नॉर्थ ईस्ट

मेघालयः सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में दो की मौत, नौ घायल

शिलांग में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और इनर लाइन परमिट के समर्थन में हुई बैठक के दौरान खासी स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों और गैर आदिवासियों के बीच झड़प हुई. इस दौरान दस लोगों को चाकू मारा गया था.

शिलांग में शनिवार को कर्फ्यू के दौरान एक इलाके में तैनात सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

शिलांग में शनिवार को कर्फ्यू के दौरान एक इलाके में तैनात सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

शिलांगः मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में शनिवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) और गैर आदिवासियों के बीच झड़प में दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, झड़प के दौरान हुई मौतों के बाद शेला और शिलांग के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के समर्थन में हुई बैठक के दौरान खासी स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों और गैर आदिवासियों के बीच झड़प हो गई. इस दौरान दस लोगों को चाकू मारा गया.

यह बैठक शुक्रवार को भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप स्थित जिले के इचामति इलाके में हुई थी.

इस दौरान छह जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक जारी है.

इससे पहले शुक्रवार को ईस्ट खासी हिल्स जिले के इचामाति इलाके में केएसयू और गैर आदिवासियों के बीच झड़प में एक स्थानीय टैक्सी ड्राइवर की मौत हो गई थी.

सरकार ने शिलाग और इससे सटे आसपास के इलाकों में एक मार्च की सुबह तक कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया था. इस दौरान केंद्रीय सशस्त्रबलों की दो टुकड़ियां मौके पर पहुंची.

मेघालय के सहायक महानिरीक्षक जीके इयानग्रे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जिन भी लोगों को चाकू मारा गया है, उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमले में घायल असम के बारपेटा जिले के रूपचंद दीवान (29) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

पुलिस महानिरीक्षक क्लॉडिया लिनग्वा ने कहा कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है. लिनग्वा ने कहा कि घायलों की संख्या 16 हो गई है.

बता दें कि सीएए पर चर्चा करने और इनर लाइन परमिट पर चर्चा के लिए केएसयू की बैठ के बाद झड़प हुई. मेघालय का एक बड़ा हिस्सा सीएए से बाहर है, आमतौर पर पूरा राज्य छठी अनुसूची के तहत आता है.

इस घटना के बाद केएसयू की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने एक बैठक बुलाई है.

उन्होंने बताया कि झड़पों के बाद शिलॉन्ग और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया और राज्य के छह जिलों ईस्ट जयंतिया हिल्स, वेस्ट जयंतिया हिल्स, ईस्ट खासी हिल्स, री भोई, ईस्ट खासी हिल्स और साऊथ वेस्ट खासी हिल्स में शुक्रवार रात से 48 घंटों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थी.

अधिकारियों ने बताया कि एसएमएस भेजने की सीमा प्रति दिन पांच तक दी गई है.

मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

उन्होंने बयान में कहा, ‘मैं मेघालय में सभी नागरिकों आदिवासी या गैर आदिवासियों से शांत रहने की अपील करता हूं. अफवाहें न फैलाएं और उन पर ध्यान न दें. मुख्यमंत्री ने मुझसे बात की है. उन्होंने मुझे आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. अब सबसे बड़ी जरूरत कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना है.’

मेघालय के गृह मंत्री एल रिमबुई ने इचामति में घटना की निंदा की.

उन्होंने कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)