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‘वेदांतू’ ने 424 और कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, ‘कार्स24’ ने 600 लोगों को हटाया

ऑनलाइन कोचिंग कराने वाली शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी वेदांतू 15 दिन पहले 200 कर्मचारियों की छंटनी की थी. कंपनी ने इस क़दम के पीछे वैश्विक परिस्थितियों और ‘मंदी’ की आशंका का हवाला दिया है. वहीं पुराने वाहनों की ख़रीद-बिक्री के ई-कॉमर्स मंच ‘कार्स24’ ने कहा है कि प्रदर्शन के आधार पर भारत से 600 कर्मचारियों का हटाया गया है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी वेदांतू ने वैश्विक परिस्थितियों और ‘मंदी’ की आशंका का हवाला देते हुए 424 और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

वेदांतू ने 15 दिन पहले 200 कर्मचारियों की छंटनी की थी और एक साल में 1,000 कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना की घोषणा की थी.

बीते 19 मई को वेदांतू के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वामसी कृष्णा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘आज मैं पिछले कई वर्षों के दौरान लिए गए सबसे कठिन निर्णयों में से एक के बारे में लिख रहा हूं. यह ऐसा दिन है जो दिल तोड़ने वाला है और मुझे उम्मीद है कि मैं इसे फिर कभी नहीं देखूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘यह कहना बिल्कुल आसान नहीं है कि 5,900 कर्मचारियों में से लगभग सात प्रतिशत, 424 कर्मचारी अब हमारे से अलग हो रहे है.’

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां कठिन हैं और कंपनी अपने मूल संचालन पर वापस जा रही है, जहां वह अगले 30 महीने के लिए रास्ता बनाने और ग्राहक अधिग्रहण लागत को कम करने पर विचार करेगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, वामसी कृष्णा ने कहा, ‘वर्तमान में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के कारण भू-राजनीतिक तनाव के संकेतों से आसन्न मंदी की आशंका और वैश्विक स्तर पर शेयरों में भारी गिरावट के साथ भारत सहित बाहरी वातावरण कठिन है. इस माहौल को देखते हुए आगामी तिमाहियों के लिए पूंजी दुर्लभ होगी.’

उन्होंने यह भी कहा कि देश भर में कोविड-19 प्रतिबंध हटाए जाने के साथ स्कूलों और ऑफलाइन मॉडल को खोलने की अनुमति देने से पिछले दो वर्षों में महामारी के दौरान फर्म ने जो वृद्धि देखी है, वह भी नरम हो जाएगी.

सिर्फ आठ महीने पहले जब फर्म ने एक अरब डॉलर का यूनिकॉर्न वैल्यूएशन हासिल किया था, उसने 1,000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने की अपनी योजना की भी घोषणा की थी.

गौरतलब है कि इस साल कई शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों ने अपने कार्यबल में छंटनी की है.

इस साल बीते अप्रैल माह में अनएकेडमी (Unacademy) ने करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. शिक्षा-प्रौद्योगिकी कंपनी अनएकेडेमी ने खराब प्रदर्शन और काम के हिसाब से जरूरत नहीं होने के आधार पर अपने कर्मचारियों को निकाल दिया था.

वहीं, फरवरी में लीडा लर्निंग को अपना संचालन बंद करना पड़ा था, जिसके कारण एक हजार लोग बेरोजगार हो गए थे.

‘कार्स24’ ने भारत में लगभग 600 लोगों को नौकरी से हटाया

पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री के ई-कॉमर्स मंच ‘कार्स24’ (Cars24) ने प्रदर्शन के आधार पर भारत में लगभग 600 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है. कंपनी ने बीते 19 मई को यह जानकारी दी.

‘कार्स24’ घरेलू बाजार में लगभग 9,000 लोगों को रोजगार देती है. कंपनी पश्चिमी एशिया और ऑस्ट्रेलिया समेत दक्षिण पूर्वी एशिया में भी अपने कारोबार का संचालन करती है.

कंपनी ने छंटनी के कारण की पुष्टि करते हुए कहा, ‘यह छंटनी हमेशा की तरह प्रदर्शन के आधार पर की गई है, जो हर वर्ष होती है.’

‘कार्स24’ ने इस बारे में हालांकि विस्तार से नहीं बताया कि अप्रैल-मई के आसपास होने वाली वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के कारण छंटनी से कौन से पद प्रभावित हुए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)