नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के पलासा मंडल के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार (1 नवंबर) को भगदड़ मचने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है.
इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा सीढ़ियों के पास लगी लोहे की ग्रिल के गिरने से हुआ. डर के मारे लोगों को लगा कि कुछ गिर रहा है और वे घबरा गए.
मामले के संबंध में श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) केवी महेश्वर रेड्डी ने कहा, ‘श्रद्धालुओं की मौत का कारण बनी लापरवाही के लिए मंदिर मालिक हरि मुकुंद पांडा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.’
द हिंदू की खबर के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मौत अत्यंत दुखद है. उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही अधिकारियों तथा स्थानीय नेताओं को भगदड़ स्थल पर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है.
శ్రీకాకుళం జిల్లాలోని కాశీబుగ్గ వెంకటేశ్వర ఆలయంలో తొక్కిసలాట ఘటన కలచివేసింది. ఈ దురదృష్టకర ఘటనలో భక్తులు మరణించడం అత్యంత విషాదకరం. మృతుల కుటుంబాలకు ప్రగాఢ సానుభూతిని తెలియజేస్తున్నాను. గాయాల పాలైన వారికి మేలైన సత్వర చికిత్స అందించాలని అధికారులను ఆదేశించాను. ఘటనా స్థలానికి వెళ్లి…
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) November 1, 2025
आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना को दुखद बताया है.
उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, ‘ये बेहद दुख है कि पलासा-कासीबुग्गा टाउन के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए हज़ारों लोगों की भीड़ लगी थी. इस भगदड़ में नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई और इसमें एक बच्चा भी शामिल है, इसने झकझोर कर रख दिया है.’
इस घटना के संबंध में सोशल मीडिया मंच पर पीएमओ के एक्स हैंडल पर पीएम मोदी ने लिखा, ‘आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मची भगदड़ में जिन लोगों ने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्दी ठीक हो जाएं. इस हादसे में मृतक सभी लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.’
ఆంధ్రప్రదేశ్లోని శ్రీకాకుళంలోగల వెంకటేశ్వర స్వామి ఆలయంలో జరిగిన తొక్కిసలాట అత్యంత బాధాకరం. తమ సన్నిహితులను,కుటుంబసభ్యులను కోల్పోయిన వారికి ప్రగాఢ సంతాపం తెలియజేస్తున్నాను. గాయపడినవారు త్వరగా కోలుకోవాలని ప్రార్థిస్తున్నాను.
ప్రాణాలు కోల్పోయిన వారి బంధువులకు పీఎం ఎన్ ఆర్ ఎఫ్…
— PMO India (@PMOIndia) November 1, 2025
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित कासीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ में लोगों की दुखद मृत्यु से मैं गहरे व्यथित हूं. जिन भक्तों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों.’
Deeply saddened by the tragic loss of lives in the stampede at the Kashibugga Venkateswara Swamy Temple in Srikakulam, Andhra Pradesh. My condolences to the families of the devotees who lost their lives. Praying that the injured may recover at the earliest.
— Amit Shah (@AmitShah) November 1, 2025
उल्लेखनीय है कि अधिकारियों द्वारा मृतकों और घायलों की सही संख्या की पुष्टि अभी बाकी है.
नोट: इस घटना के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए श्रीकाकुलम जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर: 08942 240557 पर संपर्क किया जा सकता है.
इस साल कई बड़ी भगदड़ की घटनाएं हुई हैं
गौरतलब है कि 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में टीवीके की एक रैली में भगदड़ के चलते 41 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने टीवीके के नेतृत्व, जिसमें इसके संस्थापक, अभिनेता से राजनेता बने विजय भी शामिल हैं, की करूर भगदड़ स्थल से ‘भागने’ के लिए कड़ी आलोचना की थी.
इससे पहले उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले के अवसानेश्वर मंदिर में जुलाई में मची भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 38 अन्य घायल हो गए थे. यह घटना हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर जाने वाले सीढ़ी मार्ग पर मची भगदड़ में कम से कम छह लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद हुई थी.
मालूम हो कि उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों श्रद्धालु घायल हो गए थे. पुलिस ने बताया था कि ये हादसा करंट या बिजली के तार से जुड़ी एक अफ़वाह फैलने के चलते हुआ था.
इसी तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के जीत के जश्न के दौरान बेंगलुरू के एन. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 4 जून को मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 के करीब अन्य लोग घायल हो गए थे. ये भगदड़ उस वक्त मची थी, जब आरसीबी द्वारा हासिल की गई पहली इंडियन प्रीमियर लीग की ट्रॉफी का जश्न मनाया जा रहा था.
ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा उत्सव के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास 29 जून सुबह भगदड़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे. प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया था कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए मौके पर कोई पर्याप्त पुलिस व्यवस्था या अधिकारी नहीं थे.
गोवा के शिरगांव गांव स्थित श्री लैराई देवी मंदिर के उत्सव के दौरान 3 मई को मची भगदड़ में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई थी. इस उत्सव में गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से हज़ारों श्रद्धालु मंदिर उत्सव में शामिल होने पहुंचे थे. ख़बरों में घटना की वजह भारी भीड़ और इसे नियंत्रित करने के उचित इंतज़ाम न होना बताया गया था.
इलाहाबाद महाकुंभ में इस साल मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ को लेकर राज्य सरकार ने बताया था कि इसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे. वहीं, बीबीसी की पड़ताल में सामने आया था कि इस हादसे में कम से कम 82 लोगों के मरने की पुष्टि की जा सकती है.
महाकुंभ के दौरान ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात मची भगदड़ में करीब 18 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी.
