तमिलनाडु: कई दिनों की अनिश्चितता के बाद आख़िरकार विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

तमिलनाडु की 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 120 निर्वाचित विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था. इससे पहले विजय तीन बार राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके थे. शनिवार को विजय के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे.

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विजय और राहुल गांधी. (फोटो साभार: एक्स/@INCIndia)

नई दिल्ली: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चली तीन दिन की अनिश्चिता के बाद आखिरकार रविवार (10 मई) को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के अध्यक्ष सी जोसेफ़ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. इसके साथ ही राज्य में लगभग छह दशकों से जारी दो प्रमुख द्रविड़ दलों द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) और भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के बारी-बारी से सत्ता में आने का दौर भी समाप्त हो गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने मंच पर ही तीन आदेशों पर हस्ताक्षर किए. इन आदेशों में हर घर को 200 यूनिट बिजली मुफ्त करना, नशे की समस्या से निपटने के लिए हर ज़िले में विशेष बल बनाना और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाना शामिल है.

उल्लेखनीय है कि शनिवार को 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 120 निर्वाचित विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था. इससे पहले विजय तीन बार राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके थे, लेकिन इस पर राजभवन  की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी, जिसे लेकर राज्यपाल के आधिकारक्षेत्र और भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे थे.

बहरहाल, विजय ने सुबह करीब 10 बजे चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में शपथ ली. उनके साथ टीवीके के कुछ वरिष्ठ नेताओं सहित नौ अन्य लोगों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इसमें ‘बुसी’ एन. आनंद, आधव अर्जुना, केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, सीटीआर निर्मलकुमार, ए राजमोहन, टीके प्रभु और एस. कीर्तना के नाम शामिल हैं.

खबरों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले वंदे मातरम, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाझथु बजाए गए. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पहुंचे थें.

मालूम हो कि विजय कांग्रेस के सहयोग से गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे. विजय को सरकार बनाने के लिए वाम दलों ने भी अपना समर्थन दिया है. इसके अलावा चुनाव में दो सीटें जीतने वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का साथ भी विजय को मिला है, जिसके समर्थन पत्र  टीवीके की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए हैं.

बता दें कि राज्यपाल ने विजय को 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने का निर्देश भी दिया है.

मालूम हो कि हालिया विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती थीं. हालांकि वास्तव में यह संख्या 107 है, क्योंकि पार्टी अध्यक्ष विजय दो सीटों से निर्वाचित हुए हैं और उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. पार्टी को कांग्रेस के पांच विधायकों और माकपा-भाकपा और वीसीके के साथ आईयूएमएल के दो-दो विधायकों का समर्थन मिला है, जिससे टीवीके का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है

विजय के मुख्यमंत्री बनने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर सी. जोसेफ़ विजय को बधाई. उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं. केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए काम करती रहेगी.’

वहीं, राहुल गांधी ने भी विजय को तमिलनाडु का सीएम बनने पर शुभकामनाएं देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, ‘तमिलनाडु ने एक नई पीढ़ी, एक नई आवाज़, एक नई सोच को चुन लिया है. विजय को मेरी शुभकामनाएं. वे तमिलनाडु के लोगों की उम्मीदों को पूरा करें.’

अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भी विजय को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, ‘उम्मीद करता हूं कि टीवीके अध्यक्ष, माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु राज्य चमके. यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचे. मैं दिल से अपनी शुभकामनाएं देता हूं.’

इस बीच, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भी विजय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीलंका और तमिलनाडु इतिहास, संस्कृति, उद्यम और पीढ़ियों से चले आ रहे अटूट जन-संबंधों से जुड़े हुए हैं. श्रीलंका और भारत के बीच घनिष्ठ संबंध और मजबूत साझेदारी के चलते हमारा भविष्य अपार आर्थिक संभावनाओं और अवसरों से भरा है.

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं भारत-श्रीलंका की मजबूत साझेदारी के तहत, समृद्धि और प्रगति की दिशा में मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं. श्रीलंका की जनता भी मेरी ओर से आपको और तमिलनाडु की जनता को शुभकामनाएं देती है.’

गौरतलब है कि विजय की पार्टी के प्रदर्शन को इस बार के चुनाव में अभूतपूर्व माना जा रहा है क्योंकि 1967 से ही राज्य की राजनीति में डीएमके और एआईडीएमके पार्टियों ने अपना दबदबा बनाए रखा था. लेकिन इस बार अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके ने सभी चुनावी समीकरण बदल दिए हैं.

मालूम हो कि फरवरी 2024 में विजय ने राजनीति में औपचारिक रूप से कदम रखा था और अपनी पार्टी टीवीके की घोषणा की थी. उस समय उन्होंने साफ किया था कि वह संसद (2024 लोकसभा) का चुनाव नहीं लड़ेंगे और न ही किसी उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, बल्कि उनका ध्यान 2026 के विधानसभा चुनावों पर रहेगा.

इसी ऐलान के साथ उन्होंने यह भी कहा था कि वह सिनेमा छोड़ रहे हैं. सितंबर 2024 में प्रोडक्शन हाउस केवीएन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि फ़िल्म ‘थलपति 69’ विजय की आख़िरी फ़िल्म होगी.

इस बार के विधानसभा चुनाव में विजय ने पार्टी को एक धर्मनिरपेक्ष संगठन के रूप में पेश किया है. पार्टी ने अपने प्रतीकों के रूप में समाज सुधारक पेरियार, पूर्व मुख्यमंत्री कामराज, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर, स्वतंत्रता सेनानी वेलु नच्चियार और गांधीवादी समाजसेवी अंजलाई अम्माल जैसी हस्तियों को प्रमुख स्थान दिया. और यही वजह रही कि डीएमके के नेतृत्व वाले सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ने वाली पार्टिया कांग्रेस, वाम दल, वीसीके और आईयूएमएल का पार्टी को समर्थन मिला है.