नई दिल्ली: डेढ़ साल से अधिक समय से जातीय संघर्ष से जूझ रहे मणिपुर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने 13 और 14 जून की रात को इंफाल घाटी के पांच जिलों में हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें अत्याधुनिक राइफलें भी शामिल हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 151 एसएलआर राइफलें, 65 इंसास राइफलें, 73 अज्ञात राइफलें, पांच कार्बाइन गन, दो एमपी 5 गन, 12 लाइट मशीन गन राइफलें, छह एके सीरीज राइफलें, दो अमोघ राइफलें, एक मोर्टार, छह पिस्तौल, दो बैरल, एक एआर15 गन और दो फ्लेयर गन के साथ-साथ सैकड़ों राउंड गोला-बारूद शामिल हैं.
पुलिस ने एक बयान में कहा कि इंफाल घाटी के विभिन्न जिलों में हथियारों और गोला-बारूद के बड़े जखीरे की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने पर यह कार्रवाई की गई.
मणिपुर पुलिस ने कहा, ‘ये खुफिया-आधारित अभियान मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए सामान्य स्थिति बहाल करने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उनके निरंतर प्रयासों में एक बड़ी उपलब्धि है.’
मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद हथियार बरामद किए गए. राज्य के पांच घाटी जिले इम्फाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग हैं. इंफाल घाटी मुख्य रूप से मेईतेई बहुल है.
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बरामदगी में लूटे गए पुलिस हथियार भी शामिल हैं.
मालूम हो कि 3 मई, 2023 को मणिपुर में पहली बार जातीय हिंसा भड़कने के बाद से पुलिस शस्त्रागारों से लगभग 6,000 हथियार और लाखों राउंड गोला-बारूद लूटे गए हैं.
गौरतलब है कि मई 2023 से अब तक 250 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 60,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. राज्य में बहुत ज़्यादा विभाजन देखने को मिला है. कुकी-ज़ो समुदाय के सदस्य राजधानी इंफाल में प्रवेश करने में असमर्थ हैं, जबकि मेईतेई पहाड़ी जिलों की यात्रा नहीं कर सकते हैं.
