आंध्र प्रदेश में एक और मुठभेड़: अब मारे गए सात माओवादी

आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेडुमिली जंगलों में बुधवार तड़के पुलिस के साथ मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) पार्टी के सात सदस्य मारे गए. मारे गए माओवादियों में सेंट्रल कमेटी के सदस्य मेट्टूरी जोगा राव उर्फ ​​टेक शंकर भी शामिल हैं. इसी जंगल में एक दिन पहले पुलिस ने माड़वी हिड़मा समेत छह नक्सलियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.

सुरक्षा बल. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेडुमिली जंगलों में बुधवार (19 नवंबर) तड़के पुलिस के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) पार्टी के सात माओवादी मारे गए. इसी जिले के जंगलों में पिछले 24 घंटों में यह दूसरी मुठभेड़ है.

एक दिन पहले मंगलवार (18 नवंबर) को सुरक्षा बलों ने इसी जंगल में शीर्ष माओवादी नेता दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सचिव माड़वी हिड़मा उनकी पत्नी समेत छह नक्सलियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी-इंटेलिजेंस) महेश चंद्र लड्ढा ने बताया कि मारे गए माओवादियों में शीर्ष माओवादी नेता मेट्टूरी जोगा राव उर्फ ​​टेक शंकर भी शामिल हैं, जो आंध्र-ओडिशा बार्डर (एओबी) के प्रभारी और सेंट्रल कमेटी के सदस्य थे.

उन्होंने बताया कि शंकर श्रीकाकुलम जिले के मूल निवासी थे और लगभग 20 वर्षों से माओवादी आंदोलन में थे.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य मारे गए माओवादियों में नंबाला केशव राव के पूर्व गार्ड कमांडर ज्योति उर्फ ​​सरिता, सुरेश उर्फ ​​रमेश, लोकेश उर्फ ​​गणेश, सैनू उर्फ ​​वासु, अनीता और शम्मी एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) भी शामिल हैं.

विजयवाड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लड्ढा ने कहा, ‘मुठभेड़ सुबह करीब 7 बजे हुई और अंतिम रिपोर्ट आने तक गोलीबारी जारी थी. बुधवार (19 नवंबर) को गोलीबारी में कुल तीन महिला और चार पुरुष नक्सली मारे गए.’

द हिंदू ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कल की मुठभेड़ में बचकर भागने में कामयाब रहे कुछ माओवादी आज की गोलीबारी में मारे गए.

लड्डा ने बताया कि आंध्र प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 50 माओवादी कैडरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन स्पेशल जोनल कमेटी (एसजेडसी) सदस्य, पांच डिविजनल कमेटी सदस्य और 19 एरिया कमेटी सदस्य शामिल हैं.

लड्ढा ने विजयवाड़ा में गिरफ्तार माओवादियों को मीडियाकर्मियों के सामने पेश करते हुए कहा कि माओवादियों ने आंध्र प्रदेश को पनाहगाह के रूप में चुना है और छत्तीसगढ़ के जंगलों से कई माओवादी राज्य के विभिन्न स्थानों पर शरण ले रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि माओवादियों को संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा.

खबरों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने पिछले एक साल में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कम से कम 270 माओवादियों को मारा है. कम से कम 1,225 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और शीर्ष नेताओं सहित 680 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है.

पिछले महीने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में माओवादी पार्टी के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने 60 अन्य माओवादी साथियों सहित हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था. उसके बाद जगदलपुर में 208 सदस्यों के साथ स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य रूपेश उर्फ वासुदेव राव ने हथियारों के साथ समर्पण किया था.

केंद्र सरकार ने माओवादी आंदोलन को समाप्त करने के लिए 31 मार्च, 2026 की समय सीमा तय की है और कहा है कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या अप्रैल में 18 थी वह घटकर 11 हो गई है.