Faizabad

उर्दू शाहर मीर अनीस.

मीर अनीस: गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतिनिधि शायर

मीर अनीस उर्दू शायरी के उस दौर में हुए थे, जब ग़ज़लों का झंडा चहुंओर बुलंद था. उन्होंने ग़ज़लों से इतर मर्सियों की रचना का कठिन रास्ता चुना.

Ranchi: RSS leader Indresh Kumar addresses a press conference, in Ranchi on Monday, July 23, 2018. (PTI Photo) (PTI7_23_2018_000133B)

आरएसएस नेता ने सुप्रीम कोर्ट के जजों पर साधा निशाना, कहा- केंद्र मंदिर पर क़ानून लाने को तैयार

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि अयोध्या मामला टालने की वजह से सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है.

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath during a BJP Sikh Samaj Sammelan, in Lucknow, Monday, Oct 29, 2018. (PTI Photo)(PTI10_29_2018_000208B)

शहरों के नाम बदलने पर योगी बोले- जो अच्छा लगा किया, शिवसेना बोली- वोटरों को लुभाने का लॉलीपॉप

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में भगवान राम की मूर्ति बनाने की योगी आदित्यनाथ की घोषणा की की निंदा की. पार्टी ने कहा कि सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है इसलिए लोगों को गुमराह करने के लिए अयोध्या कार्ड खेल रही है.

Ayodhya: Kim Jung-Sook, third left, wife of South Korean President Moon Jae-in, poses with artists dresses as Hindu deities, garlanded from right, Lakshman, Ram and Sita during Diwali celebrations in Ayodhya, India, Tuesday, Nov. 6, 2018. The South Korean first lady is the chief guest at Diwali celebrations in Ayodhya. India's minister of state for external affairs V.K.Singh, right and Uttar Pradesh state Chief Minister Yogi Adityanath, second right, also seen. (PTI Photo)(PTI11_6_2018_000116B)

फ़ैज़ाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया जाएगा: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ़ैज़ाबाद ज़िले में राजा दशरथ के नाम पर एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना और अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट को राम का नाम देने की घोषणा की.

स्वामी पागलदास.

अयोध्या में अब कोई ‘पागलदास’ नहीं रहता

जयंती विशेष: अंतरराष्ट्रीय ख्याति के मृदंगाचार्य रामशंकरदास उर्फ स्वामी पागलदास को खोकर अयोध्या आज भी उतनी ही उदास है जितनी वह मध्यकाल में वैरागियों द्वारा निर्गुण संत कवि पलटूदास को ज़िंदा जलाए जाने के वक़्त हुई होगी.

Maulvi Ahmadullah Shah Faizabadi Youtube

मौलवी अहमदउल्ला शाह फ़ैज़ाबादी: 1857 का ‘फौलादी शेर’, जिसने हिंदू-मुस्लिम एकता की बेल सींची

शहादत दिवस पर विशेष: 1857 की क्रांति के दौरान साधु-फकीरों, सिपाहियों व चौकीदारों के जरिये रोटी व कमल का जो फेरा लगता था, वह भी मौलवी अहमदउल्ला की ही सूझ थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

संप्रदायवादियों की दिलचस्पी धर्म में नहीं, उसके राजनीतिक इस्तेमाल में है: बिपन चंद्र

अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद वास्तविक मुद्दा नहीं हैं, क्योंकि जनता इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण रह रही है. वास्तविक मुद्दा सांप्रदायिकता का विकास और सांप्रदायिक संगठनों द्वारा सांप्रदायिक तनाव को हवा देना है.

अयोध्या. (फोटो साभार: ​टूरिज़्म आॅफ इंडिया)

अयोध्या एक शहर का नाम है जिसमें इंसान रहते हैं

यह वह अयोध्या नहीं है जिसको सार्वजनिक कल्पना में विहिप और भाजपा या दिल्ली के तथाकथित लिबरल्स व मार्क्सवादी बुद्धिजीवियों ने स्थापित किया है. यह एक सामान्य शहर है.

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अयोध्या विवाद: इस देश की राजनीति धर्मनिरपेक्ष विरासत और संकल्प भूल चुकी है

देश के वामपंथी और समाजवादी बौद्धिकों ने धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का पूरा दारोमदार मंडलवादी और आंबेडकरवादी आंदोलनों पर डाल दिया लेकिन इन आंदोलनों ने देश को इतने भ्रष्ट नेता दिए कि उनके पास धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का नैतिक बल ही नहीं बचा.

