इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, असम, नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा के प्रमुख समाचार.
गुपकर घोषणा-पत्र गठबंधन ने जम्मू संभाग में विधानसभा की छह और कश्मीर में एक सीट बढ़ाने के परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ शनिवार को श्रीनगर में प्रदर्शन करने की बात कही थी. प्रस्तावित धरने से पहले शीर्ष नेताओं को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में अलग-अलग विरोध मार्च निकाला.
जम्मू कश्मीर स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में भगदड़ मंदिर के गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुई. नए साल की शुरुआत के मौके पर श्रद्धासुमन अर्पित करने यहां भीड़ पहुंची हुई थी. पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि कुछ युवाओं के बीच मामूली कहासुनी के कारण क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति बनी.
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर जहां 3,48,61,579 हो गए हैं, वहीं बीते 24 घंटे में 406 मरीज़ों की मौत के बाद इस महामारी के कारण जान गंवाने वालों का आंकड़ा 4,81,080 पहुंच गया है. विश्व में संक्रमण के 28.82 करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं और अब तक 54.36 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं और कट्टरपंथियों द्वारा आयोजित ‘धर्म संसद’ में कथित तौर पर मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों को ख़िलाफ़ खुलकर नफ़रत भरे भाषण दिए गए, यहां तक कि उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया. इसके बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इसी तरह का आयोजन हुआ था.
बीते 15 नवंबर को श्रीनगर के हैदरपोरा इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान तीन व्यक्तियों- व्यापारी मोहम्मद अल्ताफ़ भट, दंत चिकित्सक डॉ. मुदसिर गुल और आमिर मागरे की मौत हो गई थी. राजनीतिक दलों ने पुलिस द्वारा की गई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल उठाए थे, जिसमें इस मुठभेड़ में शामिल अधिकारियों को एक तरह से ‘क्लीनचिट’ दी गई थी.
उत्तराखंड के हरिद्वार में 17-19 दिसंबर के बीच हिंदुत्ववादी नेताओं द्वारा एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था, जिसमें मुसलमान एवं अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे भाषण देने के साथ उनके नरसंहार का आह्वान भी किया गया था. इसी तरह दिल्ली में हिंदु युवा वाहिनी के एक कार्यक्रम में सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके ने कहा था कि वह भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए ‘लड़ने, मरने और मारने’ के लिए तैयार हैं.
तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपनी मासिक पारदर्शिता रिपोर्ट में कहा कि गूगल ने उपयोगकर्ताओं की शिकायत के अलावा स्वचालित पहचान के आधार पर भी नवंबर 2021 में 3,75,468 सामग्रियों को हटाया. वहीं, फेसबुक ने भारत में नवंबर के दौरान 1.62 करोड़ से अधिक सामग्रियों पर कार्रवाई की जानकारी दी.
महात्मा गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोपी कालीचरण महाराज के समर्थन में गुड़गांव में संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति की ओर से एक मार्च निकाला गया. इस मार्च में अधिकतर वही कट्टरपंथी हिंदुत्व नेता शामिल थे, जो सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा करने का विरोध कर रहे हैं. इस दौरान ‘नाथूराम गोडसे अमर रहें’ और ‘गोडसे ने देश बचाया’ के नारे लगाए गए और हिंसा का आह्वान किया गया.
चंपावत ज़िले के एक सरकारी स्कूल की दलित रसोइए द्वारा बनाए मध्याह्न भोजन को कथित उच्च जाति के छात्रों के खाने से इनकार के बाद उन्हें काम से हटा दिया गया था. मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्हें नियुक्ति में सही प्रक्रिया का पालन न होने के चलते हटाया गया था. अब उचित प्रक्रिया के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया है.
वीडियो: उत्तर प्रदेश में इसी साल चुनाव होने वाले हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश गन्ने कि मिठास के लिए मशहूर है लेकिन ये मिठास काफ़ी समय से कम हो गई है. इसका कारण है किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर न होना. द वायर की टीम बागपत की मलकपुर चीनी मिल गई और यहाँ पर गन्ना किसानों से बातकर उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की.
घटना कठुआ की है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है. इसमें देखा जा सकता है कि दो लोग पादरी पर दबाव डाल रहे हैं कि वे 'जय श्री राम' बोलें. इसके साथ ही वे यह आरोप भी लगा रहे थे कि यह पादरी धर्मांतरण कराने में लगे हुए थे. इस आरोप को पुलिस और पीड़ित दोनों ने ख़ारिज किया है.
23 नवंबर को अजमेर ज़िले की हाई सिक्योरिटी जेल में अधिकारियों द्वारा बिना किसी सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई. इस क़दम के विरोध में क़ैदी भूख हड़ताल पर चले गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने हार मान ली.
वीडियो: भारत का संविधान 'धर्म' पर क्या कहता है? धर्म के अधिकार की क्या सीमा है? धर्मनिरपेक्षता का क्या अर्थ है और क्यों हमारे संविधान बनाने वालों ने एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना की. संविधान का अनुच्छेद 25 इस विषय पर बात करता है, जिसके बारे में विस्तार में बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.
22 दिसंबर को दिल्ली के एक होटल में ऑल-पार्टी इंडियन पार्लियामेंट्री फोरम फॉर तिब्बत के तहत कम से कम छह सांसदों ने एक डिनर में भाग लिया था, जिसमें तिब्बती प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद थे. इसे लेकर दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने सीधे सांसदों को ही पत्र लिखकर नाराज़गी ज़ाहिर की है.