कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में उन पर आरोप लगाए. ओम बिरला ने 5 फरवरी को सदन में कहा था कि उन्होंने पीएम को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए सदन में न आने की सलाह दी थी, क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि कांग्रेस की महिला सांसद पीएम की सीट के पास इकट्ठा थीं और कोई अप्रिय घटना हो सकती
गांधी स्मारक निधि का बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा की कर्नाटक इकाई ने एक विज्ञापन जारी किया, जिसमें गांधी को कांग्रेस नेताओं को डराने के लिए हाथ में लाठी पकड़े दिखाया गया है. संस्था ने कहा कि गांधी को पार्टी राजनीति के हिसाब से ग़लत तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे ग़लत संदेश जाने का ख़तरा है.
हिमंता बिस्वा शर्मा भाजपा में शामिल होने के बाद कई कट्टर आरएसएस कार्यकर्ताओं से भी ज़्यादा आक्रामक और मुस्लिम विरोधी हो चले है. उन्होंने अपने संवैधानिक पद का इस्तेमाल नफ़रती भाषणों के लिए किया है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज के समय में जाति केवल राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मौजूद है, क्योंकि उसका पारंपरिक पेशागत आधार अब ख़त्म हो चुका है. समाज के मन में जातिवाद है, इसलिए राजनेता जाति को उछालते हैं.
भाजपा की असम इकाई द्वारा पोस्ट वीडियो में सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा को मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था. व्यापक निंदा के बाद इस वीडियो को हटा लिया गया है. कांग्रेस नेताओं ने वीडियो को ‘संविधान के सीने पर गोली’ क़रार दिया है.
मध्य प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री और भाजपा नेता करण सिंह वर्मा ने सीहोर ज़िले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने वाली ‘लाड़ली बहनों’ के नाम लाभार्थियों की सूची से हटाने की धमकी दी. उन्होंने कहा कि वह सीईओ से कहेंगे कि गांव की सभी लाभार्थियों को एक दिन बुलाया जाए और जो नहीं आएं, उनके नाम सूची से हटा दिए जाएं.
बिहार चुनाव के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंची जन सुराज पार्टी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार ने वोटरों को लुभाने के लिए कल्याणकारी योजना का ग़लत इस्तेमाल किया. हालांकि शीर्ष अदालत ने इस पर सुनवाई से इनकार करते हुए चुनाव हारने के बाद न्यायिक मंच का सहारा लेने की कोशिश को लेकर पार्टी को फटकार लगाई.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्तराखंड के हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है और भारत को अपनी सनातन परंपरा पर गर्व है.
राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के बाद उस पर परिचर्चा और प्रधानमंत्री के जबाव देने की परंपरा है. हालांकि इस बार प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है. इस बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बुधवार को लोकसभा में अप्रत्याशित घटना हो सकती थी, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए.
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें आचार संहिता लागू होने के दौरान महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करने पर सवाल उठाया गया है. पार्टी ने बिहार चुनाव में अवैध प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की सेंसर की गई किताब में एक फोन कॉल के ज़िक्र को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. किताब के अनुसार, इस कॉल में भारत-चीन सीमा पर अत्यधिक तनाव के दौर में सेना को दिए गए राजनीतिक निर्देश महज़ ‘जो उचित समझो, वो करो’ थे. हालांकि इसके अलावा भी किताब ऐसे कई सवाल उठाती है, जिनके जवाब दिए जाना ज़रूरी है.
सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का हवाला देने से रोक दिया गया था. 4 फरवरी को उन्होंने सदन के बाहर किताब की प्रति दिखाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री सदन में आएंगे तो वे यह किताब उन्हें सौंप देंगे.
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि ‘अभूतपूर्व’ स्थिति में उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका गया. उन्होंने कहा कि यह ‘संसद के इतिहास में पहली बार’ हुआ है और यह ‘लोकतंत्र पर एक धब्बा’ है. गांधी ने पत्र में आरोप लगाया कि सरकार के कहने पर अध्यक्ष को उन्हें बोलने से रोका.
लोकसभा के बजट सत्र में लगातार दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर हंगामा हुआ और उनको भाषण पूरा नहीं करने दिया गया. इस हंगामे के बीच आठ कांग्रेस सांसदों को अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया गया. इसे लेकर कांग्रेस ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से एसआईआर के दौरान राज्य में मतदाता सूची से हटाए गए नामों के संबंध में मुलाकात की. बैठक के बाद ममता बनर्जी ने बताया कि उन्होंने इस दौरान अपमानित और आहत महसूस किया और वे मुख्य चुनाव आयुक्त का बहिष्कार करती हैं.