नई दिल्ली: हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक और पहलवान विनेश फोगाट द्वारा हाल ही में जारी किए गए वीडियो के बाद अब उनके चाचा और द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच महावीर सिंह फोगाट और सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा उनके समर्थन में उतर आए हैं.
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए तीन बार की ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार (3 मई) को कहा था कि वह उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में उनके गृह क्षेत्र में आयोजित होने वाले आगामी डब्ल्यूएफआई रैंकिंग टूर्नामेंट में अपना 100% नहीं दे पाएंगी.
ज्ञात हो कि फोगाट ने 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छह बार के पूर्व भाजपा सांसद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, जिसमें उन्होंने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है.
अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किए गए चार मिनट से अधिक के एक वीडियो में फोगाट ने टूर्नामेंट के आयोजन स्थल पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह उस जगह पर आयोजित किया जा रहा है जहां सिंह का ‘घर और एक निजी कॉलेज’ है.
फोगाट ने 8 अगस्त 2024 को पेरिस ओलंपिक के 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अयोग्य ठहराए जाने के बाद कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी, लेकिन चार महीने पहले उन्होंने वापसी का फैसला किया.
एक भावुक वीडियो में उन्होंने कहा कि गोंडा में प्रतिस्पर्धा करना उन्हें अत्यधिक दबाव में डाल देगा. उन्होंने कहा, ‘आप खुद सोच सकते हैं कि मैं उनके घर… उनके कॉलेज… जहां हर व्यक्ति उनसे जुड़ा होगा, वहां जाकर इतनी कठिन परिस्थिति में कैसे मुकाबला करूंगी. मुझे नहीं लगता कि मैं वहां अपना 100% दे पाऊंगी. यह किसी भी लड़की के लिए ऐसी स्थिति में प्रतिस्पर्धा करना बहुत कठिन है.’
फोगाट ने कहा कि गोंडा में किसी मेहनती खिलाड़ी को उसका हक मिलना असंभव और अकल्पनीय लगता है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘कौन-सा रेफरी किस मुकाबले का निर्णय करेगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कहां बैठेगा, किसे हराना है और किसे जीताना है – यह सब बृजभूषण और उनके लोग नियंत्रित करेंगे.’
फोगाट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार यौन उत्पीड़न पीड़ितों की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘लेकिन कुछ मजबूरियों के कारण मैं आपको वह बात बताना चाहती हूं, जिसे मैं बताना नहीं चाहती थी, क्योंकि मामला अदालत में लंबित है. मैं कहना चाहती हूं कि मैं उन छह पीड़ितों में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और हमारी गवाही अदालत में चल रही है.’
उन्होंने सरकार और खेल मंत्रालय पर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘बृजभूषण अब भी दावा करते हैं कि डब्ल्यूएफआई पर उनकी पकड़ है और फेडरेशन में उनके अपने लोग ही पदों पर बैठे हैं. फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.’
फोगाट ने कहा, ‘अगर किसी के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो मैं साफ तौर पर कहना चाहती हूं कि इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि वह ‘कोई विशेष सुविधा या विशेष व्यवहार नहीं चाहतीं’, बल्कि चाहती हैं कि ‘मैट पर फैसला निष्पक्ष हो’ और उसका नतीजा ‘किसी गुंडे के इशारे पर तय न हो.’
कुमारी शैलजा और महावीर फोगाट समर्थन में
सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा फोगाट का समर्थन करते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट द्वारा उठाया गया मुद्दा बेहद गंभीर और चिंताजनक है.
उन्होंने सवाल किया, ‘आखिर ऐसी प्रतियोगिता को उसी क्षेत्र और उसी निजी संस्थान में आयोजित करने का निर्णय क्यों लिया गया, जहां महिला पहलवानों के शोषण के आरोप जुड़े रहे हैं?’
उन्होंने कहा, ‘विनेश ने जो साहस दिखाया है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि पूरे देश की बेटियों की आवाज़ है जब एक ओलंपिक खिलाड़ी को अपनी सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने पड़ें, तो यह भाजपा सरकार की गंभीर विफलता को दर्शाता है, भाजपा सरकार को अब स्पष्ट जवाब देना होगा कि वह खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की गरिमा और सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है. केवल दावे और घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, अब समय है कि पारदर्शी और ठोस कदम उठाए जाएं.’
वहीं, महावीर फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और वर्तमान फेडरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विनेश ने जो भी बातें उठाई हैं, वे पूरी तरह सच हैं और कुश्ती के भविष्य के लिए इस पर ध्यान देना जरूरी है.
महावीर फोगाट ने आरोप लगाया कि वर्तमान रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष केवल एक रबर स्टैंप की तरह काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि फेडरेशन में अभी भी बृजभूषण शरण सिंह का ही दबदबा है और वही पीछे से सारे निर्णय ले रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जो भी नेशनल चैंपियनशिप या प्रतियोगिताएं बृजभूषण के क्षेत्र गोंडा में आयोजित की जाती हैं, वहां पहलवानों को जाने में काफी असुविधा और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उनके मुताबिक, जानबूझकर ऐसी जगहों पर टूर्नामेंट रखा जाता है ताकि दबदबा कायम रहे.
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आगामी ट्रायल में धांधली हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर बृजभूषण के करीबी कोचों की ड्यूटी लगाई गई, तो वे अंकों और समय में हेराफेरी कर सकते हैं.
महावीर फोगाट ने ट्रायल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और खेल मंत्री से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रायल के दौरान भारत सरकार को अपनी ओर से निष्पक्ष और वरिष्ठ कोचों की नियुक्ति करनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि ट्रायल दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम जैसे केंद्रों पर होनी चाहिए, जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और जो सभी के लिए सुलभ है.
गोंडा में आयोजन स्थल नहीं बदला जाएगा: डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह
इस बीच, यह वीडियो सामने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने रविवार (3 मई) को कहा कि गोंडा में आयोजन स्थल नहीं बदला जाएगा और उन्होंने सुरक्षा की ‘व्यक्तिगत गारंटी’ दी.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘अगर विनेश अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं इसकी निजी गारंटी ले रहा हूं. इसके अलावा, हमारे पास यूडब्ल्यूडब्ल्यू-अनुमोदित रेफरी हैं जो मैचों का संचालन करते हैं और सभी ट्रायल मुकाबले रिकॉर्ड किए जाते हैं, इसलिए किसी भी तरह के पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘और मैं यह भी जोड़ना चाहूंगा कि यह एक ओपन टूर्नामेंट है, जिसमें हिस्सा लेना अनिवार्य नहीं है. इसमें हिस्सा लेना या न लेना पूरी तरह से उनकी अपनी मर्ज़ी है. हम कार्यक्रम का स्थान नहीं बदलने वाले हैं.’
राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक आयोजित किया जाना है.
