नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार (18 मई) को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता दीपक सिंगला को 150 करोड़ रुपये से अधिक के कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ़्तार कर लिया है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक सिंगला वर्ष 2020 और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में विश्वास नगर सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रह चुके हैं. इससे पहले वर्ष 2024 में भी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों को लेकर उनके आवास पर छापेमारी की थी.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, नवीनतम मामले से जुड़े अधिकारियों ने अखबार को बताया कि सिंगला की गिपफ्तारी से पहले दिल्ली और गोवा में उनके ठिकानों के साथ-साथ कुछ संदिग्ध हवाला ऑपरेटरों से जुड़े स्थानों पर भी घंटों छापेमारी की कर्रवाई चली. ईडी के एक अधिकारी ने दावा किया कि सिंगला दिल्ली और गोवा के बीच पार्टी के लिए फंड पहुंचाने के लिए हवाला ऑपरेशन्स संभाल रहे थे.
अधिकारी ने कहा, ‘दीपक सिंगला ने अपने चाचा अशोक कुमार मित्तल और दो भाइयों रमन सिंगला और हरीश सिंगला के साथ मिलकर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के साथ 150 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी की.’ अधिकारी का कहना है कि इस धोखाधड़ी से मिली रकम ‘सिंगापुर में मौजूद कंपनियों को भेजी गई थी.’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उन्हें शक है कि इस पैसे को हवाला के ज़रिए वापस भारत लाया गया, ताकि इसे सिंगला से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियों में फिर से लगाया जा सके. घंटों चले तलाशी अभियान के बाद ईडी ने दिल्ली में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत सिंगला को गिरफ़्तार कर लिया.
‘कार्रवाई राजनीति से प्रेरित’
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि यह गिरफ़्तारी राजनीति से प्रेरित है.
सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा, ‘दीपक सिंगला को इसलिए गिरफ़्तार नहीं किया गया कि उन्होंने कुछ गलत किया था. बल्कि, उन्हें इसलिए गिरफ़्तार किया गया क्योंकि वे भाजपा के ख़िलाफ़ काम कर रहे थे और उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया था. दीपक बहादुर हैं और देश के लिए लड़ रहे हैं.’
दीपक सिंगला को इसलिए गिरफ्तार नहीं किया कि उसने कोई ग़लत काम किया है। बल्कि इसलिए गिरफ़्तार किया है क्योंकि वो बीजेपी के ख़िलाफ़ काम कर रहा था और उसने बीजेपी में शामिल होने से मना कर दिया। दीपक बहादुर है और देश के लिए लड़ रहा है। https://t.co/rxt5IzL2hw
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 18, 2026
वहीं, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप की गोवा प्रभारी आतिशी ने कहा, ‘आज हमारे देश में नीट का पेपर लीक हो रहा है, पेट्रोल-डीज़ल-सीएनजी की कीमतें हर दिन बढ़ रही हैं, और डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है. लेकिन श्री मोदी का सिर्फ़ एक ही काम है—विपक्षी नेताओं पर झूठे केस दर्ज करना और उन्हें गिरफ़्तार करना. आप हमारी पार्टी के जितने मर्ज़ी नेताओं को गिरफ़्तार कर लें, हम देश के हित में काम करते रहेंगे.’
आज हमारे देश में NEET का पेपर लीक हो रहा है, पेट्रोल-डीज़ल-CNG के दाम रोज़ बढ़ रहे हैं, रुपया डॉलर के सामने गिरता जा रहा। लेकिन मोदी जी को सिर्फ़ एक काम है – विपक्ष के नेताओं पर झूठे केस लगाना और उन्हें गिरफ़्तार करना।
आज ED ने आप नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार किया है। क्योंकि… https://t.co/jxuFRpGW7H
— Atishi (@AtishiAAP) May 18, 2026
आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सिंगला के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘दिल्ली में 2025 में चुनाव हुए थे, और तीन साल तक ईडी और सीबीआई की सारी कार्रवाई दिल्ली के नेताओं पर ही केंद्रित रही. अब पंजाब और गोवा में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए वहां छापेमारी शुरू हो गई है.’
#WATCH | Delhi: On ED’s arrest of AAP leader Deepak Singla in alleged money laundering case, AAP Delhi President Saurabh Bharadwaj says, “…When the Delhi elections were approaching, starting from 2022, the ED began relentlessly pursuing the Aam Aadmi Party. Throughout 2022,… pic.twitter.com/oyZVv92BmD
— ANI (@ANI) May 18, 2026
गौरतलब है कि हाल ही में ईडी ने आप नेता और पंजाब के स्थानीय निकाय एवं संसदीय कार्य मंत्री संजीव अरोड़ा को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिक्री, शेल कंपनियों के जरिए किए गए फर्जी निर्यात और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया था.
इससे पहले एजेंसी ने लवली ग्रुप के प्रमोटर और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के परिसर पर छापा मारा था, जो छापेमारी के बाद छह अन्य आम आदमी पार्टी सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं.
इस दौरान एजेंसी ने पंजाब के कुछ बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के एक पदाधिकारी के कथित सहयोगी के परिसर पर भी छापा मारा था.
ज्ञात हो कि पंजाब में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में ईडी ने पिछले कुछ हफ्तों में पंजाब में राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई की हैं.
बीते महीने अप्रैल में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावों के दौरान भी ईडी और आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े विपक्षी नेताओं की संपत्तियों पर छापे मारे थे.
इसके अलावा टीएमसी के चुनाव अभियान का प्रबंधन कर रही आई-पैक कंपनी और इसके निदेशक के आवास पर भी छापेमारी की गई थी. कंपनी के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को गिरफ़्तार भी किया गया था, जिन्हें बाद में दिल्ली की एक अदालत से जमानत मिल गई थी.
इससे पहले भी बीते कुछ सालों में लगभग हर चुनाव के दौरान विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं.
ज्ञात हो कि पिछले साल भाजपा के नेत़त्व वाली केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि पिछले 10 वर्षों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के 190 से अधिक मामलों में से केवल दो में ही दोषसिद्धि हुई है.