अयोध्या के नया घाट स्थि​त सरयूतट. (फोटो: कृष्णकांत)

छह दिसंबर हिंदुओं के लिए पश्चाताप, क्षमायाचना और आत्मचिंतन का दिन होना चाहिए

26 साल पहले आज ही के दिन स्वयं को रामभक्तों की सेना कहने वालों ने एक ऐसा जघन्य कृत्य किया था जिसके कारण पूरी दुनिया के सामने हिंदू धर्म का सिर हमेशा के लिए कुछ नीचे हो गया.

फाइल फोटो: पीटीआई

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही.

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निकाय चुनाव परिणाम को मोदी की नीतियों और विकास की जीत बताना महज़ सियासी ज़रूरत है

मेयरों के चुनाव में भाजपा की सफलता को मोदी-योगी के चमत्कारों से जोड़ने वालों को यह भी बताना चाहिए कि किसके चमत्कार से पार्टी निर्दलीयों से भी पीछे रही?

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अयोध्या में भले ही भाजपा जीती है, लेकिन बैलेट वोटिंग में उसे ख़ासा नुकसान हुआ है

फैज़ाबाद, आम्बेडकर नगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और सुल्तानपुर ज़िले की 33 नगर पालिका सीटों में से भाजपा को महज़ छह सीटों पर सफलता मिली.

(फोटो: पीटीआई)

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के स्वामित्व संबंधी विवाद में विहिप की क्या भूमिका है?

विधि विशेषज्ञों की मानें तो अब जो स्थिति है, उसमें चाहे विवाद कोर्ट के बाहर सुलझ जाए या फैसला हिंदुओं के पक्ष में आ जाए, मंदिर निर्माण में विहिप की कोई भूमिका मुमकिन नहीं है.

Ayodhya Wikimedia

अयोध्या में नए खेल की तैयारी कर रहा संघ परिवार

संघ परिवार के संगठन इन दिनों अयोध्या में ख़ुद को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के सद्भावपूर्ण हल का सबसे बड़ा पैरोकार सिद्ध करने में लगे हैं.

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अयोध्या: एक दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात

आज अयोध्या सीता जैसी ही अकेली है. वह नहीं समझ पा रही कि इस उदासी का गिला किससे और कैसे करे? बुधवार की जगर-मगर देखने तो सैकड़ों न्यूज़ चैनल दौड़ पड़े थे, अब उसकी उदासी को खोज-ख़बर लेने वाला कोई नहीं है.

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क्या योगी सरकार दीयों से ज़्यादा अयोध्यावासियों का दिल जलाना चाहती है?

सही मायने में अयोध्या और यहां रहने वाले लोगों की फ़िक्र किसी को नहीं है. 1,71,000 दीयों वाली सरकारी दीपावली मनाकर योगी सरकार सिर्फ़ अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही है.

Yogi Adityanath PTI

सावधान, वे फिर अयोध्या लौट आए हैं!

नई बात यह है कि इस बार वे ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे लगाते अयोध्या नहीं लौटे हैं. सरयू तट पर भगवान राम की भव्य प्रतिमा लगाने और भव्य देव दीपावली मनाने आए हैं.

महंत भास्कर दास. (फोटो साभार: सिफी न्यूज़ डॉट कॉम)

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के मुख्य पक्षकार भास्कर दास का निधन

1929 में गोरखपुर में जन्मे महंत भास्कर दास निर्मोही अखाड़े के साथ ही अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर के भी महंत थे.

Netaji Subhash Chandra Bose 1 PTI

क्यों कुछ लोग मानते हैं कि अयोध्या में रहने वाले गुमनामी बाबा ही सुभाष चंद्र बोस थे

असाधारण जीवन की तरह असाधारण मृत्यु ने नेताजी के इर्द-गिर्द रहस्यों का जाल-सा बुन दिया है. दुखद यह है कि जांच आयोगों के भंवरजाल में नेताजी किसी जासूसी कथा के नायक बन गए हैं.

​(फोटो: पीटीआई)

‘अयोध्या में मंदिर-मस्जिद से बड़ी बात आपस में अमन-चैन है’

हाशिम अंसारी राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सबसे पुराने पक्षकार थे. पिछले साल जुलाई में उनका देहांत हो गया. अपनी मौत के तीन महीने पहले इस पत्रकार से उन्होंने कहा था, ‘अयोध्या में रहने वाले लोग इस मसले से ऊब चुके हैं और इसका समाधान चाहते हैं लेकिन कुछ बड़े लोगों का इसमें राजनीतिक स्वार्थ है जो नहीं चाहते हैं कि मामला हल हो.’

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‘जब मुसलमान हमें वोट नहीं देते तो उन्हें टिकट क्यों दें’

अयोध्या में वोट डालने के बाद भाजपा के राज्यसभा सदस्य विनय कटियार ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को महत्वपूर्ण बताया. कहा, राम मंदिर के बिना सारे मुद्दे बेकार हैं.