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अस्पताल मानवता की सेवा करने के बजाय बड़े उद्योग की तरह हो गए हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 रोगियों के उचित इलाज पर स्वत: संज्ञान लिए गए मामले को सुनते हुए कहा कि अस्पताल कठिनाई के समय में राहत प्रदान करने के लिए होते हैं न कि नोट छापने की मशीन। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि आवासीय इलाकों में दो-तीन कमरे में चलने वाले ‘नर्सिंग होम’ सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते, इसलिए उन्हें बंद किया जाना चाहिए.

आपात ट्रॉमा केयर सेंटर का संचालन न करने को लेकर कैग ने असम सरकार को फटकार लगाई

कैग ने असम के पांच अस्पतालों में आठ साल से भी ज्यादा वक्त से ट्रॉमा केयर केंद्रों का संचालन न करने को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की खिंचाई की. विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित ये सेंटर सिर्फ आवश्यक मानव संसाधन की कमी के कारण नहीं चल रहे हैं.

कोविड-19 से प्रभावित उत्तर और मध्य भारत के ग्रामीण क्षेत्र क्या अनदेखी का शिकार हुए हैं

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रकोप से देश के गांव भी नहीं बच सके हैं. इस दौरान मीडिया में प्रकाशित ख़बरें बताती हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 का प्रभाव सरकारी आंकड़ों से अलहदा है.

यूपी: मुख्यमंत्री द्वारा गोद लिए गए अस्पताल खस्ताहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का नमूना भर हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों गोरखपुर के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेने की घोषणा की थी. स्थापना के कई साल बाद भी इन केंद्रों में न समुचित चिकित्साकर्मी हैं, न ही अन्य सुविधाएं. विडंबना यह है कि दोनों अस्पतालों में एक्स-रे टेक्नीशियन हैं, पर एक्स-रे मशीन नदारद हैं.

तमिलनाडु में सरकारी आंकड़ों से कई गुना अधिक है कोविड-19 से हुई मौतों की संख्या: एनजीओ

चेन्नई के एक ग़ैर सरकारी संगठन अरप्पोर इयक्कम ने छह अस्पतालों के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में दावा किया कि इस साल अप्रैल और मई में सरकार के 863 मौतों के आंकड़े के मुकाबले राज्य में मृत्यु दर 13.5 गुना अधिक रही है.

कोविड-19 और उत्तर प्रदेश: साक्षात नरक में वो छह सप्ताह…

कोरोना महामारी की घातक दूसरी लहर के दौरान जहां जनता तमाम संकटों से जूझ रही थी, वहीं योगी आदित्यनाथ की सरकार एक अलग वास्तविकता की तस्वीर पेश कर रही थी.

संसदीय समिति की चेतावनी के बावजूद अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या क्यों घटाई गई: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी से युद्ध जीत लेने की घोषणा कर रहे थे, उसी समय देश में ऑक्सीजन, आईसीयू एवं वेंटिलेटर बेडों की संख्या कम की जा रही थी, लेकिन झूठे प्रचार में लिप्त सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया.

गंभीर फाउंडेशन कोविड-19 दवा की अनधिकृत जमाखोरी, वितरण की दोषी, कार्रवाई करेंगे: ड्रग कंट्रोलर

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा फटकार के बाद दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रक ने बताया कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स क़ानून के तहत दोषी पाया गया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि कुछ लोगों के पास पैसा है और वे आसानी से दवा खरीद सकते हैं, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे जमाखोरी करेंगे. लोगों की मदद करने के और भी तरीके हो सकते थे.

दिल्ली: ड्रग कंट्रोलर के गौतम गंभीर को क्लीन चिट देने पर अदालत की फटकार, दोबारा जांच को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद गौतम गंभीर के पास बड़ी मात्रा में फैबीफ्लू मिलने की जांच करने वाले औषधि नियामक की रिपोर्ट ख़ारिज करते हुए कहा कि इस संस्था से अदालत का भरोसा डगमगा गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि ख़ुद को मददगार दिखाने के लिए हालात का फायदा उठाने की प्रवृत्ति की कड़ी निंदा होनी चाहिए.

औषधि नियंत्रक जांच करे कि कमी के बीच गौतम गंभीर को कोविड-19 की दवा कैसे मिली: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर अच्छी मंशा से दवाएं बांट रहे थे, लेकिन महामारी के बीच उनके द्वारा उठाए गए इस क़दम को अदालत ‘ज़िम्मेदाराना व्यवहार’ नहीं मानती है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के ख़िलाफ़ भी जांच के आदेश दिए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के ‘राम भरोसे’ वाले फैसले पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश को सलाह के तौर पर लेना चाहिए और उसे लागू करने के लिए हरसंभव क़दम उठाने चाहिए. उत्तर प्रदेश के मेरठ जैसे शहर के एक मेडिकल कॉलेज में इलाज की बुरी स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि शहरों का यह हाल है तो छोटे शहरों और गांवों के संबंध में राज्य की संपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था राम भरोसे ही कही जा सकती है.

Lucknow: UP Chief Minister Yogi Adityanath talks to the media at Central Hall of Assembly in Lucknow, Wednesday, Dec. 19, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2018_000091)

उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों में चिकित्सा व्यवस्था ‘राम भरोसे’: इलाहाबाद हाईकोर्ट

मेरठ ज़िला अस्पताल में भर्ती एक मरीज़ की मौत के बाद शव का निस्तारण ‘अज्ञात’ में कर देने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की. अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं है और अगर महामारी की तीसरी लहर आती है तो उत्तर प्रदेश इसके लिए तैयार है.

कोविड की दूसरी लहर में अब तक तीन सौ के क़रीब डॉक्टरों की जान गई: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बताया कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अब तक देशभर के 269 चिकित्सक अपनी जान गंवा चुके हैं. संक्रमण के चलते बिहार में सर्वाधिक 78 डॉक्टरों की मौत हुई है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 37 और दिल्ली में 28 डॉक्टरों की मौत हुई है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड की दूसरी लहर नियंत्रण में है, लेकिन हक़ीक़त कुछ और है

वीडियो: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति इतनी बुरी है कि भाजपा के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि वह बहुत अधिक कहने से डरते हैं, क्योंकि इससे उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह का आरोप लग सकता है. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि महामारी की दूसरी लहर नियंत्रण में है.

वाराणसी: मरीज़ों से सरकारी दर से अधिक शुल्क वसूलने को लेकर 14 अस्पतालों को नोटिस

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि संबंधित अस्पतालों के अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित से अधिक शुल्क क्यों ले रहे हैं. ऐसा न करने पर उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.