नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है. इज़रायल के हमलों के बाद अमेरिका ने भी ईरान में ‘बड़े सैन्य अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है. तेहरान के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाज़ें गूंजीं और शहर के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए.
अल जज़ीरा ने ईरानी समाचार एजेंसियों के हवाले से लिखा है, राजधानी तेहरान की यूनिवर्सिटी स्ट्रीट, जुमहूरी क्षेत्र और उत्तरी सैयद खंदान इलाके में मिसाइल हमले हुए. पश्चिमी इलाम प्रांत समेत देश के अन्य हिस्सों में भी हमलों की खबर है. द एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, एक निशाना सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तरों के पास का इलाका भी था. हालांकि रॉयटर्स के हवाले से बताया गया है कि खामेनेई को पहले ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.
तेहरान से रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के अनुसार, राजधानी के कई हिस्सों में मोबाइल फोन सेवाएं बाधित हो गई हैं और कॉल करना फिलहाल संभव नहीं है.
ट्रंप का ऐलान: ‘ईरान में बड़े सैन्य अभियान’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिका ने ईरान में ‘मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस’ शुरू कर दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न आसन्न खतरों को खत्म कर अमेरिकी जनता की रक्षा करना है.’
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और ऐसी मिसाइलें विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जो अमेरिका तक पहुंच सकें. उन्होंने दोहराया कि ‘ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता.’
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई है. क्षेत्र में बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान और युद्धपोत पहले से तैनात किए गए थे. रॉयटर्स के अनुसार, हमले हवा और समुद्र दोनों रास्तों से किए जा रहे हैं.
इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल कैट्ज़ ने कहा कि यह कार्रवाई ‘इज़रायल के लिए खतरों को दूर करने’ के उद्देश्य से की गई है. एक इज़रायली रक्षा अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि हमले की योजना महीनों से बनाई जा रही थी और इसकी तारीख कुछ हफ्ते पहले तय कर ली गई थी, जबकि उसी दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी चल रही थी.
ईरान की चेतावनी: ‘कड़ा जवाब देंगे’
रॉयटर्स से बातचीत में एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और प्रतिक्रिया ‘कड़ी और विनाशकारी’ होगी.
इज़रायल में सायरन बजाए गए और आपातकाल घोषित कर दिया गया. इज़रायली सेना ने कहा कि जनता को संभावित मिसाइल हमलों के लिए सतर्क रहने को कहा गया है. इज़रायल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने देश का हवाई क्षेत्र सभी नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया है.
कतर में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए हैं. इराक ने भी अपना राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की है.
रज़ा पहलवी का बयान
ईरान के आख़िरी शाह के निर्वासित बेटे और विपक्षी नेता रज़ा पहलवी ने हमलों को ‘मानवीय सहायता’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘इस्लामी गणराज्य और उसके दमनकारी तंत्र’ के खिलाफ है.
उन्होंने ईरानी नागरिकों से फिलहाल घरों में रहने और सुरक्षित रहने की अपील की, साथ ही कहा कि ‘उचित समय आने पर’ वे सड़कों पर उतरकर ‘अंतिम कार्रवाई’ के लिए तैयार रहें.
भारतीय दूतावासों की एडवाइजरी
क्षेत्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए इज़रायल और ईरान में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से ‘अत्यधिक सतर्कता’ बरतने, स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, सुरक्षित शेल्टर के पास रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा है.
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी भारतीयों को अनावश्यक आवाजाही से बचने, यथासंभव घरों के भीतर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.
ADVISORY as on 28 February 2026 pic.twitter.com/BqQv9AfNAl
— India in Iran (@India_in_Iran) February 28, 2026
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान किस तरह और कब जवाब देता है, और क्या यह टकराव एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता है या कूटनीतिक प्रयासों के लिए अब भी कोई गुंजाइश बची है.
