नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या में एक होटल में पुलिस द्वारा उन्हें नज़रबंद करने का आरोप लगाया है. राय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें दो पुलिसकर्मी नज़र आ रहे हैं, जिनमें से एक से अजय राय बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के आरोपों के बीच कांग्रेस का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार (30 जून) को अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाला था.
इस संबंध में अजय राय ने सोमवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर है! और उनके अयोध्या आने से आदित्यनाथ सरकार इतनी ‘डर’ गई है कि उन्हें पुलिस को गिरफ़्तार करने के लिए भेजना पड़ा.
उन्होंने कहा, ‘मैं अयोध्या पहुंचा ही था कि भाजपा सरकार इतनी डर गई कि पुलिस मुझे होटल से गिरफ़्तार कर अपनी जीप में बैठाकर ले जा रही है. अयोध्या में ज़मीन घोटालों और चढ़ावा चोरी करने वाले इन ‘चढ़ावा चोरों’ को राम भक्तों के आने से डर क्यों लग रहा है?’
भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर है!
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल कल 30 जून को अयोध्या में प्रभु श्री राम के दर्शन-पूजन के लिए जाने वाला था।
मैं अयोध्या पहुँचा ही था कि भाजपा सरकार इतनी डर गई कि पुलिस मुझे होटल से गिरफ़्तार कर अपनी जीप में बैठाकर ले जा रहीं है।… pic.twitter.com/hjC9eSPy9r
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) June 29, 2026
खबरों के मुताबिक, राय अभी भी होटल पद्म श्री पैलेस में नज़रबंदी में हैं.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने पहले एक बयान में कहा था कि राय की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें सांसद किशोरी लाल शर्मा, राकेश राठौर, उज्ज्वल रमन सिंह और तनुज पुनिया शामिल थे, मंदिर जाकर दर्शन करने और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने वाले थे.
खबर है कि पार्टी ने स्थानीय प्रशासन को अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दे दी थी. बताया जा रहा है कि राज्यसभा के पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एपी गौतम को भी इसमें शामिल होना था, लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें बाराबंकी में उनके घर से निकलने से रोक दिया.
Barabanki, Uttar Pradesh: Ahead of the Congress delegation’s proposed visit to Ayodhya, former Rajya Sabha MP and senior Congress leader A.P. Gautam was allegedly stopped by police from leaving his residence in Barabanki
Former Rajya Sabha MP and senior Congress leader A.P.… pic.twitter.com/SYw2xXS9yl
— IANS (@ians_india) June 30, 2026
क्या है पूरा मामला?
अयोध्या के राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में 26 जून को मंदिर में चढ़ाए गए नक़द और क़ीमती सामान की चोरी और गबन के मामले में आठ लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर, तीन अलग-अलग पुलिस शिकायतों (जिनमें एक पूर्व कार सेवक की शिकायत भी शामिल थी), विशेष जांच दल (एसआईटी) की गंभीर रिपोर्ट और इस मामले पर जनता के भारी विरोध के कई दिनों बाद दर्ज की गई थी.
इस संबंध में कैश गिनने वाले स्टाफ में शामिल सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी.
वहीं, अयोध्या बार एसोसिएशन ने कहा है कि उसके वकील इस मामले में किसी भी आरोपी का बचाव नहीं करेंगे.
मालूम हो कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो सीनियर पदाधिकारियों – महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा – ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन एफआईआर में उनके नाम शामिल नहीं हैं.
उल्लेखनीय है कि यह ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर बनाया गया था और इसके गठन की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी.
विश्व हिंदू परिषद, जिसके चंपत राय एक वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, ने राय और मिश्रा का बचाव किया है और कहा है कि मंदिर ट्रस्ट खुद निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था.
अब यह बात सामने आई है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने तीन महीने पहले ही संभावित गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई थी, क्योंकि आठ में से सात आरोपियों के मुख्य खाते अयोध्या में एसबीआई की मुख्य शाखा में हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की टीम सोमवार को करीब चार घंटे बैंक की शाखा में रही और अधिकारियों से सबूतों के सिलसिले में बातचीत की.
बैंक के एक अधिकारी ने अख़बार को बताया कि जब उन्हें पहली बार गड़बड़ियों का पता चला, तो उन्होंने ट्रस्ट के अधिकारियों और पुलिस, दोनों को इसकी जानकारी दी थी.
अधिकारी ने कहा, ‘ट्रस्ट के अधिकारियों ने कथित तौर पर दखल दिया और कर्मचारियों का बचाव किया. बैंक की चेतावनी के बावजूद ट्रस्ट ने कोई कार्रवाई नहीं की और वही कर्मचारी गिनती का काम करते रहे.’
