कांग्रेस की मांग- बाबरी मस्जिद और नेहरू संबंधी ‘झूठ फैलाने’ के लिए माफ़ी मांगें राजनाथ सिंह

कांग्रेस ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस दावे का खंडन किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सरकारी धन से ‘बाबरी मस्जिद’ बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी योजना सफल नहीं होने दी. पार्टी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी मणिबेन पटेल की डायरी का हवाला देते हुए कहा कि पंडित नेहरू के बारे में ‘झूठ फैलाने’ के लिए सिंह को माफ़ी मांगनी चाहिए.

जयराम रमेश ने दावा किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्ते सुधारने के लिए झूठ फैला रहे हैं. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार (6 दिसंबर) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस दावे का खंडन किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सरकारी धन से ‘बाबरी मस्जिद’ बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी योजना सफल नहीं होने दी.

द हिंदू की खबर के मुताबिक, कांग्रेस ने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी मणिबेन पटेल की डायरी का हवाला देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में ‘झूठ फैलाने’ के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने दावा किया कि रक्षा मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्ते सुधारने के लिए झूठ फैला रहे हैं.

जयराम रमेश ने पुस्तक के प्रासंगिक पृष्ठों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए एक्स पर कहा, ‘सरदार वल्लभभाई पटेल मेमोरियल सोसाइटी, 2025 द्वारा प्रकाशित सीए आर.एस. पटेल की पुस्तक ‘समर्पित पदछायो सरदारनो’ में पृष्ठ संख्या 212-213 पर गुजराती में मणिबेन की मूल डायरी प्रविष्टि यहां दी गई है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मूल डायरी प्रविष्टि में जो कुछ है और जो राजनाथ सिंह जी और उनके साथी प्रचारित कर रहे हैं, उनमें बहुत बड़ा अंतर है. ‘

जयराम रमेश ने कहा, ‘रक्षा मंत्री को प्रधानमंत्री के साथ अपने संबंध सुधारने के लिए जो झूठ फैला रहे हैं, उसके लिए उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए.’

कांग्रेस ने इससे पहले राजनाथ सिंह के इस दावे को ‘झूठ’ और ‘वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी की कहानी’ करार देते हुए कहा था कि रक्षा मंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रास्ते पर नहीं चलना चाहिए.

गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को गुजरात के वडोदरा ज़िले के साधली गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था कि नेहरू सार्वजनिक धन से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनकी योजनाओं को सफल नहीं होने दिया.

भाजपा ने राजनाथ सिंह के दावों को पुष्ट करने के लिए वल्लभभाई पटेल की बेटी की एक किताब का हवाला देते हुए कहा था कि प्रथम प्रधानमंत्री को दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों से, उनकी सुंदरता के बावजूद, ‘घृणा’ महसूस होती थी.

इस बयान की आलोचना होने के बाद भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था, ‘राजनाथ सिंह ने जो कहा उसका स्रोत ‘सरदार पटेल की अंदरूनी कहानी: मणिबेन पटेल की डायरी’ है.’

सुधांशु त्रिवेदी ने दावा था किया कि पुस्तक के पृष्ठ 24 पर लिखा है कि नेहरू ने भी बाबरी मस्जिद का सवाल उठाया था, लेकिन सरदार पटेल ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार मस्जिद बनाने पर कोई पैसा खर्च नहीं कर सकती.