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सेना में एडल्ट्री क़ानून को जारी रखने की मांग क्यों हो रही है?

वीडियो: देश में व्यभिचार यानी एडल्ट्री को जुर्म की श्रेणी से हटाए जाने के तीन साल बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि सेना में एडल्ट्री को जुर्म ही रहने दिया जाए. सरकार का कहना है कि इससे सेना में अनुशासन के पालन पर असर पड़ता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सेना ने मानवाधिकार के मुद्दों से निपटने और पारदर्शिता लाने के लिए नया प्रकोष्ठ बनाया

मेजर जनरल गौतम चौहान ने दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक (मानवाधिकार) के रूप में पदभार ग्रहण किया है. पूर्वोत्तर क्षेत्र और जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में इस तरह के अभियान के दौरान सशस्त्र बलों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

पत्रकारों का काम सरकारों का प्रवक्ता बनना नहीं, उनसे सवाल पूछना है

पत्रकारिता और देशभक्ति का साथ विवादास्पद है. देशभक्ति अक्सर सरकार के पक्ष का आंख मूंदकर समर्थन करती है और फिर प्रोपगेंडा में बदल जाती है. आज सरकार राष्ट्रवाद के नाम पर अपना प्रोपगेंडा फैलाने की कला में पारंगत हो चुकी है और जिन पत्रकारों पर सच सामने रखने का दारोमदार था, वही इसमें सहभागी हो गए हैं.

आर्मी सर्विस कॉर्प्स का लोगो. (फोटो साभार: ट्विटर)

ओडिशा: सेना का जवान दिहाड़ी मज़दूर बनकर जीवनयापन करने को मजबूर

ओडिशा के नौपाड़ा ज़िले के 51 वर्षीय चंदूराम माझी गोंड आदिवासी हैं. व​ह आर्मी सर्विस कॉर्प्स में हवलदार थे. पत्नी की बीमारी के लिए ली गई छुट्टी के बाद जब वह तय समय पर सेना में दोबारा जॉइन नहीं कर सके तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

आयुध फैक्टरी के ख़राब गोला-बारूद के कारण 2014 से अब तक 960 करोड़ रुपये का नुकसान: सेना

भारतीय सेना की आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 से आयुध फैक्टरी बोर्ड द्वारा निर्मित गोला-बारूद और हथियारों के कारण दुर्घटनाओं में 27 सैनिकों और नागरिकों की जान चली गई और 159 लोग घायल हुए हैं.

राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

क्या देश और सरकार के लिए सत्य भी राम नाम की तरह पवित्र है

वह देश और उसकी जनता कितने दुर्भाग्यशाली होते होंगे, जिनकी चुनी हुई सरकार ही उनसे सच छिपाती फिरे. जहां राम नाम सत्य है कहा जाता होगा, पर उसका अर्थ गहरा और पवित्र नहीं होता होगा.

(फोटो साभार: पिक्साबे)

सेना में सोशल मीडिया बैन को चुनौती देने वाले अधिकारी से कोर्ट ने कहा- आदेश मानें या इस्तीफ़ा दें

भारतीय सेना द्वारा सैन्यकर्मियों के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 87 ऐप्स का इस्तेमाल प्रतिबंधित किए जाने के ख़िलाफ़ सेना के वरिष्ठ अधिकारी की याचिका सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें फेसबुक ज़्यादा पसंद है तो उनके पास इस्तीफ़ा देने का विकल्प है.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

देशभक्ति और बेरोजगारी को आधार बनाकर आम लोगों को तीन साल के लिए सेना में भर्ती का प्रस्ताव

सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो यह स्वैच्छिक भागीदारी वाली प्रक्रिया होगी और चयन मानदंडों को हल्का नहीं किया जाएगा.

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे. (फोटो: रॉयटर्स)

श्रीलंका में गृहयुद्ध के दौरान आठ लोगों की हत्या के दोषी सैनिक की मौत की सज़ा माफ़

वर्ष 2000 में तमिल बहुल उत्तरी प्रांत में तैनाती के दौरान श्रीलंकाई सैनिक सुनील रत्नायके एक बच्चे समेत आठ नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया गया था. 2015 में उच्च न्यायालय ने उन्हें हत्या का दोषी ठहराया था. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने सैनिक की सज़ा माफ़ कर दी है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन को सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया सही, केंद्र को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के दिल्ली हाईकोर्ट के 2010 के आदेश का पालन नहीं करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और सेना में स्थायी कमीशन का चुनाव करने वाली सभी महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थायी कमीशन का आदेश दिया.

नसीरुद्दीन शाह. (फोटो: द वायर)

फिल्म इंडस्ट्री हमेशा सत्ताधारियों के साथ रही है: नसीरुद्दीन शाह

साक्षात्कार: बीते दिनों द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ भाटिया के साथ बातचीत में फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने सीएए-एनआरसी-एनपीआर के विरोध में चल रहे विरोधी प्रदर्शनों, सांप्रदायिकता के उभार और अहम मसलों पर फिल्म उद्योग के बड़े नामों की चुप्पी समेत कई विषयों पर बात की.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

‘शारीरिक सीमाओं के आधार पर महिलाओं को कमान पद से इनकार प्रतिगामी क़दम’

सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों को उनकी शारीरिक सीमाओं के आधार पर स्थायी पदों से वंचित रखने का मामला. भारतीय सेना में सेवारत महिला अधिकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा के सुप्रीम कोर्ट में दिए गए तर्क का विरोध किया है.

Nanded: AIMIM President Asaduddin Owaisi addresses a public meeting ahead of Maharashtra Assembly polls, in Nanded, Wednesday, Oct. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI10_10_2019_000026B)

मुस्लिमों और दलितों पर हमला करने वाले लोगों को कट्टरपंथी सोच से कैसे मुक्ति दिलवाएंगे: औवेसी

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा था कि देश में कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविर चल रहे हैं क्योंकि यह वैसे लोगों को अलग करने के लिए जरूरी है, जिनकी सोच में चरमपंथ जड़ जमा चुका है. केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रावत की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि सेना लंबे समय से कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविर चला रही है.

New Delhi: Army Chief Bipin Rawat addresses a press conference ahead of Army Day, in New Delhi, Thursday, Jan. 10, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI1_10_2019_000077B)

कश्मीर में जो बच्चे कट्टरपंथी हो गए हैं, उन्हें शिविरों में रखने की ज़रूरत: बिपिन रावत

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने एक कार्यक्रम में कहा कि घाटी में चरमपंथ से निपटने के लिए सबसे पहले यह विचारधारा फैलाने वालों की पहचान करके उन पर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है. चरमपंथ से प्रभावित बच्चों को बाकी बच्चों से अलग किया जाना चाहिए.