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केरल: जेआरएस नेता ने कहा- 25 लाख के अलावा भाजपा ने एनडीए में आने के लिए दस लाख और दिए

जनाधिपत्य राष्ट्रीय सभा की राज्य इकाई की कोषाध्यक्ष प्रसीता अझिकोड ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि केरल भाजपा ने एनडीए में जेआरएस की वापसी के लिए पार्टी अध्यक्ष सीके जनु को पच्चीस लाख रुपये की रिश्वत दी थी. अब उन्होंने बताया है कि इसके लिए अलग से दस लाख रुपये भी दिए गए थे.

भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन (फोटो साभारः ट्विटर)

भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन (फोटो साभारः ट्विटर)

नई दिल्लीः केरल में भाजपा पार्टी पर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी जनाधिपत्य राष्ट्रीय सभा (जेआरएस) की एक नेता का आरोप है कि केरल भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में जेआरएस की वापसी के लिए पार्टी की अध्यक्ष सीके जनु को पच्चीस लाख रुपये की रिश्वत दी थी.

जेआरएस की राज्य इकाई की कोषाध्यक्ष प्रसीता अझिकोड ने बुधवार को पुलिस को बताया कि इसके अलावा भी सीके जनु को एनडीए में वापस आने के लिए अलग से दस लाख रुपये भी दिए गए थे.

प्रसीता अझिकोड ने वायनाड में पुलिस की अपराध शाखा के समक्ष यह गवाही दी.

वायनाड में प्रसीता के आरोपों के आधार पर ही भाजपा के राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन के खिलाफ 17 जून को मामला दर्ज किया गया था.

प्रसीता का आरोप है कि इस साल केरल में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में वापसी के लिए जून को दस लाख रुपये दिए गए थे.

प्रसीता ने कथित तौर पर उनके और सुरेंद्रन के बीच की बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी जारी किया था. इस क्लिप में सुरेंद्रन को यह कहते सुना जा सकता है कि जेआरएस को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे और इस सौदे के बारे में भाजपा के राज्य आयोजन सचिव एम. गणेश को जानकारी है.

इस ऑडियो क्लिप में सुरेंद्रन कहते हैं, ‘मैंने आपकी पार्टी को 25 लाख रुपये देने की व्यवस्था की है. यह आपकी पार्टी के लिए है और अन्य मामलों को मंडलम समिति (सुल्तान बथेरी विधानसभा क्षेत्र, जहां सीके जनु ने एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा) द्वारा संचालित किया जाएगा.’

पुलिस की जांच टीम के समक्ष गवाही के बाद प्रसीता ने बुधवार को आरोप लगाया, ‘पच्चीस लाख रुपये की यह धनराशि सीके जनु को नकद दी गई थी. यह भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के उस दावे के खिलाफ है, जिसमें कहा गया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने सिर्फ डिजिटल लेनदेन किया था. हालांकि, धनराशि पार्टी के चुनावी फंड के लिए दी गई थी, जनु ने इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया.’

प्रसीता के अनुसार, पच्चीस लाख रुपये का यह कथित नकद सौदा 26 मार्च को वायनाड में एक होम स्टे में हुआ था, जहां वह भी मौजूद थी.

प्रसीता ने कहा, ‘भाजपा वायनाड के जिला सचिव प्रशांत मालवयाल ने यह धनराशि जनु को सौंपी थी. इस पैसे को मंदिर से प्रसाद की आड़ में कपड़े के थैले में लाया गया था. बैग में पैसों के ऊपर पौधे रखे हुए थे और जब हमारे सचिव ने इसके बारे में पूछा तो उन्होंने (प्रशांत) कहा कि ये उम्मीदवार के लिए एक पवित्र चीज है. इसके बाद जनु आईं और उन्होंने वह बैग ले लिया.’

प्रसीता ने कहा कि यह घटना सुरेंद्रन से पैसों के बारे में कथित बातचीत के एक दिन बाद की है. वहीं, सुरेंद्रन का कहना है कि ये आरोप आधारहीन है और कानूनी रूप से इसका जवाब दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘सरकार सोचती है कि वह भाजपा के खिलाफ मामले दर्ज कराकर पार्टी का मुंह बंद कर सकती है. भाजपा कानूनी कार्रवाई करेगी.’

इस बीच केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लोकतांत्रिक युवा जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलीम मदवूर की याचिका पर एक विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जो चाहते थे कि केंद्रीय एजेंसी विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा लगाए गए कथित काले धन के स्रोत की जांच करे.

केरल विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले 3.50 करोड़ रुपये की लूट की घटना की ओर इशारा करते हुए सलीम ने कहा कि भाजपा ने केरल विधानसभा चुनाव में काला धन लगाया है.

इस मामले में ईडी जांच के लिए दायर याचिका पर एक जून को सुनवाई होगी.