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यूपी: बरेली और वाराणसी में मोहर्रम के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच पथराव

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में मोहर्रम का जुलूस निकालने के दौरान दो समुदायों के लोगों में डीजे बजाने को लेकर विवाद हो गया और दोनों पक्षों ने कथित रूप से एक-दूसरे पर पथराव किए. वहीं, वाराणसी के करधना गांव में ताजिया जुलूस ले जाने के समय दो समुदायों के बीच विवाद हो जाने पर जमकर लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव हुआ.

वाराणसी में मुहर्रम का एक जुलूस. (प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

बरेली/वाराणसी: उत्तर प्रदेश के बरेली और वाराणसी जिलों में मंगलवार (नौ अगस्त) को मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकालने के दौरान दो समुदायों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी.

बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मझौआ गांव में मंगलवार को मोहर्रम का जुलूस निकालने के दौरान दो समुदायों के लोगों में डीजे बजाने को लेकर विवाद हो गया और दोनों पक्षों ने कथित रूप से एक-दूसरे पर पथराव किए. पथराव के कारण कुछ लोग घायल हुए हैं.

घटना की सूचना पर कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने मामले को शांत कराया. बरेली के पुलिस अधीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को मोहर्रम का जुलूस मुस्लिम समाज द्वारा निकाला जा रहा था, जिसमें डीजे पर संगीत भी बजाया जा रहा था. इसका दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया.

पुलिस के अनुसार, हिंदू समुदाय के कुछ लोगों का कहना था कि मोहर्रम के जुलूस में कभी भी डीजे नहीं बजाया जाता है, लेकिन ‘नई परंपरा’ शुरू की जा रही है. इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराई और जुलूस को निकलवाया.

पुलिस के अनुसार, मझौआ गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है. क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजय कुमार गौतम ने बताया कि डीजे बंद कराने के बाद भी एक समुदाय के लोगों ने जुलूस निकालने वालों पर कथित रूप से पथराव किया.

उन्होंने कहा कि इसके जवाब में दूसरे समुदाय के लोगों ने भी पथराव किया.

एसपी सिंह ने बताया कि किसी भी तरह की ‘नई परंपरा’ नहीं शुरू करने दी जाएगी. उनका कहना था कि अगर कोई नई परंपरा शुरू करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के अनुसार, पथराव करने वालों की तलाश की जा रही है, जिनमें महिलाओं के भी शामिल होने की बात सामने आई है.

इधर, वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र से मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में मंगलवार की दोपहर ताजिया जुलूस ले जाने के समय दो समुदायों के बीच विवाद हो जाने पर जमकर लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव शुरू हो गया.

सूचना मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस के साथ अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया. इस मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं.

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि जंसा थाना क्षेत्र से ताजिया का जलूस मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव आ रहा था. यहां पर पेड़ की डाल काटने को लेकर दो समुदायों में विवाद हो गया, जिसको लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव शुरू हो गया.

त्रिपाठी ने बताया कि इस घटना में कई लोगों को चोटें आई हैं. उन्होंने दावा किया कि फिलहाल अभी यहां शांति व्यवस्था कायम है और जिनकी ताजिया थी, वह लोग घर चले गए हैं. उनको बुलाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज कर उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जाएगा और एहतियातन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि बरेली में एक छिटपुट घटना को छोड़कर, राज्य भर में सब कुछ शांतिपूर्ण रहा.

उन्होंने कहा कि बरेली में पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया और मंगलवार को जहां गड़बड़ी की सूचना मिली थी, वहां बल तैनात किया गया था.

उन्होंने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल और राज्य सशस्त्र पुलिस की 163 कंपनियां राज्य भर के विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं. उन्होंने कहा कि 7, 8, 9 और 10 अगस्त को मोहर्रम के जुलूस बहुत संवेदनशील थे, जिसके बाद सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)