉन्ड और आरबीआई अधिनियम में संशोधन करने से एक गलत परंपरा शुरू हो जाएगी. इससे मनी लॉन्ड्रिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और केंद्रीय बैंकिंग क़ानून के मूलभूत सिद्धांतों पर ही खतरा उत्पन्न हो जाएगा.

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20 महीने में बेचे गए 6128 करोड़ के चुनावी बॉन्ड, आधे से अधिक आम चुनाव से दो महीने पहले बिके

चुनावी और राजनीतिक सुधार के क्षेत्र में काम करने वाली गैर सरकारी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के विश्लेषण के अनुसार मार्च 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कम से कम 12,313 चुनावी बॉन्ड बेचे.

BJP congress

एक साल में भाजपा की संपत्ति में 22 फीसदी की बढ़त, कांग्रेस की 15 फीसदी घटी: रिपोर्ट

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा की कुल संपत्ति, जो वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान 1213.13 करोड़ रुपये थी, वो 2017-18 वित्त वर्ष में बढ़कर 1483.35 करोड़ रुपये हो गई.

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आरटीआई से खुलासा, दिल्ली में भुनाए गए करीब 80 फीसदी चुनावी बॉन्ड

मार्च 2018 से मई 2019 के बीच कुल 5,851.41 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे गए और इसमें से 4,715.58 करोड़ रुपये के बॉन्ड नई दिल्ली में भुनाए गए.

फोटो: पीटीआई

दो सालों में राजनीतिक दलों को मिला 985 करोड़ रुपये चंदा, 915 करोड़ अकेले भाजपा को: रिपोर्ट

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बीते दो वित्त वर्षों में राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट से मिलने वाले चंदे में 160 फीसदी का वृद्धि हुई है. साथ ही चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों द्वारा दानकर्ताओं के पैन कार्ड समेत कई अनिवार्य जानकारियां नहीं दी गईं.

पूर्व चुनाव आयुक्त ​टीएस कृष्णमूर्ति. (फोटो: पीटीआई)

सरकारी ख़र्चे से कराए जाएं चुनाव, कॉरपोरेट चंदे पर लगे पाबंदी: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में 2004 में आम चुनाव कराने वाले टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा कि कॉरपोरेट चंदे के माध्यम से धन जुटाने का अपारदर्शी तरीका चिंता पैदा करने वाला है.

BJP congress

चुनावी बॉन्ड: भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों ने चुनाव आयोग को नहीं दिया चंदे का ब्योरा

चुनावी बॉन्ड की बिक्री पर रोक की याचिका की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राजनीतिक दलों से चुनावी बॉन्ड से मिले चंदे और इसके दाताओं की सूची 30 मई तक सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग को सौंपने को कहा था.

New Delhi: A view of Parliament in New Delhi on Sunday, a day ahead of the monsoon session. PTI Photo by Kamal Singh (PTI7_16_2017_000260A)

मोदी के मंत्रिमंडल में 51 मंत्री करोड़पति, 22 पर आपराधिक मामले: एडीआर

चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शोध संस्था एडीआर के अनुसार, सबसे ज्यादा अमीर शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल हैं, जिनकी संपत्ति 217 करोड़ रुपये है. पीयूष गोयल की संपत्ति 95 करोड़ रुपये है. गुरुग्राम से निर्वाचित राव इंद्रजीत सिंह तीसरे सबसे धनी मंत्री हैं और उनकी संपत्ति 42 करोड़ रुपये है.

Bhubaneswar: Biju Janata Dal (BJD) President Naveen Patnaik takes oath as the Chief Minister of Odisha for a fifth consecutive term at the Idco Exhibition Ground, in Bhubaneswar, Wednesday, May 29, 2019. (PTI Photo) (PTI5_29_2019_000031B)

ओडिशा: नवीन पटनायक ने लगातार पांचवीं बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ उनके 11 विधायकों को कैबिनेट मंत्री एवं नौ को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई. पटनायक ने ओडिशा में लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

(फोटो: पीटीआई)

चार मई तक 5,029 करोड़ रुपये से अधिक के चुनावी बॉन्ड जारी किए गए: आरटीआई

एसबीआई ने बताया कि जारी किए गए 10,494 बॉन्ड में से 10,388 बॉन्ड यानी कि 5,011 करोड़ रुपये के बॉन्ड को को भुनाया जा चुका है.

(फोटो: रॉयटर्स)

99.8 फीसदी चुनावी बॉन्ड 10 लाख और एक करोड़ रुपये के ख़रीदे गए: आरटीआई

एसबीआई ने बताया कि मार्च 2018 से 24 जनवरी 2019 के बीच कुल 1,407.09 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे गए थे, जिसमें से 1,403.90 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड 10 लाख और एक करोड़ रुपये के थे.

Bulletin 12 April

द वायर बुलेटिन: देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा

अली-बजरंगबली’ वाली टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग के नोटिस समेत आज की बड़ी ख़बरें.

(फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड के ज़रिये मिले चंदे की जानकारी चुनाव आयोग को दें सभी राजनीतिक दल: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सभी दलों को निर्देश दिया है कि 30 मई तक वे चुनावी बॉन्ड की राशि और इसके दानकर्ताओं के नाम समेत सभी जानकारी सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग को दें. अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला विस्तृत सुनवाई के बाद लिया जाएगा.

