अयोध्या: ‘येलो ज़ोन’ के पास में विसंगति को लेकर यूथ कांग्रेस नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने बताया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जुड़े एक वाहन पर लगे 'येलो ज़ोन' पास पर ‘गोपाल राव’ का नाम और ‘ट्रस्ट एसोसिएट, श्री राम जन्मभूमि’ का पद लिखा था, पर फोटो किसी अन्य व्यक्ति का है. येलो ज़ोन मंदिर परिसर के प्रतिबंधित ‘रेड जोन’ के चारों ओर स्थित उच्च सुरक्षा वाला बफर क्षेत्र है.

अयोध्या राम मंदिर. (फोटो साभार: फेसबुक/Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust)

नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट को चढ़ावे में मिले धन के कथित गबन और चोरी की खबर सामने आने के बाद राम मंदिर के कामकाज को लेकर अयोध्या पुलिस के पास आठवीं शिकायत दर्ज कराई गई है.

इस बार उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने अयोध्या के नगर कोतवाली थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक (नगर), अयोध्या को संबोधित एक लिखित शिकायत सौंपी है.

शिकायत में उस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, जिसे शुक्ला ने अयोध्या धाम के अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश के लिए जारी ‘येलो जोन’ पास से जुड़ी ‘गंभीर अनियमितता’ बताया है. शुक्ला ने एफआईआर दर्ज करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

येलो जोन मंदिर परिसर के प्रतिबंधित ‘रेड जोन’ के चारों ओर स्थित उच्च सुरक्षा वाला बफर क्षेत्र है.

शुक्ला का दावा है कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार, वाहन संख्या यूपी-16-CB-6060 पर लगे ‘येलो ज़ोन’ पास पर ‘गोपाल राव’ नाम और ‘ट्रस्ट एसोसिएट, श्री राम जन्मभूमि’ पद लिखा है. यह गाड़ी कथित तौर पर कर्नाटक के रहने वाले और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव (उर्फ गोपाल नागरकट्टे) से जुड़ी है.

हालांकि, पास पर लगी तस्वीर किसी और व्यक्ति की है.

राव हाल में उस समय खबरों में आए, जब ट्रस्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा कि उसने विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से उनका नाम हटाने का फैसला किया है. राव ने कहा था कि वह 15 जुलाई तक मंदिर आते रहेंगे, जबकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि राव बिना आमंत्रण के सदस्य के रूप में बैठकों में नहीं आएंगे.

शरद शुक्ला ने अपनी शिकायत में कहा कि अयोध्या धाम और विशेष रूप से राम मंदिर देश के ‘सबसे संवेदनशील धार्मिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों’ में शामिल हैं.

शिकायत दर्ज कराने के बाद जारी एक प्रेस बयान में शुक्ला ने कहा कि मंदिर के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है और मंदिर परिसर तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश के लिए सख्त प्रोटोकॉल निर्धारित हैं.

उन्होंने कहा, ‘ऐसी परिस्थितियों में एक व्यक्ति के नाम और दूसरे व्यक्ति की तस्वीर वाला सुरक्षा पास बेहद गंभीर मामला है, जिसे सामान्य प्रशासनिक गलती बताकर नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता.’

इससे एक दिन पहले मंदिर ट्रस्ट ने कहा था कि राव का वीआईपी पास निष्क्रिय कर दिया गया है.

शुक्ला ने सवाल उठाया है कि क्या आवेदक की पहचान, सहायक दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड के सत्यापन में चूक हुई थी या फिर मूल पास के साथ छेड़छाड़ की गई थी.

उन्होंने कहा, ‘येलो जोन पास जारी करने से पूर्व आवेदक का विवरण, पहचान संबंधी दस्तावेज, आवश्यक अभिलेख एवं अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जाता है. ऐसे में यह प्रकरण कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है, क्या पास जारी करते समय सत्यापन प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई? क्या किसी व्यक्ति ने मिथ्या जानकारी देकर पास प्राप्त किया? अथवा पास निर्गत होने के बाद उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई? इन सभी पहलुओं की गहन एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है.’

द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, 2 जुलाई को फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर धन चोरी मामले के संबंध में पांचवीं शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें ट्रस्टियों – चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव – के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.

30 जून को अयोध्या के वकील राकेश कुमार पांडे ने कोतवाली नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए राम मंदिर के ट्रस्टियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी.

इससे पहले जून में पूर्व कारसेवक संतोष दुबे और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह समेत तीन शिकायतकर्ताओं ने अयोध्या के राम जन्मभूमि पुलिस थाने का रुख कर इसी तरह की मांग की थी.

ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत 25 जून को दर्ज की गई एफआईआर का आधार बनी थी.

इसके अलावा, 16 जून को करणी सेना ने भी एक शिकायत सौंपी थी.