पीएम मोदी के जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह में जुटाई गई युवाओं की भीड़ पर उठे सवाल

शनिवार को ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में युवाओं की भीड़ को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि कई छात्रों को रैली में जाने पर दो दिन की अटेंडेंस देने का लालच देकर लाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक छात्रा कहती हैं कि उनके यहां से 300 बसों में छात्रों को समारोह में लाया गया था.

28 मार्च को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन समारोह में शामिल लोग. (फोटो: पीएमओ/पीटीआई)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (28 मार्च) को ग्रेटर नोएडा स्थित बहुप्रतीक्षित जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. पीएम मोदी का यह उद्घाटन समारोह तब से सुर्खियों में है, लेकिन दूसरे कारणों से.

सोशल मीडिया पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए नोएडा की कई निजी यूनिवर्सिटी के छात्रों को योजना बनाकर ले जाया गया, किसी यूनिवर्सिटी ने उन्हें मुफ्त अटेंडेंस का लालच दिया तो किसी ने सर्टिफिकेट का. बताया गया है कि शनिवार सुबह बसों में भरकर छात्रों को ले जाया गया और उनके जलपान की व्यवस्था की गई.

सोशल मीडिया पर किए जा रहे यह दावे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उस दावे को झुठलाते नज़र आ रहे हैं कि पीएम मोदी से देश के युवा इतने प्रभावित हैं कि उनकी रैलियों में भारी संख्या में ख़ुद शामिल होते हैं. 

नोएडा स्थित एक अनाम यूनिवर्सिटी की छात्रा का एक मिनी व्लॉग (वीडियो ब्लॉग) सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है, जिसमे वे दावा करती नज़र आ रही हैं कि उनके कॉलेज तथा अन्य कॉलेजों से छात्रों को मुफ्त का अटेंडेंस और तमाम तरह के लाभ देने की बात करके बसों में भर के यहां लाया गया है. 

इस वीडियो क्लिप में छात्रा को यह कहते सुना जा सकता है, ‘जेवर में इंडिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में मोदी जी के भक्त अपना बहुमूल्य समय निकालकर आए हैं, अगर आपको ऐसा लगता है तब आप बिल्कुल ग़लत हैं. यहां यह जो भीड़ है वो आई नहीं है, बल्कि बुलाई गई है.’

छात्रा आगे कहती हैं, ‘ग्रेटर नोएडा के ‘सारे स्कूल कॉलेज’ के छात्रों, यहां तक कि मेरे कॉलेज के छात्रों, को दो दिन की अटेंडेंस फ्री में देने और ऐसी न जाने कितनी बेनेफिट्स बता कर यहां लाया गया है.’ 

वह दावा करती हैं, ‘29 डिग्री तापमान में, घने ट्रैफ़िक के बीच हमे यहां लाया गया, और ‘मोदी जी की ओर से हमें खाने को पारले बिस्किट’ दिया गया.’

इससे पहले ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी के एक क्लास के ग्रुप का एक वॉट्सऐप चैट सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा था, जिसमे यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़ी एक फैकल्टी छात्रों से मोदी की रैली में शामिल होने का आग्रह कर रहीं थीं. 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संदेश को विश्वविद्यालय के संचार विभाग की प्रमुख नेहा सिंह ने जारी किया था. सिंह इससे पहले एआई समिट में एक चीनी रोबोट डॉग के प्रदर्शन से जुड़े एक अलग विवाद को लेकर भी चर्चा में रही थीं.

कथित संदेश में लिखा था, ‘प्रिय छात्रों, कृपया ध्यान दें कि कल, 28.03.2026 को विश्वविद्यालय आना अनिवार्य है. परिसर से आपको एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है. यदि आप अपने हॉस्टल से परिवहन की व्यवस्था नहीं कर पाते हैं, तब आप कारपूल करके आ सकते हैं. रिपोर्टिंग समय सुबह 7:45 बजे है. कल के लिए (आने पर) दो दिन की अटेंडेंस दी जाएगी.’

