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(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्लीः 200 से अधिक कोरोना मरीज़ों को अस्पताल पहुंचा चुके एंबुलेंस ड्राइवर की संक्रमण से मौत

शहीद भगत सिंह सेवा दल से जुड़े एंबुलेंस ड्राइवर आरिफ़ ख़ान बीते मार्च महीने से कोरोना संक्रमित लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रहे थे. काम ख़त्म कर वह घर नहीं जाते थे, बल्कि एबुंलेस के पार्किंग लॉट में ही सो जाया करते थे.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को रोका जा सकता था

कोरोना महामारी से बचने के लिए हुए लॉकडाउन के दौरान विभिन्न सेवाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई थीं, लेकिन जानकारों का मानना है कि अगर राज्य सरकारें चाहतीं, तो इन सेवाओं में हुई गिरावट को रोका जा सकता था.

A health worker in personal protective equipment reacts as she and the rest of the team walk through an alley during a check up campaign for the coronavirus disease (COVID-19) at a slum area in Mumbai. Credit: Reuters.

ड्यूटी के समय कोविड संक्रमित या मरने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का आंकड़ा तैयार नहीं किया: सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि मृत स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को मुआवजा या नौकरी के लिए कोविड-19 के संदर्भ में कोई विशेष योजना प्रस्तावित नहीं की गई है.

(फोटोः पीटीआई)

संसद में कोरोना से डॉक्टरों की मौत का ज़िक्र नहीं, आईएमए ने कहा- नायकों से मुंह फेर रही सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन द्वारा संसद में दिए गए बयान में काम के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले डॉक्टरों का ज़िक्र न होने से नाख़ुश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ऐसे 382 चिकित्सकों की सूची जारी करते हुए उन्हें शहीद घोषित करने की मांग की है.

A health worker in personal protective equipment reacts as she and the rest of the team walk through an alley during a check up campaign for the coronavirus disease (COVID-19) at a slum area in Mumbai. Credit: Reuters.

भारत में कोविड-19 से लगभग 200 डॉक्टरों की मौत हुई है: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर ध्यान दें. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि डॉक्टरों और उनके परिवार के लिए पर्याप्त देखभाल सुनिश्चित की जाए और सरकार की तरफ से उन्हें चिकित्सीय एवं जीवन बीमा दिया जाए.

(फोटोः पीटीआई)

1,302 डॉक्टर कोरोना संक्रमित, अब तक 99 डॉक्टरों की मौत: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों को एहतियात बरतने के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि वरिष्ठ और युवा डॉक्टर समान रूप से कोरोना संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन वरिष्ठों की मृत्यु दर अधिक है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

कर्नाटक: 36 घंटे में 50 अस्पतालों ने किया भर्ती करने से इनकार, अस्पताल के गेट पर मरीज़ की मौत

मामला बेंगलुरु का है, जहां 52 वर्षीय कपड़ा व्यापारी को तेज़ बुखार और सांस लेने में समस्या हुई थी. उनके भतीजे ने बताया कि वे उन्हें दो दिन एंबुलेंस से 18 अस्पतालों में लेकर गए, 30-32 अस्पतालों में फोन किया लेकिन सभी जगह उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया.

फोटो: पीटीआई

डॉक्टरों-नर्सों के लिए दिए गए पीपीई किट का बेहतर उपयोग करना राज्यों की ज़िम्मेदारी: केंद्र

इससे प​हले कोरोना वायरस की रोकथाम में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास और क्वारंटीन सुविधा को लेकर उच्चतम न्यायालय में दाख़िल एक अन्य याचिका के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि संक्रमण से बचाव की अंतिम ज़िम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों की है.

(फोटो साभार: फेसबुक/AyushmanBharatGoI)

लॉकडाउन के दौरान आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या में हुई 51 प्रतिशत के क़रीब गिरावट

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का आधिकारिक डेटा बताता है कि 25 मार्च से दो जून की लॉकडाउन की अवधि के दौरान इससे पहले के 12 हफ्तों की तुलना में योजना के तहत सर्जिकल प्रकियाओं और अन्य मेडिकल देखरेख के मामलों में बड़ी गिरावट देखी गई.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में 2,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव: रिपोर्ट

एक समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों में से 1,207 डॉक्टर और नर्स दिल्ली के नौ बड़े कोरोना अस्पतालों के हैं. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक कोरोना से संक्रमित हुए स्वास्थ्यकर्मियों का कोई आंकड़ा नहीं दिया है.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: उपराज्यपाल ने पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन का आदेश वापस लिया

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया था कि कोविड-19 के हर मरीज़ के लिए घर में क्वारंटीन की जगह पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रहना ज़रूरी होगा. इस पर दिल्ली सरकार का कहना था कि इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गृह मंत्री द्वारा गठित समिति ने आइसोलेशन बेड व अन्य शुल्क तय करने की सिफ़ारिश की

समिति ने दिल्ली के किसी भी अस्पताल में कोरोना वायरस आइसोलेशन बेड का शुल्क 8,000 रुपये से 10,000 रुपये तथा वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का शुल्क 15,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रतिदिन तय करने की सिफ़ारिश की है.

Srinagar: A health worker takes samples for swab test from a young girl arriving in Kashmir, during the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, in Srinagar, Thursday, May 7, 2020. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI07-05-2020 000190B)

केंद्र कोरोना जांच की अधिकतम कीमत तय करे, देश में कीमतों में एकरूपता होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में कोविड-19 जांच की अलग-अलग कीमतों पर संज्ञान लिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि कहीं 2,200 रुपये में कोरोना टेस्ट हो रहा है, तो कहीं 4,500 रुपये में, ऐसा नहीं होना चाहिए.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में कोरोना जांच की कीमत घटाकर 2400 रुपये करने का निर्णय: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति के सुझाव के आधार पर ये निर्णय लिया गया है. इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार के पास रिपोर्ट भेजी गई है.