Elgar Parishad – Bhima Koregaon violence

कबीर कला मंच के कार्यकर्ता रमेश गायचोर, ज्योति जगदाप और सागर गोरखे

एल्गार परिषद मामला: एनआईए ने कबीर कला मंच की एक और कार्यकर्ता को गिरफ़्तार किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एल्गार परिषद मामले में सोमवार को कबीर कला मंच के दो कार्यकर्ताओं सागर गोरखे और रमेश गयचोर को गिरफ़्तार किया था. इन्होंने एजेंसी द्वारा उन पर माओवादियों से संबंध स्वीकारने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था.

कबीर कला मंच के कार्यकर्ता सागर गोरखे और रमेस गाइचोर

एल्गार परिषदः एनआईए ने कबीर कला मंच के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया

कबीर कला मंच के कार्यकर्ताओं सागर गोरखे और रमेश गयचोर का कहना है कि एनआईए उन पर दबाव बना रही है कि वे माओवादियों से संबंध की बात स्वीकार कर ले. माफ़ीनामा लिखकर देने पर उन्हें छोड़ने की बात कही गई है. एल्गार परिषद मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

(पार्थसारथी रे, के सत्यनारायण और केवी कुरमानाथ)

एल्गार परिषद मामलाः एनआईए ने पूछताछ के लिए प्रोफेसर और पत्रकार को तलब किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एल्गार परिषद मामले में पूछताछ के लिए हैदराबाद की ईएफएलयू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के सत्यनारायण और द हिंदू के पत्रकार केवी कुरमानाथ को तलब किया है. ये दोनों कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव के दामाद हैं.

आईआईएसईआर प्रोफेसर और मानवाधिकार कार्यकर्ता पार्थसारथी रे (फोटो साभारः फेसबुक)

एनआईए के नोटिस पर कोलकाता के प्रोफेसर ने कहा- एल्गार परिषद या भीमा कोरेगांव से कोई संबंध नहीं

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के एक प्रोफेसर को नोटिस भेजकर उनके कथित तौर पर एल्गार परिषद से जुड़े होने को लेकर 10 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है. प्रोफेसर का कहना है कि एनआईए का नोटिस प्रताड़ित करने वाला है.

आईआईएसईआर प्रोफेसर और मानवाधिकार कार्यकर्ता पार्थसारथी रे.

भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए ने कोलकाता के प्रोफेसर को पूछताछ के लिए तलब किया

कोलकाता के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में पढ़ाने वाले प्रोफेसर पार्थसारथी रे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे उन नौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में से हैं, जिन्हें बीते साल कथित तौर पर निगरानी रखने के लिए एक ‘स्पाईवेयर हमले’ का निशाना बनाया गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए अदालत ने आनंद तेलतुम्बड़े की जमानत याचिका ख़ारिज की

लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े ने यह कहते हुए ज़मानत मांगी थी कि वे 90 से अधिक दिनों से हिरासत में हैं लेकिन उनके ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर नहीं किया गया है. अदालत ने इसे ख़ारिज कर दिया.

शोमा सेन. (फोटो साभार: फेसबुक)

भीमा-कोरेगांव: नागरिक अधिकार कार्यकर्ता शोमा सेन को स्वास्थ्य आधार पर ज़मानत देने से इनकार

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता शोमा सेन ने अदालत में अंतरिम जमानत याचिका दायर करते हुए कहा था कि वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं और इस वजह से उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा अधिक है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

गौतम नवलखा की साथी का आरोप, जेल में 35 क़ैदियों के साथ एक कमरे में क्वारंटीन किया गया

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार 67 साल के सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं. उनकी साथी ने एक चिट्ठी लिखकर बताया है कि कोरोना संक्रमण के दौर में जेल में अस्थाई क्वारंटीन के छह कमरों में 350 क़ैदियों को रखा गया है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एनआईए ने गौतम नवलखा को मुंबई ले जाने में जल्दबाज़ी कीः दिल्ली हाईकोर्ट

सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा पर 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एलगार परिषद की बैठक में भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं, जिसके बाद पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी.

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सुधा भारद्वाज की ज़मानत रद्द: आदिवासियों की वकालत राजद्रोह?

वीडियो: सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वर्णन गोंसाल्विस को जनवरी 2018 में महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में माओवादियों से कथित संबंध होने के आरोप में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था. इस मामले पर चर्चा कर रही हैं आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.