संभल के पुलिस अधिकारी की मुस्लिमों को हिदायत- रंगों से परेशानी है तो घर पर रहें

नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के विवाद के बाद हुई हिंसा के बाद संभल में हालात नाज़ुक रहे हैं. अब शहर के सीओ ने कहा है कि जुमा 52 बार आता है, होली एक बार. मुस्लिम समुदाय से किसी को भी अगर होली के रंगों से परेशानी है तो उस दिन घर से न निकलें.

सीओ ने हिंदू समाज के लोगों से अपील की कि जो रंगों से असहज है उसके ऊपर रंग न डालें. (फोटो: एक्स/ स्क्रीनग्राब)

नई दिल्ली: संभल के अंचल अधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी ने गुरुवार (6 मार्च) को कहा कि अगर मुसलमानों को होली के रंगों से दिक्कत है तो उस दिन वे घर से न निकले, क्योंकि होली साल में एक बार आता है और जुमा (शुक्रवार) 52 बार. 

होली की तैयारियों के मद्देनजर गुरुवार को संभल कोतवाली पुलिस स्टेशन में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. इस साल होली और रमजान महीने का शुक्रवार एक ही दिन है, इसके मद्देनजर प्रशासन तैयारियों में जुटा है. 

ख़बरों के अनुसार, बैठक के बाद सीओ अनुज चौधरी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘जुमा साल में 52 बार आता है, होली साल में एक बार आती है, मुस्लिम समुदाय के किसी को भी अगर लगता है कि होली के रंगों से उनका धर्म भ्रष्ट को जाएगा तो उस दिन घर से न निकलें. और जो घर से निकले उसका इतना बड़ा दिल होना चाहिए कि वह समझे की सभी त्योहार एक जैसे होते हैं और रंग तो रंग है.’ 


उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने के लिए शांति समिति की बैठक पिछले एक महीने से चल रही है. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही यह भी कहा कि अगर कोई शांतिभंग भंग करेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा.

सीओ अनुज चौधरी ने लोगों से एक दूसरे की आस्था का सम्मान करने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘जैसे मुस्लिम पक्ष पूरे साल ईद का इंतजार करता है वैसे ही हिंदू होली का करता है. होली रंग डालकर.. मिठाई खिलाकर, वैसे ही ईद में भी लोग मिठाइयां बनाते हैं, गले मिलते हैं, एक दूसरे के घर जाते हैं. दोनों एक तरह का त्योहार है, इसलिए दोनों पक्ष एक दूसरे का सम्मान करें, और कोई अगर घर से बाहर निकल रहा है तो उस पर अनावश्यक रंग न डालें.’

उन्होंने कहा कि प्रशासन होली के दिन किसी भी पक्ष की लापरवाही बर्दास्त नहीं करेगी, और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा.

विपक्ष ने सीओ की आलोचना की

सीओ चौधरी के इस बयान की विपक्षी पार्टियों द्वारा आलोचना की जा रही है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी की उपाध्यक्ष मनीष हिंदवी ने कहा, ‘कोई भी अधिकारी.. चाहे वह कोई भी हो, उसे धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, तभी देश में शासन ठीक से चल सकता है. नहीं तो अराजकता फैल जाएगी. अगर किसी धर्म विशेष के लोग रंगों से खेलने पर असहजता व्यक्त करते हैं, तो अधिकारी का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि भय या असुरक्षा का माहौल न बने.’ 

हिंदवी ने कहा, ‘ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि होली भी मनाई जाए और नमाज भी शांतिपूर्वक पढ़ी जाए. यह कहना कि होली साल में एक बार आती है और जुमे की नमाज 52 बार होती है और जो लोग रंगों से नफरत करते हैं, उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए, यह एक राजनीतिक बयान है, वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग इस तरह की बातें करते हैं. एक अधिकारी के तौर पर कोई इस तरह की बातें नहीं कर सकता, वरना कल को वे कह सकते हैं कि वे सिर्फ हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, मुसलमानों की नहीं. इस पुलिस अधिकारी द्वारा दिया गया बयान बेहद निंदनीय है. अधिकारियों की आचार संहिता के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.’ 

बता दें कि पिछले साल नवंबर में संभल के शाही जमा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वेक्षण के बाद से वहां के हालात नाजुक बने हुए हैं. सर्वेक्षण के बाद 24 नवंबर को हुई हिंसा में 5 लोगों की जानें गई थी, और कई गिरफ़्तारियां हुईं थीं.