चुनाव आयोग. (फोटो: रॉयटर्स)

मतदाताओं को राजनीतिक दलों को मिल रहे पैसे का स्रोत जानने का हक़ नहीं: अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल

सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बॉन्ड के ख़िलाफ़ याचिका की सुनवाई पूरी, शुक्रवार को आएगा फ़ैसला. सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि चुनावी बॉन्ड काले धन पर रोक लगाने के लिए एक प्रयोग है और लोकसभा चुनाव तक अदालत को इसमें दख़ल नहीं देना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

हम इलेक्टोरल बॉन्ड नहीं, बल्कि इससे जुड़े नाम उजागर न करने ख़िलाफ़ हैं: चुनाव आयोग

सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने की याचिका पर हो रही सुनवाई में मोदी सरकार ने बॉन्ड देने वालों की गोपनीयता को बनाए रखने की बात कही, वहीं चुनाव आयोग ने कहा कि पारदर्शिता के लिए दानकर्ताओं के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी. (फोटो: पीटीआई)

इलेक्टोरल बॉन्ड ने ‘क्रोनी कैपिटलिज़्म’ को वैध बना दिया: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि पहले चुनाव आयोग को ये पता चलता था कि 20,000 रुपये से ऊपर का चंदा किसने और किस पार्टी को दिया है. लेकिन, इलेक्टोरल बॉन्ड की वजह से अब ये जानकारी पूरी नहीं मिलती है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

चुनावी साल में इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री में 62 फीसदी की वृद्धि: आरटीआई

इस साल जनवरी और मार्च में बैंक ने 1,716.05 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे. वहीं, साल 2018 में मार्च, अप्रैल, मई, जुलाई, अक्टूबर और नवंबर के माह में 1,056.73 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे गए थे.

Bulletin

द वायर बुलेटिन: भाजपा समर्थक फेसबुक पेजों ने दो हफ्ते में प्रचार पर ख़र्च किए डेढ़ करोड़ रुपये

उत्तराखंड में सीनियरों द्वारा छात्र की पीट-पीटकर हत्या के बाद प्रशासन द्वारा शव को स्कूल में ही दफनाने समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

फोटो: पीटीआई

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, इलेक्टोरल बॉन्ड से राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता पर खतरा है

आयोग ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना और कॉरपोरेट फंडिंग को असीमित करने से राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे के पारदर्शिता पहलू पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. राजनीतिक दलों को अनियंत्रित विदेशी फंडिंग की अनुमति मिलेगी और इससे भारतीय नीतियां विदेशी कंपनियों से प्रभावित हो सकती हैं.

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द वायर बुलेटिन: पांच साल में 153 सांसदों की संपत्ति में 142 प्रतिशत की वृद्धि

द वायर बुलेटिन में वेदांता के ओडिशा प्लांट में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 2 की मौत समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

2014 में दोबारा सांसद बने 153 नेताओं की संपत्ति में 142 फीसदी इज़ाफ़ा, भाजपा के सर्वाधिक नेताः रिपोर्ट

इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के 72 सांसदों की संपत्ति में 7.54 करोड़ रुपये की औसत वृद्धि हुई, जबकि कांग्रेस के 28 सांसदों की संपत्ति में औसतन 6.35 करोड़ रुपये का इज़ाफ़ा हुआ.

अमित शाह (फोटो: रॉयटर्स)

अन्य पार्टियों के मुकाबले भाजपा को मिला 12 गुना ज़्यादा चंदा: रिपोर्ट

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार साल 2017-18 में राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से ज़्यादा की कुल 469.89 करोड़ रुपये धनराशि चंदे के तौर पर प्राप्त हुई, जिसमें से भाजपा को 437.04 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 26.65 करोड़ रुपये मिले हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the silver jubilee celebration of National Human Right Commission, in New Delhi, Friday, Oct 12, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI10_12_2018_100099B)

मोदी सरकार ने संसद को किया गुमराह, कहा- चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर चिंता जाहिर नहीं की

चुनाव आयोग ने बीते 26 मई 2017 को कानून मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की थी. इसके बाद कानून मंत्रालय ने आयोग की आपत्तियों को शामिल करते हुए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को तीन पत्र भेजा था.

राजस्थान विधानसभा भवन. (फोटो साभार: http://www.rajassembly.nic.in)

एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा, राजस्थान के 46 विधायकों के ख़िलाफ़ दर्ज हैं आपराधिक मामले

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के 99 में से 25 विधायकों, भाजपा के 73 में से 12 विधायकों और बसपा के छह में से दो विधायकों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

New Delhi : A view of Parliament House in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI12_19_2012_000056A)

क्या देश की राजनीति हमेशा ऐसी ही मूल्यहीनता और लूट-खसोट की पर्याय रही है?

देश में अरबपतियों की तेज़ी से बढ़ती संख्या के बीच आप रोते रहिए कि राजनीति का पतन हो गया है और अब वह समाजसेवा या देशसेवा का ज़रिया नहीं रही, इन बहुमतवालों को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योंकि उन्होंने इस स्थिति को सामाजिक-सांस्कृतिक मान्यता भी दिला दी है.

Politician

विधायकों की औसत सालाना आय 24.59 लाख रुपये, कर्नाटक में सबसे ज़्यादा, छत्तीसगढ़ में सबसे कम: एडीआर

देशभर के मौजूदा 4,086 विधायकों में से 3,145 विधायकों ने ही अपने आय का ब्योरा चुनाव आयोग को दिया है. 941 विधायकों ने अपनी आय घोषित नहीं की है.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव.(फोटो: पीटीआई)

देश के 32 क्षेत्रीय दलों ने सालभर में कमाए 321 करोड़ रुपये, समाजवादी पार्टी सबसे अमीर: एडीआर

देश में 48 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल हैं. 16 ने चुनाव आयोग को अपनी ऑडिट रिपोर्ट नहीं सौंपी है. 2016-17 में समाजवादी पार्टी की कमाई 32 दलों की कुल कमाई का 25.78 प्रतिशत है.