Bhopal

Bhopal: A medic administers Covaxin, developed by Bharat Biotech in collaboration with the Indian Council of Medical Research (ICMR), during the Phase- 3 trials at the Peoples Medical College in Bhopal, Monday, Dec. 7, 2020. (PTI Photo)(PTI07-12-2020 000173B)

भोपाल में जारी ‘कोवैक्सीन’ टीके के क्लीनिकल परीक्षण को तुरंत बंद किया जाए: गैस पीड़ित संगठन

मध्य प्रदेश में भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम कर रहे चार संगठनों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि भारत बॉयोटेक के ‘कोवैक्सीन’ टीके के क्लीनिकल परीक्षण में भाग ले रहे लोगों की सुरक्षा और उनके हकों को नजरअंदाज करने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों और संस्थाओं के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई और मुआवज़े की मांग भी की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: कोरोना वायरस की वैक्सीन लगने के नौ दिन बाद मज़दूर की संदिग्ध हालत में मौत

भोपाल में 45 वर्षीय दीपक मरावी को यहां के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में बीते 12 दिसंबर को भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी. बीते 21 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई. मृतक के परिवार का आरोप है कि वैक्सीन से उनकी जान गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

‘अस्पताल की गाड़ी मोहल्ले में ऐलान कर रही थी कि टीका लगवा लो पैसे मिलेंगे, सो हम चले गए’

विशेष रिपोर्ट: भोपाल के पीपुल्स अस्पताल पर आरोप है कि उसने गैस त्रासदी के पीड़ितों समेत कई लोगों पर बिना जानकारी दिए कोरोना की वैक्सीन के ट्रायल किए, जिसके बाद तबियत बिगड़ने पर उनका निशुल्क इलाज भी नहीं किया गया. अस्पताल और स्वास्थ्य मंत्री ने ऐसा होने से इनकार किया है.

अखिलेश और रमाकांत गुंदेचा (फोटो साभारः फेसबुक)

मध्य प्रदेशः तानसेन समारोह से यौन उत्पीड़न के आरोपी अखिलेश गुंदेचा का नाम हटाया गया

संगीत गुरुकुल ध्रुपद संस्थान के गुरु और पखावज वादक अखिलेश गुंदेचा पर उनकी छात्राओं के यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों की जांच चल रही है. ग्वालियर में होने जा रहे तानसेन समारोह में वे परफॉर्म करने वाले थे, पर कुछ कलाकारों की आपत्ति के बाद आयोजकों ने उनका नाम हटा दिया है.

पद से हटाए गए आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा (फोटोः एएनआई)

मध्य प्रदेशः पत्नी के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद आईपीएस अधिकारी पद से हटाए गए

मध्य प्रदेश में डीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा एक वीडियो में कथित तौर पर पत्नी को पीटते नज़र आ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद उन्होंने ​कहा है कि यह अपराध का नहीं, बल्कि उनका पारिवारिक मामला है.

अखिलेश और रमाकांत गुंदेचा (फोटो साभारः फेसबुक)

ध्रुपद संस्थान में यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कई छात्रों ने संस्थान छोड़ा, जांच समिति पर उठाए सवाल

आवासीय संगीत गुरुकुल ध्रुपद संस्थान के दो लोकप्रिय गुरु रमाकांत और अखिलेश गुंदेचा पर छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि इन आरोपों की जांच के लिए गठित आंतरिक शिकायत समिति में या तो गुंदेचा परिवार से जुड़े लोग हैं या फिर संस्थान के.

अखिलेश और रमाकांत गुंदेचा (फोटो साभारः फेसबुक)

भोपालः ध्रुपद संस्थान के गुंदेचा बंधुओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप, मामले की जांच शुरू

आवासीय संगीत गुरुकुल ध्रुपद संस्थान के दो लोकप्रिय गुरु रमाकांत और अखिलेश गुंदेचा पर अपनी छात्राओं का यौन उत्पीड़न और उनसे छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए गए हैं. रमाकांत गुंदेचा की पिछले साल दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी.

(फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेशः इलाज के लिए 14 घंटे इंतज़ार के बाद अस्पताल परिसर में युवक की मौत, जांच के आदेश

मामला गुना के ज़िला अस्पताल का है. मृतक की पत्नी का आरोप है कि इलाज के लिए पर्ची बनवाने के लिए उनसे पैसे मांगे थे और पैसे न होने के कारण उनके पति को भर्ती नहीं किया गया. अस्पताल ने आरोप का खंडन किया है.

पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकाली. (फोटो साभार: ट्विटर)

एमपी: पेट्रोल-डीज़ल मूल्य वृद्धि पर कांग्रेस का प्रदर्शन, दिग्विजय सिंह सहित 150 लोगों पर केस

पेट्रोल और डीज़ल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन करने के लिए भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद और उनके पांच समर्थकों ​के ख़िलाफ़ भी केस दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ इस महीने में यह दूसरी एफ़आईआर दर्ज की गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल में कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों में 75 प्रतिशत गैस पीड़ित: रिपोर्ट

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम रहे चार एनजीओ ने शहर में कोविड-19 से हुई मौतों पर जारी रिपोर्ट में बताया है कि 11 जून तक भोपाल में कोरोना से 60 मौतें हुई थीं, जिनमें से 48 गैस पीड़ित थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली के छह अस्पतालों द्वारा कोरोना जांच से कथित इनकार के बाद भोपाल पहुंचे व्यक्ति की मौत

दिल्ली के मयूर विहार इलाके के रहने वाले व्यक्ति कोरोना जांच के लिए पांच से छह अस्पतालों में गए थे, लेकिन उनकी जांच नहीं हो सकी. मजबूरन वे बेटे के पास 800 किलोमीटर की यात्रा कर भोपाल गए थे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनका अंतिम संस्कार भोपाल में ही करना पड़ा. अब उनकी बेटी में संक्रमण पाया गया है.

A team of doctors wearing protective suits check slum dwellers during a house-to-house health survey at Vallabh Nagar during the nationwide lockdown imposed in wake of the coronavirus pandemic in Bhopal Monday April 20 2020. (Photo | PTI)

‘भोपाल में कोरोना से हुई 36 मौतों में से 32 गैस पीड़ित हैं’

गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले भोपाल ग्रुप ऑफ इंफॉर्मेशन एंड एक्शन और संभावना ट्रस्ट ने भोपाल में अब तक हुई कुल मौतों में से 36 की जानकारी निकाली है, जिसमें सामने आया है कि इनमें से बत्तीस गैस पीड़ित हैं. संगठनों का दावा है कि गैस जनित दुष्प्रभावों के चलते कोरोना का पीड़ितों पर गंभीर असर हो रहा है. इसके बावजूद सरकार इनके लिए आवश्यक क़दम उठाने में कोताही बरत रही है.

Indore: A medic checks the temperature of a stranded student from Kota upon her arrival, during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Indore, Thursday, April 23, 2020. (PTI Photo)(PTI23-04-2020_000220B)

मध्य प्रदेश में इंदौर के कोरोना का केंद्र बनकर उभरने की वजह क्या है?

कोरोना संक्रमितों की संख्या के लिहाज़ से महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली के बाद चौथा नंबर मध्य प्रदेश का है, जहां तीन चौथाई मामले केवल दो ज़िलों- इंदौर और भोपाल में सामने आए हैं. इसमें भी लगभग 60 फीसदी मामले अकेले इंदौर में मिले हैं.

गेस्ट लेक्चरर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में पिछले साल 10 दिसंबर से धरना दे रहे हैं.

मध्य प्रदेश: क्यों गेस्ट लेक्चरर डेढ़ महीने से कमलनाथ सरकार के ख़िलाफ़ धरने पर बैठे हैं?

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाने वाले गेस्ट लेक्चरर भोपाल के शाहजहांनी पार्क में कांग्रेस सरकार की ‘वादाख़िलाफ़ी’ के विरोध में 10 दिसंबर 2019 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.

गैस पीड़ितों के लिए बना सबसे बड़ा अस्पताल भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए बने अस्पताल के 15 में से 14 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफ़ा

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से इस्तीफ़ा देने वाले डॉक्टर प्रमोशन नही मिलने से नाराज़ हैं. अस्पताल की निदेशक ने कहा कि डॉक्टरों की मांग पर ग़ौर किया जा रहा है.