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राजेंद्रनाथ लाहिड़ी: वो क्रांतिकारी, जिन्हें विश्वास था कि उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी…

पुण्यतिथि विशेष: अगस्त 1925 में अंग्रेज़ों का ख़ज़ाना लूटने वाले क्रांतिकारियों में से एक राजेंद्रनाथ लाहिड़ी भी थे. 1927 में इंसाफ़ के सारे तक़ाज़ों को धता बताते हुए अंग्रेज़ों ने उन्हें तयशुदा दिन से दो रोज़ पहले इसलिए फांसी दे दी थी कि उन्हें डर था कि गोंडा की जेल में बंद लाहिड़ी को उनके क्रांतिकारी साथी छुड़ा ले जाएंगे.

उत्तर प्रदेशः गोंडा में तीन नाबालिग दलित बहनों पर एसिड अटैक

घटना गोंडा ज़िले के परसपुर थाना क्षेत्र की है. तीनों बहनों को गोंडा ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत स्थिर है. पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश: बछड़े को निकालने के लिए कुएं में उतरे पांच लोगों की ज़हरीली गैस से मौत

उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले की शहर कोतवाली स्थित महाराजगंज मोहल्ले का मामला. पांच मृतकों में से चार एक ही परिवार के सदस्य थे.

जो न बोले जय श्री राम… गीत के गायक और गीतकार समेत चार गिरफ़्तार

लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए गायक वरुण बहार ने ‘जो न बोले जय श्री राम, उसको भेजो कब्रिस्तान’ नाम का एक विवादास्पद गीत गाया है, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई थी.

‘जितने हरामखोर थे कुर्बो-जवार में, परधान बन के आ गए अगली कतार में’

हिंदी कविता में जब कुछ बड़े कवियों की धूम मची थी, अदम गोंडवी अपने श्रोताओं और पाठकों को गांवों की उन तंग गलियों में ले गए जहां जीवन उत्पीड़न का शिकार हो रहा था.

गोंडा की घटना बताती है कि सांप्रदायिकता का ज़हर अब गांवों में भी फैल रहा है

पिछले दो-तीन दशकों में ‘सांप्रदायिक चेतना का ग्रामीणीकरण’ हुआ है. परंपरागत भारतीय समाज में हमारे बुज़ुर्गों ने सांप्रदायिकता से निपटने के लिए अपनी एक प्रणाली विकसित की थी.

योग के शोर के बीच महर्षि पतंजलि की जन्मभूमि उपेक्षा की शिकार है

जब पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी चल रही है, योग सूत्र और महाभाष्य के प्रणेता महर्षि पतंजति की जन्मभूमि को कोई पूछने वाला नहीं है. उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले के कोंडर गांव में स्थित पतंजलि की जन्मभूमि उपेक्षा की शिकार है.

केंद्र द्वारा स्वच्छ शहर चुने जाने की प्रक्रिया ग़लत: सीएसई

पर्यावरण पर काम कर रहे इस संगठन के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष पर आए शहरों ने कचरा प्रबंधन के जिन तरीकों को अपनाया है, वे पर्यावरण के अनुकूल नहीं है.

गोंडा से ग्राउंड रिपोर्ट: जाति, धर्म, धन और धुरंधर लोकतंत्र की शान

यूपी के गोंडा का जायज़ा लेने से पता चला कि पार्टियां भले ही कालाधन लाने, परिवारवाद मिटाने की बातें करें लेकिन चुनाव में जीत धन बल और बाहुबल से ही मिलती है.