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शरद पवार पर ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट के मामले में अभिनेत्री केतकी चिताले 18 मई तक पुलिस हिरासत में

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर मराठी अभिनेत्री केतकी चिताले और फार्मेसी के 23 वर्षीय छात्र निखिल भामरे को बीते 14 मई को गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद से चिताले के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में कई एफ़आईआर दर्ज कराए जा चुके हैं.

शरद पवार और केतकी चिताले. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

ठाणे/मुंबई: अपने फेसबुक पेज पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट में संत तुकाराम के नाम का कथित रूप से दुरुपयोग करने के लिए मराठी अभिनेता केतकी चिताले के खिलाफ तीन और मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें दो मुंबई में और एक मामला अकोला जिले में दर्ज किया गया है.

इससे पहले 29 वर्षीय टीवी अभिनेत्री के खिलाफ ठाणे, पुणे और धुले जिलों में ऑनलाइन पोस्ट के संबंध में मामले दर्ज किए गए थे.

ठाणे पुलिस ने चिताले के खिलाफ कलवा थाने में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मामला दर्ज होने के बाद बीते 14 मई उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. ठाणे की एक निचली अदालत ने रविवार को चिताले को 18 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.

पवार को कथित रूप से बदनाम करने वाले पोस्ट के संबंध में राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं.

वहीं, पुणे साइबर पुलिस ने कहा कि ठाणे पुलिस की हिरासत अवधि समाप्त होने पर वह अभिनेत्री की हिरासत मांगेगी. पुणे साइबर पुलिस ने भी चिताले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

पुणे साइबर पुलिस के निरीक्षक दगड़ू हाके ने कहा, ‘हमने चिताले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और ठाणे पुलिस की हिरासत अवधि समाप्त होने बाद हम उनकी हिरासत का अनुरोध करेंगे.’

अधिकारी ने कहा कि फिल्म और टेलीविजन अभिनेत्री 29 वर्षीय चिताले ने कथित तौर पर अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसके कारण ठाणे पुलिस ने उन्हें बीते 14 मई को गिरफ्तार किया.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभिनेत्री को रविवार को एक अवकाशकालीन अदालत के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें 18 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.

इस बीच, पुणे के एक संगठन ने चिताले द्वारा साझा पोस्ट में कथित तौर पर संत तुकाराम का जिक्र करने के लिए अभिनेत्री के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई.

संत तुकाराम देहू संस्थान ने पुणे के देहू थाने में लिखित शिकायत कर चिताले द्वारा साझा पोस्ट में कथित तौर पर 17वीं सदी के कवि का जिक्र करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

वरकारी संप्रदाय के सदस्य और संत तुकाराम देहू संस्थान के पदाधिकारी नितिन मोरे ने इस मामले में बीते 14 मई की देर रात देहूरोड थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.

इस मामले में चितले पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 (ए), 153 (ए) (1) और 501 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

संस्थान के न्यासी अजीत मोरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘न केवल संत तुकाराम का नाम, बल्कि किसी भी संत के नाम का इस्तेमाल इस तरह के प्रचार के लिए नहीं करना चाहिए. चिताले पर राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज किया जाना चाहिए.’

पवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर चिताले और फार्मेसी के 23 वर्षीय छात्र निखिल भामरे को बीते 14 मई को गिरफ्तार किया गया था.

मराठी में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा लिखे गए पोस्ट, जिसे चिताले ने कथित तौर पर शुक्रवार (13 मई) को फेसबुक पर साझा किया, में केवल उपनाम पवार और 80 वर्ष की आयु का उल्लेख किया गया था.

राकांपा प्रमुख 81 वर्ष के हैं. पोस्ट में कथित तौर पर पवार का जिक्र करते हुए ‘नरक इंतजार कर रहा है’ और ‘आप ब्राह्मणों से नफरत करते हैं’ जैसे वाक्यांश लिखे थे. पवार की पार्टी शिवसेना और कांग्रेस के साथ महाराष्ट्र में सत्ता में है.

