नई दिल्ली: सिक्किम के नामची ज़िले में बन रही एक सुरंग में भूस्खलन होने से कम से कम दस मज़दूरों की मौत हो गई है और कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है. बचाव अभियान जारी है.
नामची ज़िला प्रशासन से मिली ताज़ा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब तक दस लोगों की मौत की खबर है. नामची ज़िले के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि तलाशी और बचाव अभियान जारी है मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
नामची पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘मंगलवार सुबह 9.30 बजे तक दस शव बरामद किए गए हैं. मरने वालों में से सात की पहचान कर ली गई है, जबकि तीन अज्ञात शवों को ज़िला अस्पताल सिंगटम और एसटीएनएम अस्पताल भेजा गया है.’
बयान में कहा गया है कि पहचान किए गए सात मृतकों में से चार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से थे, एक-एक असम, पंजाब और उत्तराखंड के देहरादून से थे, और एक नामची का रहने वाला था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा सोमवार को समरडुंग के निकट तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन 7 किलोमीटर लंबी सुरंग के भीतर हुआ.
हादसे के दौरान राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी) और परियोजना का निर्माण कर रही पटेल इंजीनियरिंग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 25 से 38 लोग नियमित निरीक्षण के लिए सुरंग में मौजूद थे.
अखबार के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से जमीन अस्थिर हो रही है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में बाधा आ रही है. वहीं, सुरंग के भीतर जहरीली गैस के रिसाव की आशंका ने तलाशी और बचाव अभियान को और अधिक जटिल बना दिया है.
खबरों के अनुसार, समरडुंग सुरंग में 43 मज़दूर फंस गए थे, जो एक पनबिजली (हाइड्रोपावर) परियोजना का हिस्सा है, लेकिन बचाव कर्मियों ने उनमें से 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
द टेलीग्राफ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जब भूस्खलन हुआ और सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया, अंदर जो मज़दूर अंदर काम कर रहे थे, वे वहीं फंस गए.

अखबार के सूत्रों के अनुसार, भूस्खलन के कारण गैस रिसाव की भी आशंका है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि गैस किसी पाइपलाइन से लीक हुई या प्राकृतिक रूप से किसी चट्टान से निकली, जो भूस्खलन के कारण हिल गई हो सकती है.
पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया. बचाव कर्मियों ने सुरंग में प्रवेश करते समय गैस मास्क का इस्तेमाल किया.
बाद में शाम को सिक्किम पुलिस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि बचाव दलों ने 16 फंसे हुए लोगों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है. उसने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें बताया गया कि बचाव कार्य बेहद खतरनाक परिस्थितियों में किया गया.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच, पुलिस सुपरिटेंडेंट सोनम डोमा भूटिया ने कहा, ‘हमने आठ शव बरामद किए हैं और आशंका है कि 19 लोग अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं. बचाव अभियान (सोमवार) रात भर चलता रहा और शव (मंगलवार) तड़के ही बरामद किए जा सके. बारिश जारी रहने के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है.’
उन्होंने आगे बताया कि खराब मौसम और इलाके की मुश्किल परिस्थितियों के कारण बचाव की शुरुआती तीन कोशिशें नाकाम रहीं.
बचाव अभियान में तेजी लाएं: मुख्यमंत्री
अख़बार के अनुसार, सिक्किम के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस दुर्घटना में हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार बचाव काम के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अपुष्ट अफवाहें न फैलाने और प्रभावित परिवारों के साथ एकजुट होकर खड़े रहने की अपील भी की.
उन्होंने कहा, ‘मैं नामची जिले के झोलुंगे स्थित समरडुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुई इस दुखद दुर्घटना से बेहद दुखी हूं. अपनी जान गंवाने वाले मज़दूरों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. दुख की इस घड़ी में पूरे राज्य की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, और हम इस मुश्किल समय में उनके साथ मज़बूती से खड़े हैं.’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मैं चल रहे बचाव अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हूं. इस चुनौतीपूर्ण अभियान में जुटे सभी कर्मियों के समर्पण और साहस की मैं सराहना करता हूं. मैंने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं, बचाव कार्य में तेजी लाएं और पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. हम बचाव अभियान को सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
