नॉर्थ ईस्ट

असम में बाढ़ से लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए, पांच लोगों की मौत

असम में आई बाढ़ से 20 ज़िलों के लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बीते 14 मई से लगातार बारिश से आए भूस्खलन के कारण रेल एवं सड़क संपर्क टूट गया है. कछार ज़िले में बाढ़ से दो लोगों की मौत हुई, जबकि भूस्खलन के कारण दीमा हसाओ में तीन लोगों की जान गई है.

असम के नगांव जिले के बाढ़ प्रभावित जमुनामुख गांव से गुजरता एक ट्रैक्टर. (फोटो: पीटीआई)

हाफलोंग/गुवाहाटी: असम में आई बाढ़ से 20 जिलों के लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं तथा लगातार बारिश से आए भूस्खलन के कारण रेल एवं सड़क संपर्क टूट गया है. एक आधिकारिक बुलेटिन में सोमवार को यह जानकारी दी गई.

बुलेटिन के अनुसार दीमा हसाओ पर्वतीय जिले का संपर्क देश के शेष हिस्सों से टूट गया है.

इसके अनुसार कछार जिले में बाढ़ से दो लोगों की मौत हुई, जबकि इससे पहले, भूस्खलन के कारण दीमा हसाओ में तीन लोगों की मौत हुई थी.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में बताया गया कि बाढ़ से लगभग 1,97,248 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से होजई में 78,157 और कछार में 51,357 लोग प्रभावित हुए हैं.

इसमें कहा गया है कि 20 जिलों के 46 राजस्व मंडलों के कुल 652 गांव अब तक प्रभावित हुए हैं. सात जिलों में करीब 55 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें 32,959 लोगों को आश्रय दिया गया है. अन्य 12 राहत वितरण केंद्र भी विभिन्न प्रभावित जिलों में चालू हैं.

इस बीच पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने एक विज्ञप्ति में बताया कि भारी भूस्खलन और लगातार बारिश की वजह से पटरियों पर जलजमाव होने के कारण असम के लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी खंड में दो दिनों से फंसी दो ट्रेनों के लगभग 2800 यात्रियों को निकालने का काम सोमवार को वायुसेना और अन्य एजेंसियों की मदद से पूरा हो गया.

उसने बताया कि कई यात्रियों को वायुसेना द्वारा निकाला गया, क्योंकि बीते 14 मई से जारी लगातार बारिश से बचाव अभियान बाधित हुआ था. दो ट्रेनें दीमा हसाओ जिले में एनएफआर के लुमडिंग खंड में फंसी हुई थीं.

विज्ञप्ति के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में 14 मई से खंड की लगभग 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 10 से अधिक अन्य ट्रेनों को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बयान में कहा गया है, ‘सभी यात्रियों को बचा लेने और सुरक्षित निकालने के बाद रेलवे अब क्षतिग्रस्त लाइन को बहाल करने और दक्षिण असम, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम के लिए ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए प्रयास कर रहा है.’

न्यू हाफलोंग रेलवे स्टेशन पूरी तरह से मलबे से भर गया है और भारी भूस्खलन के कारण स्टेशन पर खड़ी एक खाली यात्री ट्रेन पटरियों से बह गई है.

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपात सेवाएं स्थानीय लोगों के अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रहे हैं.

पिछले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में 16 स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं. कई इलाकों में सड़कें, पुल और घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

दीमा हसाओ में संचार माध्यम भी बंद कर दिए गए हैं.

बुलेटिन में कहा गया है, ‘भूस्खलन के कारण जिले से बाहर से संपर्क नहीं किया जा सकता है. हाफलोंग की ओर जाने वाली सभी सड़कें और रेलवे 15 मई से अवरुद्ध हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)