अभिनेत्री के खिलाफ मुंबई, कलवा, पुणे और धुले में मुख्य रूप से राकांपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर पहले से ही मामले दर्ज हैं.

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘मुंबई में बीते 14 मई को गोरेगांव और भोईवाड़ा पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए.’

भोईवाड़ा में राकांपा की मुंबई इकाई की छात्र शाखा के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रशांत शंकर दुते द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया.

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अकोला में राकांपा की एक स्थानीय पदाधिकारी कल्पना गवरगुरु द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद चिताले के खिलाफ खादन थाने में एफआईआर दर्ज की गई.

इन थानों में भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि), 501 (मानहानि योग्य मामले को छापना या प्रकाशित करना), 505 (2) (वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा या द्वेष को बढ़ावा देने वाले किसी भी बयान, अफवाह या रिपोर्ट को बनाना, बढ़ावा देना, प्रकाशित या प्रसारित करना), 153 ए (लोगों के बीच वैमनस्य फैलाना) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

पुणे में भी राकांपा कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर अभिनेत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस की साइबर शाखा ने चिताले के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए), 500 और 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया है.

पुलिस ने बीते 14 मई को कहा था कि उत्तरी महाराष्ट्र के धुले में राकांपा नेता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर चिताले और उनके द्वारा साझा किए गए पोस्ट के कथित लेखक नितिन भावे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

सुप्रिया सुले बोलीं, विकृत मानसिकता समाज के लिए अच्छी नहीं

राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने रविवार को कहा कि विकृत मानसिकता समाज के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने अपने पिता और राकांपा प्रमुख शरद पवार के बारे में मराठी अभिनेत्री केतकी चिताले द्वारा कथित रूप से साझा किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के मद्देनजर यह बात कही.

सुले ने नासिक में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं उन्हें नहीं जानती. यह संस्कृति का मुद्दा है. मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने ऐसी पोस्ट के खिलाफ आवाज उठाई.’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह चिताले के खिलाफ राकांपा कार्यकर्ताओं के विरोध का समर्थन करती हैं, बारामती की सांसद ने कहा कि यह उस संस्कृति के बारे में है, जब कोई आपके माता-पिता और उनकी मौत चाहता है, जिनको आप सार्वजनिक जीवन में आदर्श मानते हैं. सुले ने कहा कि विकृत मानसिकता समाज के लिए अच्छी नहीं है.

नवी मुंबई के कलम्बोली थाने के बाहर शनिवार को राकांपा की महिला शाखा की कार्यकर्ताओं ने चिताले पर काली स्याही और अंडे फेंके थे. शिवसेना नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उम्र और वरिष्ठता का सम्मान करना चाहिए. पेडनेकर के मुताबिक अभिनेत्री ने कहा था कि वह बीमार थी.

शरद पवार के खिलाफ अभिनेत्री की आपत्तिजनक पोस्ट दुर्भाग्यपूर्ण है: अजित पवार

शरद पवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में मराठी अभिनेत्री केतकी चिताले की गिरफ्तारी के एक दिन बाद महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को कहा कि वरिष्ठ नेता के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं.

राकांपा नेता अजित पवार ने पत्रकारों से कहा, ‘यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है.’

उन्होंने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अभिव्यक्ति एवं स्वतंत्र भाषण की गारंटी दी है, लेकिन लोगों को यह ध्यान रखने की आवश्यकता है कि वे क्या बोलते हैं और समाज पर इसका क्या असर पड़ा है.

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘शरद पवार (81) 60 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में रहे हैं. उन्होंने काफी आलोचनाओं और आरोपों का सामना करने के बावजूद कभी (दूसरों के खिलाफ) अभद्र टिप्पणियां नहीं कीं.’

उन्होंने चिताले को ‘विकृत’ बताया और शरद पवार के खिलाफ की गयी उनकी टिप्पणियों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)