नई दिल्ली: मणिपुर में कुकी-ज़ो आदिवासियों और तंगखुल नगाओं के बीच संवाद की पहल को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कुकी-ज़ो समुदाय के चर्च नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मिजोरम की राजधानी आइजोल रवाना हुआ है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल वहां चर्च अधिकारियों से मुलाकात कर मणिपुर में कुकी और नगा समुदायों के बीच जारी शत्रुता समाप्त कराने में सहयोग का अनुरोध करेगा.
कुकी ज़ोनल काउंसिल (केज़ेडसी) के अध्यक्ष हेनलिएंथैंग थांगलेट ने सोमवार (13 जुलाई) को अखबार से कहा, ‘हमने संवाद के लिए यूनाइटेड नगा काउंसिल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली; इसलिए कुकी-ज़ो चर्च का एक प्रतिनिधिमंडल आइजोल जा रहा है, जहां वह चर्च अधिकारियों से बातचीत करेगा. कल (मंगलवार) बैठक निर्धारित है. हमें उम्मीद है कि मिजोरम का चर्च मणिपुर और नगालैंड के नगा चर्च नेतृत्व को बातचीत के लिए मनाने में सफल होगा.’
ज्ञात हो कि दोनों समुदायों के बीच तनाव उस समय फिर बढ़ गया, जब कांगपोकपी जिले में छह नगा नागरिकों के शव बरामद हुए. इस घटना के बाद क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और गहरा गया.
जहां एक ओर चर्च नेता मिजोरम के चर्च नेतृत्व की मदद से संवाद की राह तलाशने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुकी नागरिक संगठनों समुदाय के लिए ‘समान न्याय’, प्रभावित इलाकों तक मानवीय सहायता की बहाली और मणिपुर में बड़े जातीय संघर्ष के जल्द राजनीतिक समाधान की मांग कर रहे हैं.
केज़ेडसी के प्रवक्ता गिंज़ा वुअलज़ोंग ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हर कोई छह नगा बंधकों के बारे में बात कर रहा है. लेकिन लोग यह नहीं जानते कि कुकी-ज़ो समुदाय किस तरह की तकलीफ से गुजर रहा है. एनएससीएन (आईएम) और अन्य सशस्त्र समूहों के हाथों 15 कुकी-ज़ो लोगों की हत्या की गई है और हमारे 14 गांव जला दिए गए हैं. हमने नगा बंधकों की हत्या की निंदा की है, लेकिन न्याय सबके लिए समान होना चाहिए. हम भी पीड़ित हैं.’
इससे पहले कुकी ज़ोनल काउंसिल और एक अन्य प्रभावशाली संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) के प्रतिनिधिमंडलों ने केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर मामलों के वार्ताकार अजीत लाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित से मुलाकात की थी.
दोनों संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कुकी बहुल क्षेत्रों में लगातार बिगड़ती मानवीय और सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई.
‘केंद्र सरकार से तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग’
केआईएम के अध्यक्ष च. अजांग खोंगसाई ने कहा, ‘हमने भारत सरकार से मांग की है कि वह कुकी-ज़ो लोगों के जीवन, संपत्ति और पैतृक भूमि की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करे, हत्याओं और गांवों को जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराए, भोजन, दवाइयों और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बहाल करे और स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए निर्णायक संवैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाए.’
गौरतलब है कि 2 जुलाई को मणिपुर के कामजोंग जिले में कुकी और नगा सशस्त्र समूहों के बीच हुई झड़पों के बाद हिंसा फिर भड़क उठी थी. भारत-म्यांमार सीमा से लगे गांवों में 30 से अधिक घरों में आग लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं.
हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए, लेकिन कुकी और नगा संगठनों ने अलग-अलग बयान जारी किए और एक-दूसरे समुदाय के सशस्त्र समूहों पर सुनियोजित हमले करने का आरोप लगाया.
