उत्तराखंड: पेपर लीक होने के बाद सरकारी विश्वविद्यालय ने दो परीक्षाएं रद्द कीं

उत्तराखंड के देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने पेपर लीक होने के चलते दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. एक शिकायत के बाद जांच समिति बनाई गई थी, जिसने जांच में पाया गया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले संस्थान के आंतरिक पोर्टल और वॉट्सऐप पर वही प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए.

(प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: Unsplash)

नई दिल्ली: दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड के देहरादून स्थित एक सरकारी विश्वविद्यालय ने पेपर लीक होने के चलते दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश में यह जानकारी दी गई.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पाया गया कि वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (वीएमएसबी-यूटीयू), देहरादून के लिए पेपर तैयार करने वाले एक बाहरी विशेषज्ञ (एक्सटर्नल पेपर सेटर) ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्न छात्रों के साथ साझा कर दिए थे.

विश्वविद्यालय ने ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (विषय कोड: IOTT004) और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ (विषय कोड: ECT043) की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. ये परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 की ईवन-सेमेस्टर परीक्षाओं के तहत आयोजित की गई थीं.

विश्वविद्यालय के आदेश के अनुसार, यह फैसला ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ की परीक्षा को लेकर मिली शिकायत के बाद लिया गया.

इसके बाद कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की. साथ ही, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून- जहां संबंधित बाहरी पेपर सेटर काम करते थे- ने भी एक आंतरिक जांच कराई.

आदेश में कहा गया है कि जांच में पाया गया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले संस्थान के आंतरिक पोर्टल और वॉट्सऐप पर वही प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए.

विश्वविद्यालय ने कहा कि प्रश्नों को इस प्रकार साझा करना परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, निष्पक्षता और शैक्षणिक मानकों का गंभीर उल्लंघन है.

जांच में ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ के प्रश्नपत्र में भी इसी तरह की अनियमितता और गोपनीयता के उल्लंघन की संभावना पाई गई, क्योंकि यह प्रश्नपत्र भी आशीष कुमार गुप्ता ने ही तैयार किया था.

विश्वविद्यालय ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, शुचिता और छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती हैं.

इन दोनों विषयों की पुनर्परीक्षाएं अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएंगी. आदेश में कहा गया है कि विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी.

विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा रद्द होने और पुनर्परीक्षा की सूचना तुरंत संबंधित विद्यार्थियों तक पहुंचाएं, ताकि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके. साथ ही, संस्थानों को यह आदेश अपनी-अपनी वेबसाइटों पर भी अपलोड करने को कहा गया है.

विश्वविद्यालय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सात वर्षों के लिए विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया है.

इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग को कड़ी चेतावनी भी दी है, क्योंकि कॉलेज संस्थान के स्तर पर उचित निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहा. विश्वविद्यालय ने संस्थान को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसके फैकल्टी सदस्य परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और ईमानदारी से जुड़ी ज़रूरतों का सख्ती से पालन करें, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो.