मालवीय नगर अग्निकांड: कम से कम 21 लोगों की मौत, इमारत को नहीं मिला था फायर एनओसी

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां में बुधवार सुबह आग लगने से अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, दर्जनों अन्य लोगों को इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस हादसे के पीड़ित ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं. पुलिस ने इस संबंध में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है.

मालवीय नगर स्थित रेस्तरां में लगी आग के बाद घटनास्थल की पुलिस द्वारा घेराबंदी की गई है. ( सभी फोटो: श्रुति शर्मा/द वायर)

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां में बुधवार (3 जून) सुबह लगी आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, दर्जनों अन्य लोगों को इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस घटना के संबंध में ‘गैर-इरादतन हत्या’ के आरोप में एक एफआईआर दर्ज की है.

बताया जा रहा है कि इस घटना के बचाव कार्य में लगे 10 रेस्क्यू कर्मी और दिल्ली पुलिस के जवान भी घायल हो गए हैं, जिनका एम्स के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है.

इस घटना के संबंध में दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया, ‘आज सुबह 08:48 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी (बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट) में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव, निकासी एवं राहत कार्य शुरू किया गया.’

उन्होंने आगे बताया कि फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों की सहायता से आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया. पुलिस, अग्निशमन सेवा एवं अन्य आपातकालीन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से 40 से अधिक लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार हेतु निकटवर्ती अस्पतालों में भेजा गया है.

डीसीपी अनंत मित्तल ने जानकारी दी कि इस दुखद घटना में अब तक 21 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस हादसे में मारे गए लोगों में ज्यादातर विदेशी नागरिक शामिल हैं.

स्थानीय लोगोंं का कहना है कि यहां ज्यादातर मैक्स अस्पताल में इलाज करवाने आए लोगों के परिजन या दोस्त ठहरते हैं. आग लगने के दौरान कई लोगों ने इमारत से कूदकर जान बचाने की कोशिश भी की. वहीं, आस-पास मौजूद लोगों ने गद्दों की सहायता से कई लोगों की जान बचाई और उन्हें आग से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की.

इस घटना में जलने वाले ज्यादातर लोगों को पास के मैक्स अस्पताल साकेत ले जाया गया. अस्पताल ने बयान जारी करते हुए कहा कि जिन 39 मरीज़ों को अस्पताल लाया गया था उनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी.

ऐसा कहा जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

नियमों का उल्लंघन

गौरतलब है कि इस घटना के बाद एक बार फिर अवैध निर्माण और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी ख़बर में बताया है कि जिस बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट स्टे में आग लगी, वहां नियमों का उल्लंघन किया गया था. इस गेस्ट हाउस को महज छह कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर 20 से अधिक कमरे तैयार कर दिए.

अखबार ने आगे बताया है कि दो बी एंड बी- ‘फ़्लोरिश स्टेज़’ और ‘मिकासा इन’- एक ही बिल्डिंग से चल रहे थे, जिनके बीच सिर्फ़ एक दीवार का फ़ासला था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आग बेसमेंट में मौजूद ‘फ़्लोरिश बी एंड बी’ के किचन से शुरू हुई थी, जो बाद में ‘मिकासा’ तक फैल गई.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से अखबार ने बताया कि इस घटना के बाद पर्यटन विभाग को एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें मालवीय नगर बी एंड बी के लिए अनुमति किसने दी, इस पर एक रिपोर्ट मांगी गई है. बेसमेंट, ग्राउंड फ़्लोर और चार मंज़िलों वाली इस इमारत में सिर्फ़ छह कमरों की अनुमति थी.

सूत्रों ने बताया कि इमारत के पास आग से सुरक्षा (Fire NOC) का ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ भी नहीं था.

बीते हफ्ते ही गिरी थी एक इमारत

उल्लेखनीय है कि यह दिल्ली में बीते पांच दिनों के भीतर दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले 30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला इमारत ढहने से छह लोगों की मौत हो गई थी. इस इमारत में कैफ़े, दफ़्तर और एक कोचिंग सेंटर थे.

घटना के संबंध में दक्षिणी दिल्ली में दिल्ली डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे कोई रेस्तरां चल रहा था और आग के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. लेकिन ऐसी अधिक संभावना है कि रेस्तरां की वजह से बिल्डिंग में आग लगी हो.

जितेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए ऐसी इमारतों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है.

इस हादसे पर प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उप-राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दुख जताया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना फर दुख व्यक्त करते हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए दो लाख और घायलों को 50 हज़ार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना के संबंध में एक्स पर लिखा, ‘मालवीय नगर में हुई भीषण आग की घटना में लोगों की दुखद मौत से मैं दुखी हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं. घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फ़ायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, कैट्स एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन एजेंसियों को तुरंत मौके पर भेजा गया.’

उन्होंने आगे कहा कि एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्रभावित परिवारों को हर आवश्यक चिकित्सा सहायता और अन्य मदद उपलब्ध कराई जा रही है. इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध हैं.

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना को दुखद बताते हुए कहा, ‘मालवीय नगर के हौज़ रानी में एक होटल में लगी आग से बहुत दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं मरने वालों के परिवारों के साथ हैं, और मैं सभी के साथ मिलकर घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. पुलिस, सिविल और फायर रेस्क्यू टीमें अभी मौके पर काम कर रही हैं. अधिकारियों से बात की गई है और उन्हें तुरंत मेडिकल मदद, राहत और इस दुखद घटना की पूरी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.’

उठे सवाल

वहीं, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस घटना पर दिल्ली की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा, ‘सवाल यह है कि दिल्ली में बार-बार हो रहे अग्निकांडों और मासूम लोगों की मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? भाजपा सरकार के तहत आखिर फायर सेफ्टी व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों हो गई है? हर हादसे के बाद सिर्फ बयान आते हैं, लेकिन जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती. लोगों की जान की कीमत पर यह लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं है.’

मालवीय नगर से पूर्व विधायक और आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि बुधवार सुबह आठ बजे ये आग लगी है क्योंकि इलाक़े में तारों का जाल बिछा हुआ है.

उन्होंने मीडियो को बताया, ‘सुबह आठ बजे आग लगी है. तारों का जाल बिछा है, जिसमें शार्ट सर्किट से शायद आग लगी है. पड़ोस में होटल है जहां 20 से 25 कमरे हैं. पास में सामने मैक्स हॉस्पिटल है. वहां इलाज कराने वालों के परिवार इस होटल में ठहरते हैं. शॉर्ट सर्किट से पहले किचन में आग लगी जो ऊपर की मंजिलों पर फैली. समाने रजाई वाले की दुकान है, उसने अपनी सारी रजाईयां बिछा दीं, जिस पर लोग कूद कर बाहर निकले हैं.’

उन्होंने आगे बताया कि इस हादसे के पीड़ित 99 प्रतिशत लोग विदेशी है, जिसमें दक्षिणी अफ़्रीकी, सोमालिया आदि देशों के लोग हैं. इनमें कुछ खाड़ी देशों के भी हो सकते हैं.

इस घटना के संबंध में बांग्लादेश हाईकमीशन ने भी दुख व्यक्त एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हाईकमीशन दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है, जिसमें कई क़ीमती जानें चली गईं और कई अन्य घायल हो गए. अब तक पांच बांग्लादेशी नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई है. इनमें से तीन का इलाज साकेत के मैक्स अस्पताल में चल रहा है, और दो अन्य का इलाज सफदरजंग अस्पताल में हो रहा है. मिशन अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है.’