आंध्र प्रदेश: दक्षिण एनर्जी प्लांट में भीषण आग लगने से दो कर्मचारियों की मौत

आंध्र प्रदेश में अनकापल्ले ज़िले के परवाड़ा में दक्षिण एनर्जी की फैक्ट्री में मंगलवार सुबह भीषण आग लगी, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई और अन्य दो घायल हो गए. दक्षिण एनर्जी प्लास्टिक पायरोलिसिस ऑयल और कार्बन ब्लैक बनाती है. सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स के नेता जी. सत्यनारायण ने औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश में अनकापल्ले जिले के परवाड़ा में दक्षिण एनर्जी की फैक्ट्री में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई और अन्य दो घायल हो गए.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों की पहचान- त्रिनाध (27) और वेंकटेश (24) के रूप में हुई है, दोनों अनकापल्ले जिले के अचुतापुरम इलाके के रहने वाले थे.

स्थानीय लोगों के अनुसार, दक्षिण एनर्जी प्लास्टिक पायरोलिसिस ऑयल और कार्बन ब्लैक बनाती है. आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चला है. हालांकि, माना जा रहा है कि यूनिट में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक मटीरियल होने की वजह से आग तेजी से फैली.

मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि आग लगने के बाद दो लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य फंसे हुए हैं. कई कर्मचारी फैक्ट्री से भागने में कामयाब रहे.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, परावाड़ा सब-डिविजन के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस बी. मोहन राव ने कहा कि पायरोलिसिस ऑयल आमतौर पर प्लास्टिक कचरे को बहुत ज़्यादा तापमान पर गर्म करके बनाया जाता है, और धमाका बॉयलर में हुआ. उन्होंने कहा कि धमाके की वजह अभी पता नहीं चली है और फैक्ट्री विभाग की जांच के बाद ही इसका पता चल पाएगा.

धमाके के बाद आग लग गई, जिससे घना धुआं और लपटें उठने लगीं और औद्योगिक क्षेत्र में अफरातफरी मच गई. परावाड़ा पुलिस इंस्पेक्टर एल. भास्कर राव ने बताया कि धमाका सुबह करीब 5.30 बजे हुआ. खबर मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग को बुलाया गया और अनकापल्ली और परावाड़ा से चार दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजे गए. दमकर्मियों को आग बुझाने में 90 मिनट से ज़्यादा का समय लगा.

इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने ज़िला अधिकारियों से जानकारी मांगी और प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद देने को कहा.

गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने घटना पर दुख जताया और स्थिति का जायजा लेने के लिए अनकापल्ली की जिला कलेक्टर विजया कृष्णन और पुलिस अधीक्षक तुहिन सिन्हा से बात की. उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाएगी. मंत्री ने प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा भी दिलाया.

वहीं, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीआईटीयू) के नेता जी. सत्यनारायण ने औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद औद्योगिक और रासायनिक इकाइयों में दुर्घटनाएं लगातार होती रही हैं, जिससे सुरक्षा नियमों के अनुपालन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े होते हैं.

ज्ञात हो कि बीते 8 जून को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में एक लैडल (पिघले हुए धातु को 1,500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर रखने वाला पात्र) में हुए विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत हो गई थी और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

इस घटना के बाद विशाखापत्तनम के दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने विशाखापत्तनम और उसके आसपास लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाओं पर चिंता जताई थी.

उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट करने और सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था.