बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा: भाजपा-टीएमसी का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, 4 लोगों की मौत की ख़बर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. झड़पें, तोड़फोड़ और कुछ लोगों की मौत की ख़बरों के बीच भाजपा और टीएमसी का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

कोलकाता के न्यू मार्केट में भाजपा द्वारा मनाए जा रहे जश्न के एक वीडियो का स्क्रीनशॉट, जिसमें एक बुलडोजर (जेसीबी) भी खड़ा दिखाई दे रहा है. (फोटो साभार: X/@mahuamoitra)

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के हाल ही में सामने आए नतीजे के बाद राज्य के कई हिस्सों से चुनाव के बाद हिंसा के आरोप सामने आए हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों दलों ने कई घटनाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, बीरभूम, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, नादिया और बांकुरा सहित कई जिलों से मिली रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चुनाव परिणामों के बाद यहां झड़पें, तोड़फोड़ और कुछ मौत की घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि ये जानकारी अभी भी अपुष्ट है और इस पर विवाद देखा जा रहा है.

ख़बरों के अनुसार, हावड़ा के उदयनारायणपुर में भाजपा समर्थक यादव बर (48) की जीत के जश्न से घर लौटते समय कथित तौर पर मारपीट के बाद मौत हो गई. परिवार वालों ने इसके लिए टीएमसी से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया है.

वहीं, बीरभूम के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी हत्या भाजपा समर्थकों ने की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम को न्यू टाउन में तथाकथित विजय जुलूस के दौरान भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए और सड़क जाम कर दी गई.

कोलकाता के बेलियाघाटा में टीएमसी कार्यकर्ता बिस्वजीत पटनायक सोमवार देर रात अपने घर के बाहर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए और उनकी कथित तौर पर मौत हो गई.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, उनके परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए भाजपा समर्थकों को दोषी ठहराया है.

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया है कि यह राज्य में फैली हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता का वीडियो है.

पुलिस ने इन घटनाओं के संबंध में मामले दर्ज कर लिए हैं. किसी भी मामले में राजनीतिक मकसद की पुष्टि नहीं हुई है.

इस दौरान पार्टी कार्यालयों पर भी हमले हुए हैं, जिनमें नादिया, बांकुरा और दक्षिण 24 परगना के कुछ हिस्सों में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ या उन पर कब्ज़ा करने के आरोप शामिल हैं.

भाजपा ने इन घटनाओं में संलिप्तता से इनकार करते हुए इन्हें स्थानीय विवादों का परिणाम बताया है, जिनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर 24 परगना के पानीहाटी, पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल, पश्चिम बर्धमान के आसनसोल और दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर और फाल्टा में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई.

एक अलग घटनाक्रम में पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के कैनिंग में टीएमसी से जुड़े एक कार्यालय से कथित तौर पर ‘तेज धार वाले हथियार’ बरामद किए हैं. टीएमसी ने कथित तौर पर इससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है.

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और तस्वीरों में हिंसा और धमकी की घटनाएं दिखाई दे रही हैं. हालांकि, द वायर इनमें से कई तस्वीरों और वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता और संदर्भ की पुष्टि नहीं कर सका है.

इस संबंध में पुलिस ने कथित तौर पर कहा है कि वे ऑनलाइन सामग्री पर नज़र रख रहे हैं और गलत सूचना फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी है.

कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने भी कथित हमले का एक वीडियो साझा किया, साथ ही भाजपा पर कटाक्ष किया, जिसने राज्य चुनाव में सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था.

आनंद बाजार पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, बिधाननगर में भाजपा नेताओं की बैठक में पार्टी ने कहा कि चुनाव के बाद की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

राज्यसभा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने चेतावनी दी कि इसमें शामिल लोगों को पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है.

उन्होंने प्रशासन से राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आग्रह किया.

इसके अलावा, सोमवार (4 मई) को मतगणना के बाद प्रमुख स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में ढील दी गई. मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगे बैरिकेड हटा दिए गए और परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद आवागमन पर लगी पाबंदियों में भी ढील दी गई.

खबरों के अनुसार, कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के बाहर से भी सुरक्षा हटा ली गई, जहां पहले पुलिस बल को तैनात किया गया था.

कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबन्ना में कुछ सरकारी कर्मचारियों को भगवा झंडे लहराते हुए और ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारे लगाते हुए जीत का जश्न मनाते देखा गया.

टीएमसी नेता और सांसद मोहुआ मोइत्रा ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा पार्टी की हालिया जीत का जोरदार जश्न मनाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया. जश्न में एक बुलडोजर भी दिखाई दिया.

मुर्शिदाबाद से देर रात मिली खबरों के अनुसार, जियागंज में श्रीपत सिंह कॉलेज के पास अज्ञात बदमाशों ने वीआई लेनिन की प्रतिमा को तोड़ दिया. सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में भीड़ को यहां ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाते हुए सुना जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद भी केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. न्यायालय ने कहा था कि यह निर्णय कार्यपालिका का है.

विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,400 से अधिक कंपनियां तैनात की गई थीं. भारतीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव के बाद हिंसा को रोकने के लिए अगले आदेश तक राज्य में लगभग 500 कंपनियां बनाए रखने का निर्णय लिया है.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 200 से अधिक सीटों के साथ निर्णायक बहुमत हासिल कर टीएमसी को सत्ता से बाहर कर दिया, जो इस बार करीब 80 सीटों पर सिमट गई.