नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर रविवार (8 मार्च) को पूर्वोत्तर की महिला के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. घटना साकेत कोर्ट के पास स्थित एक पार्क की बताई जा रही है, जहां मणिपुर की रहने वाली एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, पुलिस ने इस घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार शाम को दक्षिण दिल्ली के साकेत जिला न्यायालय परिसर के पास एक महिला और उनकी दोस्त पर कुछ पुरुषों द्वारा की गई टिप्पणियों का विरोध करने पर कथित तौर पर हमला किया गया.
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला मणिपुर की रहने वाली हैं और उन्होंंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह अपनी दोस्त के साथ एक पार्क में टहल रही थी, तभी कुछ युवकों ने कथित तौर पर ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियां कीं.
पुलिस ने आगे बताया कि जब उनकी ओर से आपत्तिजनक टिप्पणियों का विरोध किया तो यह विवाद बढ़ गया और युवकों ने मणिपुरी महिला पर कथित तौर पर हमला किया. इस दौरान आरोपियों द्वारा बेल्ट के इस्तेमाल का भी आरोप है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया है और शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘भारत में पूर्वोत्तर के लोगों पर बार-बार हो रहे हमलों से मैं बहुत आहत हूं. दिल्ली के साकेत कोर्ट के पास मणिपुर और असम के हमारे दो लोगों पर हुआ शारीरिक हमला बेहद निंदनीय है. नस्लीय उत्पीड़न को सामान्य बात नहीं माना जाना चाहिए और हमें इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. मैं अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं.’
Angered by the repeated attacks on North East people in Mainland India. The physical attack on two of our people from Manipur and Assam near Saket Court, Delhi is sickening. Racial bullying should not be accepted as the new normal and we must act against it. Urge the authorities…
— Conrad K Sangma (@SangmaConrad) March 9, 2026
पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पीड़िता से संपर्क किया गया. पुलिस लगातार पीड़िता के संपर्क में है और उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है. पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों की पहचान करने और यह पता लगाने के लिए कि क्या वे उसी इलाके में रहते हैं, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में पूर्वोत्तर की तीन युवतियां, जिनमें से एक दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा भी थीं, के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और धमकी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
पुलिस को दी शिकायत में लड़कियों ने आरोप लगाया था कि जब वे अपने किराए के घर में बिजली का कुछ काम करवा रही थीं, तभी उनके नीचे रहने वाले दंपति ने इससे उड़ने वाली धूल को लेकर हुए विवाद के दौरान उन्हें धमकाया और नस्लीय तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इन युवतियों से मुलाकात कर मदद और न्याय का आश्वासन दिया था.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि दिल्ली सबकी है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों के तीन मुख्यमंत्रियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर के लोगों के साथ भेदभाव अब बंद होना चाहिए, क्योंकि वे भी भारत के ही नागरिक हैं.
