राम मंदिर कवरेज सबूत है कि मीडिया ही मोदी सरकार की सबसे मज़बूत प्रचारक है

वीडियो: न्यूज़ चैनलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर छवि की अपडेट दी जा रही है. मीडिया अपना पूरा पैसा लगाकर नरेंद्र मोदी को हिंदू हृदय सम्राट के तौर में भारत के हर व्यक्ति के मानस में पहुंचाने में लगा हुआ है. धूप से लेकर के अगरबत्ती की अपडेट दी गई. टीवी चैनलों की अयोध्या कवरेज पर अजय कुमार का नज़रिया.

भारत-मालदीव विवाद की जड़ कहां है?

मालदीव के मंत्रियों द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को लेकर की गईं अपमानजनक टिप्पणियां कोई फौरी प्रतिक्रिया थीं या इनकी वजह कहीं गहरी है?

अडानी-हिंडनबर्ग केस में कोर्ट का फ़ैसला न्याय है या कॉरपोरेट-राजनीति के गठजोड़ को मिली दोषमुक्ति?

हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी समूह पर लगे आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सेबी को बेदाग़ बताया गया है, जबकि समूह पर लगे आरोपों को लेकर सवाल सेबी के नियामक के बतौर कामकाज पर भी हैं. 

आमदनी, बेरोज़गारी, ग़रीबी, महंगाई, जीडीपी, एमएसपी पर 2023 में कैसी रही मोदी सरकार की नीति?

वीडियो: साल 2023 में आमदनी, बेरोज़गारी, ग़रीबी, महंगाई, जीडीपी, खेती-किसानी, एमएसपी पर मोदी सरकार की अर्थनीति क्या रही है? द वायर के अजय कुमार बता रहे हैं कि देश की सत्ता पर क़रीब 10 साल से क़ाबिज़ मोदी सरकार के तहत ज़्यादातर लोगों के जीवन में कोई बड़ा बुनियादी बदलाव नहीं आया है.

छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य की तबाही में मोदी, अडानी, कांग्रेस सब शामिल

वीडियो: छत्तीसगढ़ के जैव-विविधता वाले हसदेव अरण्य में खनन गतिविधियों को लेकर यहां के मूल आदिवासी समुदाय लंबे समय से विरोध करते रहे हैं. हसदेव अरण्य एक घना जंगल है, जो 1,500 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. यह क्षेत्र राज्य के आदिवासी समुदायों का निवास स्थान है. इस जंगल के नीचे अनुमानित रूप से पांच अरब टन कोयला दबा है.

ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का हालिया फैसला क्या न्यायसंगत कहा जा सकता है?

ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिकाएं ख़ारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू पक्ष की मस्जिद परिसर में मंदिर बहाली की याचिकाएं उपासना स्थल क़ानून के आधार पर ख़ारिज नहीं की जा सकतीं. हालांकि, एक सच यह है कि उपासना स्थल अधिनियम इसी तरह के मामलों से बचने के लिए लाया गया था.

क्यों अलग है उत्तर और दक्षिण भारत का राजनीतिक मिजाज़?

बीते दिनों आए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर भारत और दक्षिण भारत के लोगों और उनके प्रतिनिधि चुनने की प्राथमिकताओं पर लंबी बहस चली, तमाम सवाल उठाए गए. क्या वजह है कि इन क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मिजाज़ में इतना अंतर है?

कौन हैं कारोबारी सज्जन जिंदल, जिन पर बलात्कार का केस दर्ज हुआ है

एक महिला की शिकायत पर जेएसडब्ल्यू समूह के प्रमुख सज्जन जिंदल के ख़िलाफ़ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है. महिला के वकीलों के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने महिला की शिकायत को क़रीब सालभर लटकाया, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का जाना पड़ा. कोर्ट जाने के बाद ही उनकी एफआईआर दर्ज हुई.

धीरज साहू की करोड़ों रुपये की काली कमाई पर कांग्रेस, भाजपा और ओडिशा सरकार का पाखंड

वीडियो: बीते दिनों झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के परिवार के स्वामित्व वाले ओडिशा की शराब कंपनी के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई के तहत आयकर विभाग ने उनसे संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की थी. इन ठिकानों से 350 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम बरामद हुई है. इस घटना के बाद कांग्रेस अन्य दलों के निशाने पर आ गई है.

संसद की सुरक्षा में चूक या भारत की भीषण बदहाली: बड़ा सवाल क्या है?

वीडियो: उन नौजवानों की ज़िंदगी और परिवारवालों की बात, जिन्होंने बीते 13 दिसंबर को संसद में घुसकर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध जताया. द वायर के अजय कुमार बता रहे हैं कि इस पूरे मामले को केवल संसद की सुरक्षा में चूक तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए, बल्कि नौजवानों कहानी बताती है कि यह मामला भारत की भीषण बदहाली से जुड़ा हुआ है.

क्या अब जैसा मोदी सरकार चाहेगी वैसा होगा चुनाव आयोग?

वीडियो: शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा ने बीते 12 दिसंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) विधेयक 2023 पारित कर दिया. इसका उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के लिए नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यालय को विनियमित करना है. साथ ही आयोग के कामकाज की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करना है.

अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कैसे समझा जाए?

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के तरीके को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने के फैसले की बारीकियां समझने के लिए ज़रूरी है कि यह समझा जाए कि अनुच्छेद 370 था क्या और इसे हटाया कैसे गया.

कांग्रेस का सॉफ्ट हिंदुत्व धर्मनिरपेक्षता के लिए हिंदुत्व जितना ही घातक है

हिंदुत्व की पूरी पिच भाजपा की तैयार की हुई है. इस पर हाथ-पांव मारने की बेचैन कोशिश में तात्कालिक लाभ होता दिख सकता है, पर दूरगामी परिणाम देखा जाए तो इसके फायदे के बजाय नुक़सान ही ज़्यादा नज़र आते हैं.

क्या यूपी सरकार द्वारा हलाल सर्टिफाइड उत्पादों पर बैन दुर्भावना से प्रेरित है?

बीते महीने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जन स्वास्थ्य का हवाला देते हुए हलाल सर्टिफिकेट के साथ बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी. हालांकि, ऐसे उत्पाद में क्या ग़लत है, स्वास्थ्य की दृष्टि से क्या नुकसान हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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