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असम: अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री से सरकारी पेपर मिलों की नीलामी रोकने की अपील की

जेल में बंद असम के निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि राज्य में उसकी सरकार बनने पर वह पेपर मिलों को पुनर्जीवित करेगी. हालांकि नगांव पेपर मिल और कछार पेपर मिल की नीलामी के लिए नवीनतम नोटिस सभी वादों के लिए एक गंभीर झटका है.

असम के निर्दलीय विधायक और किसान नेता अखिल गोगोई. (फोटो: द वायर)

असम के निर्दलीय विधायक और किसान नेता अखिल गोगोई. (फोटो: द वायर)

गुवाहाटी: असम के निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सरकार के स्वामित्व वाले हिंदुस्तान पेपर मिल कॉरपोरेशन लिमिटेड की दो बेकार पड़ीं कागज मिलों की नीलामी के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की अपील की.

उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र में लिखा है कि सरकार को मध्य प्रदेश में नेपा और केरल में हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट लिमिटेड की तर्ज पर नगांव पेपर मिल और कछार पेपर मिल की दो इकाइयों का पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण करना चाहिए.

गोगोई ने मोदी से इन इकाइयों को नवरत्न और महारत्न कंपनियों की तरह लाभप्रद उद्यम में बदलने के लिए उपाय करने का अनुरोध किया.

एनडीटीवी के मुताबिक, दक्षिणी असम के हैलाकांडी में स्थित कछार पेपर मिल और मध्य असम के मोरीगांव जिले में नगांव पेपर मिल क्रमश: 2015 और 2017 से बंद पड़े हैं. इनकी 15 जून से नीलामी शुरू होगी.

बीते आठ जून को लिखे गए पत्र में गोगोई ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी इन उद्योगों की दुर्दशा को पहचान चुकी थी. चुनावों के दौरान अप्रैल 2021 में वादे किए थे कि असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल पेपर मिलों को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि उत्पादन में वृद्धि करेगी, असम में बांस का उत्पादन बढ़ाएगी और बड़े पैमाने पर पूरे भारत में कागज की आपूर्ति करेगी.’

गोगोई ने आगे कहा, ‘यह न केवल उन संकटग्रस्त कर्मचारियों के लिए, बल्कि असम की औद्योगिक संभावनाओं के लिए भी खुशी की बात थी. हालांकि ई-नीलामी के लिए नवीनतम नोटिस वास्तव में उन सभी वादों के लिए एक गंभीर झटका होगा.’

इस बात पर जोर देते हुए कि ये दोनों संयंत्र, तेल और चाय क्षेत्रों के बाद आधुनिक असम की आर्थिक समृद्धि के प्रतीक थे, गोगोई ने पत्र में कहा, ‘मुझे आशा है कि आप इस मामले पर तत्काल गौर करेंगे, ताकि नगांव और कछार मिलों की ई-नीलामी रद्द हो सके.’

उन्होंने कहा कि  दोनों मिलों का परिचालन बंद होने और 1,200 से अधिक कर्मचारियों का बकाया भुगतान न करने के कारण वे संकट में पड़ गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सत्ता में आने के बाद से दोनों संयंत्रों के पुनरुद्धार का वादा कर रही थी.

नीलामी में बोलियों के लिए आरक्षित मूल्य 1,139 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है और जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून है. नीलामी 30 जून को निर्धारित की गई है.

बता दें कि नव गठित रायजोर दल के संस्थापक और निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई आरोप में जेल में बंद हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राज्य में हिंसक सीएए विरोधी प्रदर्शनों में कथित संलिप्तता के मामले में 2019 में उन्हें गिरफ्तार किया था.

प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के कार्यकर्ता होने के आरोप में गोगोई के खिलाफ एनआईए द्वारा राजद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज किया गया है. अखिल गोगोई और केएमएसएस ने पिछले साल दिसंबर में सीएए के खिलाफ असम में हुए प्रदर्शनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)