वहीं गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक अन्य छात्रा अपने ब्लॉग में कहती नज़र आ रही हैं कि उनके यहां से 300 बसों में छात्रों को समारोह में लाया गया था. 

ब्लॉग की शुरुआत में वह कहती हुई सुनाई देती हैं, ‘अटेंडेंस के लिए जान देकर आए हुए छात्रों की कहानी.’ 

वह कहती हैं कि कॉलेज से सुबह 8 बजे छात्रों को बस में बैठा कर समारोह में ले जाया गया. वह दावा करती हैं कि 300 बसें सिर्फ़ गलगोटिया यूनिवर्सिटी से गईं थीं. 

वह बताती है कि ‘और भी कॉलेज से बहुत सारे छात्र वहां मौजूद थे. वहां पहुंचकर ऐसा लग रहा था जैसे सिर्फ़ छात्र ही छात्र हैं.’

वह कहती हैं कि ‘अगर ईमानदारी से कहूं तो कॉलेज वालों ने थोड़ा ज्यादा ही कर दिया, सिर्फ अटेंडेंस के लिए हमें भेज दिया गया.’

छात्रा के ब्लॉग में जेवर एयरपोर्ट पर कई अन्य स्कूल कॉलेज के बस लगे दिख रहे थे, जिसमें एपीजे, संत जेवियर्स हाई स्कूल की बसें शामिल थीं.

वहीं, शारदा विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि आमंत्रित लगभग 1,200 छात्रों में से करीब 1,000 ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया. प्रवक्ता के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने आवागमन के लिए करीब 20 बसों की व्यवस्था की थी. उन्होंने यह भी कहा कि उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी और न ही किसी प्रकार का प्रोत्साहन दिया गया. 

नोएडा के सेक्टर 62 स्थित जेएसएस एकेडमी ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के छात्रों ने अख़बार को बताया कि उन्हें भी शनिवार को हुए उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए कहा गया था. उनका कहना था कि उनके मामले में उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी, लेकिन प्रोत्साहन दिए गए थे.

कथित संदेशों के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों को दो दिनों की उपस्थिति और प्रशंसा प्रमाणपत्र दिया जाना था.

कथित संदेश में कहा गया था, ‘जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन में शामिल होने का यह एक सुनहरा अवसर है, कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्रों को दो दिन की उपस्थिति और प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा.’ 

वहीं नोएडा स्थित एक अन्य यूनिवर्सिटी- गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर एक नोटिस लगा है, जिसमें छात्रों से वॉलंटियर के रूप में समारोह से जुड़ने का आग्रह किया गया है. 

नोटिस में बताया गया है कि 600 वॉलंटियर की आवश्यकता है. और कार्यक्रम में शामिल होने पर उन्हें टीशर्ट, रिफ्रेशमेंट, सर्टिफिकेट और राष्ट्रीय स्तर के इवेंट से सीखने का मौक़ा मिलेगा. 

युवाओं की ‘स्वतः भागीदारी’ के दावे पर सवाल

गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दौरे से पहले जारी एक सरकारी निर्देश को लेकर भी इसी तरह का विवाद सामने आया है, जिसने ‘स्वतः जुटती भीड़’ के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च को होने वाले एक कार्यक्रम के लिए तकनीकी शिक्षा आयुक्त की ओर से जारी एक सर्कुलर में सरकारी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों को छात्रों और शिक्षकों को कार्यक्रम में भेजने के निर्देश दिए गए थे. संस्थानों से 100 से 250 छात्रों तक भेजने को कहा गया था, जिससे कक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई.

विपक्ष ने इस कदम को ‘भीड़ जुटाने की कोशिश’ बताते हुए आलोचना की है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री का दौरा होता है, छात्रों और शिक्षकों को बड़ी संख्या में जुटाया जाता है ताकि लोकप्रियता का प्रदर्शन किया जा सके.