नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार (14 मार्च) को बलूचिस्तान ट्रेन हमले के सिलसिले में आतंकवाद को समर्थन देने के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. इस संबंध में एक अधिकारी ने भारत पर ‘आतंकवाद को प्रायोजित करने’ और अपने पड़ोसी देशों को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था.
रिपोर्ट के अनुसार, यह आरोप तब लगाया गया था, जब एक बलूच विद्रोही समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान में क्वेटा से पेशावर जाने वाली एक ट्रेन का अपहरण कर लिया था, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई.
भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा लगाए गए ‘निराधार आरोपों’ को खारिज करता है.
सरकारी प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पूरी दुनिया जानती है कि वैश्विक आतंकवाद का केंद्र कहां है. पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं और विफलताओं के लिए दूसरों पर उंगली उठाने और दोष मढ़ने के बजाय अपने अंदर झांकना चाहिए.’
मंत्रालय ने कहा कि यह बयान ‘पाकिस्तानी पक्ष’ द्वारा की गई टिप्पणियों पर मीडिया के प्रश्नों के जवाब में आया है.
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा था कि ट्रेन पर हमला विदेश से, संभवतः अफ़गानिस्तान से किया गया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, खान ने कहा कि बीएलए विद्रोही ‘ट्रेन की घेराबंदी के दौरान अफ़गानिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे’, जो मंगलवार दोपहर को शुरू हुआ था.
एनडीटीवी ने पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले कहा, ‘भारत पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को प्रायोजित करने में शामिल है. मैं जिस बात का जिक्र कर रहा था, वह यह थी कि इस विशेष घटना में हमारे पास अफगानिस्तान से कॉल आने के सबूत हैं. मैंने यही कहा.’
बता दें कि मंगलवार (11 मार्च) को दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में बलूच अलगाववादियों ने हमला कर जाफ़र एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था, तब ट्रेन में करीब 450 यात्री सवार थे.
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएलए ने कहा है कि उसने 200 से अधिक लोगों को बंधक बना रखा है और धमकी दी है कि यदि प्राधिकारियों ने बलूच राजनीतिक कैदियों और कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए 48 घंटे की समय-सीमा पूरी नहीं की, तो वे उन्हें मारना शुरू कर देंगे.
बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने कहा कि उसने 30 घंटे का बचाव अभियान पूरा कर लिया है और कहा कि उसने आत्मघाती हमलावरों सहित बीएलए के सभी 33 विद्रोहियों को मार गिराया है. हालांकि, अपहरण में 21 नागरिकों और चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई.
