पत्रकार

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: दूसरे ज़िले में ऑक्सीजन भेजने की ख़बर लिखने वाले तीन पत्रकारों को प्रशासन का नोटिस

घटना रायबरेली की है, जहां कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया था कि ज़िले में स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान 20 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन पड़ोसी ज़िले कानपुर भेजी गई. ज़िला प्रशासन ने तीन स्थानीय पत्रकारों को नोटिस जारी कर उन जानकारियों का स्रोत पूछा है, जिसके आधार पर ख़बरें लिखी गई थीं.

Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

ओडिशा ने पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड योद्धा घोषित किया

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओडिशा ने अपनी ड्यूटी करते हुए कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 15 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा. वैश्विक महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक ओडिशा में 11 पत्रकारों की जान जा चुकी है.

फेस मास्क लगाकर रिपोर्टिंग करते पत्रकार. (प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पूरे विश्व में कोविड संक्रमण से हुई पत्रकारों की मौतों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर: रिपोर्ट

जिनेवा के एक मीडिया अधिकार निकाय द प्रेस एंब्लेम कैंपेन की रिपोर्ट बताती है कि 26 अप्रैल तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना संक्रमण से कम से कम 107 पत्रकारों की मौत हुई है और इस तरह से भारत केवल ब्राज़ील (181 मौतें) और पेरू (140 मौतें) से पीछे है. रिपोर्ट के मुताबिक़ बीते दो हफ़्तों में भारत के 45 पत्रकारों की मौत हुई है.

(फोटो: पीटीआई)

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, प्राथमिकता के आधार पर हो टीकाकरण: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव आदि मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक ख़बरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो. समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है, इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए.

राजेश कुंडु. (फोटो: फेसबुक/RajeshRudraKundu)

हरियाणा: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पत्रकार के ख़िलाफ़ ‘साइबर-आतंकवाद’ का मामला दर्ज

एक समाचार पोर्टल चलाने वाले हिसार के पत्रकार राजेश कुंडू को ज़िले में हिंसा होने की आशंका संबंधी पोस्ट करने पर हरियाणा पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पत्रकारों समेत विपक्षी दलों ने इसका विरोध करते हुए मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की है.

New Delhi: AIUDF (All India United Democratic Front) leader Badruddin Ajmal at Parliament House during its Monsoon session, in New Delhi on Wednesday, August 1, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_1_2018_000150B)

दक्षिणपंथी समूह ने एआईयूडीएफ प्रमुख द्वारा भारत को ‘इस्लामी राष्ट्र’ बनाने के दावे की झूठी ख़बर चलाई

भाजपा समर्थक एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा एआईयूडीएफ के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल के पुराने भाषण को प्रसारित करते हुए अजमल के ‘इस्लामिक राष्ट्र’ बनाने की बात कहने का दावा किया जा रहा है. साल 2019 में यूट्यूब पर अपलोड किए भाषण के मूल वीडियो में वे इस दावे के बिल्कुल विपरीत बात कह रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी के 48 घंटे के अंदर पलटी पुलिस, कहा- उन्हें फंसाया गया था

झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में एक आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार को पुलिस ने अफ़ीम और ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ़्तार करने के बाद उनके इक़बालिया बयान भी ले लिया था. 48 घंटे बाद पुलिस ने कार्यकर्ता को फंसाने की साज़िश के आरोप में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फाइल फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुरः उग्रवादी समूहों से धमकी के बीच पत्रकार हड़ताल पर, नहीं छपे अख़बार

एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी बार है, जब मणिपुर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और ख़बरों का प्रसारण नहीं हुआ. छह दिन पहले भी इसी तरह का विरोध जताया गया था, जब इम्फाल से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय अख़बार को आतंकी समूह ने धमकी दी थी.

प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो साभार: इम्फाल फ्री प्रेस)

मणिपुर: अख़बार को धमकी मिलने के बाद मीडिया संस्थानों ने काम बंद किया

मणिपुर के एक स्थानीय अखबार पोकनाफाम को बंद किए जाने की धमकी मिलने के बाद विरोध के तौर पर यहां के मीडिया संस्थानों ने शुक्रवार से 48 घंटे तक काम न करने का निर्णय लिया है. बीते 13 फरवरी को इसी अख़बार के दफ़्तर पर अज्ञात हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था.

सऊदी अरब के शहज़ादे मोहम्मद बिन सलमान और पत्रकार जमाल ख़शोगी. (फोटो रॉयटर्स/विकिपीडिया)

सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पत्रकार ख़शोगी की हत्या की मंज़ूरी दी थी: अमेरिकी रिपोर्ट

पत्रकार जमाल ख़शोगी की दो अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी. वह अमेरिका के वैध स्थायी निवासी थे और ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ अखबार में लेख लिखते थे और क्राउन प्रिंस की नीतिओं के कटु आलोचक थे.

पत्रकार सज्जाद गुल (फोटोः विशेष अरेंजमेंट)

कश्मीरः अवैध निर्माण हटाने की ख़बर पर तहसीलदार ने पत्रकार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाई

बांदीपोरा के स्वतंत्र पत्रकार सज्जाद गुल ने एक तहसीलदार द्वारा एक गांव में कथित अवैध निर्माण हटाने और ग्रामीणों के प्रशासन पर प्रताड़ना के आरोप पर एक रिपोर्ट लिखी थी. गुल ने कहा कि इसके बाद तहसीलदार ने बदले की भावना से उनकी संपत्ति में तोड़फोड़ की और उन पर मामला दर्ज करवाया.

मणिपुरी अखबार पोकनाफाम के कार्यालय पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. (फोटो साभार: ट्विटर @iju_india)

मणिपुर: अख़बार के दफ़्तर पर हमले के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने काम बंद किया, अख़बार-टीवी प्रसारण बंद रहे

बीते 13 फरवरी की शाम को इंफाल पश्चिम ज़िले के कीशामपाट थियाम लीकाई में पोकनाफाम अख़बार के दफ़्तर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की कि राज्य में प्रेस के स्वतंत्र रूप से काम करना सुनिश्चित किया जाए.

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मीडिया बोल: टीवी-टीआरपी-ट्विटर विवाद और न्यूज़क्लिक पर सौ घंटे लंबी छापेमारी

वीडियो: बीते दिनों कई संपादकों-पत्रकारों पर आपराधिक मामले ठोंके गए, गिरफ़्तारी बचने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. इस बीच स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल न्यूज़क्लिक पर ईडी अभूतपूर्व छापेमारी की ख़बर आई. इसी विषय पर दो वरिष्ठ पत्रकारों डॉ. मुकेश कुमार और टीके राजलक्ष्मी से उर्मिलेश की बातचीत.

(सिद्धार्थ वरदराजन, द वायर का लोगो और इस्मत आरा)

उत्तर प्रदेशः अदालत ने द वायर के संपादक और रिपोर्टर की गिरफ़्तारी पर रोक लगाई

26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के दौरान जान गंवाने वाले एक प्रदर्शनकारी के परिवार के दावों को लेकर द वायर की इस्मत आरा ने एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसे ट्विटर पर साझा करने के बाद द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ रामपुर में एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई और मृणाल पांडेय. (फोटोः पीटीआई)

किसान आंदोलनः सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई और अन्य की गिरफ़्तारी पर रोक लगाई

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान असत्यापित ख़बरें प्रसारित करने के आरोप में कांग्रेस नेता शशि थरूर, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडेय और चार अन्य पत्रकारों के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.