उत्तम नगर: तरुण हत्या मामले में आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई को हाईकोर्ट ने 10 दिन के लिए रोका

उत्तम नगर में तरुण हत्या मामले के एक आरोपी के निर्माणाधीन मकान के हिस्से को एमसीडी ने ध्वस्त किया, हालांकि एजेंसियों ने इसे मामले से असंबंधित बताया. इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने संपत्ति पर 10 दिनों तक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए परिवार को अपील का मौका दिया है.

8 मार्च को अधिकारियों द्वारा तरुण की हत्या में शामिल एक अन्य कथित आरोपी के घर के कुछ हिस्सों को गिराया गया था. (फोटो: अंकित राज/द वायर हिंदी)

नई दिल्ली: होली के दिन उत्तम नगर में 26 वर्षीय युवक तरुण की हत्या के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के निर्माणाधीन बहुमंजिला मकान के कुछ हिस्से को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सोमवार (13 अप्रैल) को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया. हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एमसीडी और पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई का तरुण की हत्या से कोई संबंध नहीं है.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (12 मार्च) को एमसीडी को इस संपत्ति के ऊपर 10 दिनों तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया है. जस्टिस अमित बंसल ने आरोपी के परिवार को एक सप्ताह का समय दिया ताकि वे एमसीडी अपीलीय अधिकरण में ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दें, और इस दौरान संपत्ति की यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया. 

अखबार के मुताबिक, अभियान से जुड़े एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निगम किसी एक विशेष मकान को निशाना नहीं बना रहा है और संपत्ति के मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया गया था. उन्होंने कहा, ‘यह नया अवैध निर्माण का मामला है, जिसके लिए कई दिन पहले नोटिस दिया गया था. बिना अनुमति के आसपास के प्लॉट्स को जोड़कर बड़ा मकान बनाया जा रहा था. हम पूरे जोन में इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं.’ अधिकारी ने यह भी दावा किया कि कोई स्थगन आदेश नहीं मिला है और अदालत में पहले दायर याचिकाएं बिना किसी राहत के निपटा दी गई थीं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अख़बार को बताया कि घटना से हफ्तों पहले मकान मालिक को नोटिस दिया गया था और मकान को सील भी किया गया था. एमसीडी के पास इस तरह की संरचनाओं को गिराने की मासिक योजना होती है और यह उसी का हिस्सा था.’ 

अदालत के समक्ष यह याचिका आरोपी इस्माइल की बेटी द्वारा दायर की गई थी, इस्माइल होली के दिन हुई हत्या के मामले में 5 मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं. याचिका में कहा गया कि एमसीडी बिना सुनवाई का अवसर दिए अवैध निर्माण के आधार पर उनकी संपत्ति गिराने की कार्रवाई कर रहा था.

बार एंड बेंच के अनुसार याचिकाकर्ता ने कहा, ‘मैंने वही किया है जो हर इमारत में होता है. मुझे चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, पूरा इलाका एक जैसा है.’

इससे पहले हत्या के चार दिन बाद, 8 मार्च को भी अधिकारियों ने तरुण की मौत के मामले में शामिल एक अन्य आरोपी उमरदीन से जुड़ी संपत्ति के कथित ‘अवैध हिस्सों’ को ध्वस्त किया था.

गौरतलब है कि होली (4 मार्च) के दिन तरुण कुमार की हत्या के बाद से उत्तम नगर बेहद संवेदनशील बना हुआ है. 

एक मामूली विवाद से शुरू हुई इस घटना ने जल्द ही सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया. हत्या का आरोप एक मुस्लिम परिवार पर लगा है, जिनके यहां पहले अज्ञात लोगों ने घुसकर तोड़फोड़ की थी, फिर नगर निगम की बुलडोज़र कार्रवाई हुई, और अब आरोपी परिवार इलाके से पलायन कर गया है.

घटनास्थल और उसके आस-पास के इलाकों में अब भी भारी पुलिस बल मौजूद है. गली-गली में बैरिकेड्स लगे हैं.