Ministry of Housing and Urban Affairs

(फोटो: पीटीआई)

दिसंबर में नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा और अक्टूबर 2022 में पूरा होगा

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन का निर्माण मौजूदा इमारत के नज़दीक ही किया जाएगा. इस परियोजना का विभिन्न स्तरों पर विरोध भी हो रहा है. परियोजना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी, बीते मई महीने में शीर्ष अदालत ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

New Delhi: The statue of Mahatma Gandhi in the backdrop of the Parliament House during the Monsoon Session, in New Delhi on Friday, July 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI7_20_2018_000250B)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट: नए संसद भवन के निर्माण का टेंडर टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन का निर्माण मौजूदा इमारत के नज़दीक ही किया जाएगा. इसके 21 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है. इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरणविदों द्वारा लगातार चिंता व्यक्त की गई है.

(फोटो: पीटीआई)

क्या देश को वाकई एक नए संसद भवन की ज़रूरत है

संसद भवन एक जीवित विरासत स्थल है, जो आज़ाद भारत के कई ऐतिहासिक पलों का साक्षी रहा है. एक समृद्ध ऐतिहासिक इमारत को किनारे कर एक नए संसद भवन के निर्माण की योजना समझ से बाहर है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

पुरानी संसद असुरक्षित, समुचित जगह नहीं, इसलिए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की ज़रूरत: केंद्र

केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में कहा गया है कि मौजूदा इमारत में सुरक्षा संबंधी कई समस्याएं हैं और साल 2026 में सांसदों की संख्या बढ़ने के बाद अतिरिक्त जगह की ज़रूरत होगी इसलिए इस प्रोजेक्ट की ज़रूरत है.

(फोटो साभार: एचसीपी डिजाइंस)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के काम पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बावजूद विभिन्न अथॉरिटीज़ प्रोजेक्ट से जुड़ी निर्माण गतिविधियों के लिए सहमति दे रहे हैं, इसलिए इससे संबंधी किसी भी मंज़ूरी पर रोक लगानी चाहिए.

Indian Republic Reuters

पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग की

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के वक्त जब जन स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए भारी भरकम धनराशि की जरूरत है तब यह गैर-जिम्मेदाराना कदम उठाया जा रहा है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

सेंट्रल विस्टा: पर्यावरण मंत्रालय की समिति की नए संसद भवन के नवीकरण को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश

नया संसद भवन केंद्र सरकार की सेंट्रल विस्टा परियोजना का एक हिस्सा है, जिसमें 922 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मौजूदा संरचना से सटे भूखंड पर एक नया परिसर बनाना शामिल है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट का सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट रोकने से इनकार, कहा- कोरोना के समय कोई कुछ नहीं करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के दौरान सिर्फ बहुत ज़रूरी मामलों पर ही सुनवाई होगी और ये अतिआवश्यक मामला नहीं है. लुटियंस दिल्ली में नया संसद और केंद्र के अन्य सरकारी ऑफिसों के निर्माण के लिए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट सरकार की ओर से लाया गया है.

A bird’s eye view of Rajpath, during the 66th Republic Day Parade 2015, in New Delhi on January 26, 2015.

कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन लेकिन सरकार विवादित सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही

दिल्ली मास्टर प्लान- 2021 में पांच प्लॉटों के लिए लैंड यूज में संशोधन किया गया है जिसमें मौजूदा संसद के बगल में नया संसद भवन और प्रधानमंत्री के लिए नया आवास बनाने का प्रस्ताव शामिल है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

रक्षा और विदेश मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने सरकारी बंगलों के बकाया का भुगतान नहीं किया: आरटीआई

एक आरटीआई के जवाब में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि विजय गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, निर्मला सीतारमण और सुषमा स्वराज समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपने सरकारी बंगलों के फरवरी तक के बकाया का भुगतान नहीं किया है.

(फोटो: पीआईबी)

स्मार्ट सिटी: पिछले चार सालों में केवल सात फीसदी राशि जारी कर पाई मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए कुल 2267.62 करोड़ रूपये की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं मंजूरी की गई थीं लेकिन पिछले चार वर्षों में मात्र 8.63 प्रतिशत यानि 196 करोड़ रूपये की धनराशि ही जारी हो पाई.

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दिल्ली के पुनर्विकास के लिए मिली पर्यावरणीय अनुमतियां कई सवाल खड़े करती हैं

परियोजना को मिली स्वीकृतियां स्पष्ट दिखाती हैं कि इसके लिए गुड गवर्नेंस के कई सिद्धांतों से समझौता किया गया है.

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दिल्ली के पूर्वी किदवई नगर के पुनर्विकास का ख़ामियाज़ा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की पूर्वी किदवई नगर पुनर्विकास परियोजना के ख़िलाफ़ आस-पास के रहवासियों ने आवाज़ तो उठाई, लेकिन अब उन्हें बड़े पैमाने पर चल रही इस परियोजना से उपजी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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दिल्ली में हरे पेड़ों की कटाई का हल नए पौधे लगाना नहीं है

हरे पेड़ों को काटने के एवज में नए पेड़ लगाना ऐसी एजेंसियों का पसंदीदा हथियार है, जो समाज और पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान की कीमत पर भी विकास को बढ़ावा देना चाहती हैं. उनका मानना है कि पारिस्थितिकी बदलना शहरी विकास के वर्तमान तरीकों को बदलने से ज़्यादा आसान है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए काटे जाएंगे 14 हज़ार पेड़: सरकार

आवासीय एवं शहरी विकास मंत्रालय की पुनर्विकास योजना के तहत पेड़ काटे जाने की ख़बरों के जवाब में मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मौजूदा 21,040 पेड़ों में से 14,031 पेड़ काटे जाने हैं.